सयानी घोष की जीवनी (Sayoni Ghosh Biography in Hindi) – PoliTalks News

Sayoni Ghosh Biography in Hindi – इस लेख में हम आपको मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सयानी घोष की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.
Sayoni Ghosh Latest News – सयानी घोष तृणमूल कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा हैं, जबकि वर्तमान में, वह ‘जादवपुर संसदीय क्षेत्र’ से पार्टी की सांसद हैं. घोष का विवादों से पुराना नाता रहा है. चाहे ‘शिवलिंग पर कंडोम रखे जाने की तस्वीर’ वाली पोस्ट हो या फिर ‘2022 के पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग भर्ती’ घोटाले हो या फिर भाजपा की रैली पर जाकर उत्पात मचाना, हिंसा भड़काना हो. अब यही कारण है कि उन्हें बंगाल की दूसरी ममता बनर्जी के नाम से पुकारा जाता है. राजनीति में आने से पहले घोष बंगाल की जानी-मानी अभिनेत्री भी रही है. उन्होंने कई बंगाली फिल्मो के साथ ही टीवी सीरियल में भी काम किया है. इस लेख में हम आपको मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सयानी घोष की जीवनी (Sayoni Ghosh Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
सयानी घोष का जन्म 27 जनवरी 1993 को पश्चिम बंगाल कोलकाता में हुआ था. उनके पिता का नाम समर घोष और माता का नाम सुदीपा घोष है.
वह अभी अविवाहित हैं.  सयानी घोष धर्म से हिन्दू है.  उनपर 1 आपराधिक मुकदमा दर्ज है.
सयानी घोष ने पश्चिम बंगाल के हिरेंद्र लीला पार्ट्रानाविस स्कूल से भारतीय विद्यालय प्रमाण पत्र परीक्षा बोर्ड (आईसीएसई) से 2011 में 12वीं तक की पढाई की है.
सयानी घोष पेशे से अभिनेत्री है. उनकी अभिनय की शुरुआत टेलीफिल्म सीरियल ‘इच्छे दाना’ से हुई और फिर इसी के बाद उन्होंने बड़े पर्दे पर पर भी अपना कमाल दिखाया. बड़े पर्दे पर उनकी पहली फिल्म ‘नोटोबोर नोटआउट’ आयी. हालांकि इसमें उनकी बहुत छोटी सी भूमिका थी. इसके बाद घोष ने राज चक्रवर्ती की फिल्म ‘शोतरु’ में कुछ बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया. समय बदला और बड़े पर्दे के अभिनेता और अभिनेत्री को दर्शको से जुड़ने के लिए छोटे पर्दे का अधिक सहारा लेना पड़ा. इसी कड़ी में घोष ने भी बड़े पर्दे से छोटे पर्दे पर आना अधिक उचित समझा और फिर उन्होंने राज चक्रवर्ती के दैनिक धारावाहिक ‘प्रलय आशे’ में एक बेफिक्र पत्रकार की भूमिका निभाई. उन्होंने ‘कनामाची’, ‘अंतराल’, ‘एकला चलो’, ‘अमर सहोर’, ‘ बिटनून’, ‘मेयर बिये’, ‘राजकहिनी’ जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएँ निभाई हैं. वर्ष 2013 और 2014 में सयानी घोष ने जलशा मूवीज के लिए लाइव टेलीकास्ट के दौरान कलकत्ता फुटबॉल लीग की सह-मेजबानी भी की थी.
सयानी घोष ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रखर नेत्री हैं. बंगाल में उन्हें ‘दूसरी ममता बनर्जी’ अर्थात ममता बनर्जी के समान का विकल्प भी कहा जाने लगा है. सयानी घोष की राजनीतिक यात्रा अधिक पूरानी नहीं है. बांग्ला फिल्म अभिनेत्री सयानी घोष ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में 24 फरवरी 2021 को शामिल हुईं. यह वह समय था जब बंगाल में विधानसभा के चुनाव होने थे और ममता बनर्जी ने एक बार फिर से बंगाल चुनाव जीतने की ठानी थी. इसलिए उन्होंने वही दांव अपनाया जो दशकों से राजनीतिक पार्टियां करती रही है. लोगो को फिल्म, क्रिकेट या अन्य खेल जगत के लोग ज्यादा पसंद होते है और वे जनता के बीच पहले से ही चर्चित होते है. ऐसे में पार्टियों के लिए उस सीट पर जीत अधिक आसान होती है, जिसपर उन्हें टिकट दिया जाएँ. ऐसा ही दांव ममता बनर्जी ने भी अपनाया और सयानी घोष को 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ‘आसनसोल दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र’ से तृणमूल कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित किया पर ममता का दांव काम नहीं आया. सयानी घोष अपने पहले चुनाव में हार गई. मार्च 2021 में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा की उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने लगभग पांच हजार मतों के अंतर से पराजित किया. दरअसल अग्निमित्रा पॉल भी ग्लैमर की दुनियां में अपना स्थान रखती है.
बंगाल की विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी सयानी घोष के प्रति ममता बनर्जी का विश्वास कम नहीं हुआ. उन्हें मालुम था, वोट हासिल करने के लिए ग्लैमर सबसे अच्छा हथियार है और उसपर से, जब वह युवा स्त्री हो तो फिर बात ही कुछ और हो जाती है. इसी बात का ध्यान रखते हुए ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को पद से हटाए जाने के बाद, जून 2021 में सयानी घोष को तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया. इस पद के बाद वह पार्टी की आंतरिक गतिविधि का हिस्सा बन गई. 30 जून 2023 को पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सयानी घोष से 11 घंटे तक पूछताछ की.
अप्रैल 2024 में हुए 18वीं लोकसभा के आम चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उन्हें ‘जादवपुर लोकसभा क्षेत्र’ से उम्मीदवार बनाया. अपने पहले ही चुनावी प्रयास में सयानी घोष, लोकसभा सदस्य चुनी गई. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनिर्बन गांगुली को 2,58,201 वोटों के अंतर से पराजित किया. इस चुनाव में सयानी घोष को कुल 7,175,899 हासिल हुए जबकि उनके विरोधी को 4,59,698 आये. वर्तमान में, सयानी घोष बंगाल के जादवपुर लोकसभा क्षेत्र से टीएमसी की सांसद है.
सयानी घोष और विवाद, एक दूसरे के समानार्थी है. वह हिन्दू देवी-देवता पर विवादित टिप्पणी करने से लेकर आपत्तिजनक बयान देने के लिए जानी जाती है. वर्ष 2021 में सयानी घोष के ट्विटर अकाउंट (आज का X) पर फरवरी 2015 का एक पुराना ट्वीट वायरल हुआ, जिसमें शिवलिंग पर कंडोम रखे जाने की तस्वीर थी और कमाल की बात यह थी कि यह ट्वीट ठीक उसी समय की गई थी जब महाशिवरात्रि का महापर्व आता है. इसपर देशभर में लोगो का गुस्सा सातवें स्थान पर था. इस विवादित पोस्ट को लेकर त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने सयानी घोष पर कोलकाता  पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.
इसके अलावे उसका नाम घोटाले में भी आ चुका है. वर्ष 2022 पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग भर्ती घोटाले में संलिप्तता के कारण प्रवर्तन निदेशालय ने सयानी से कई दौर की पूछताछ की. इसके अलावे वह धार्मिक भावना भड़काने और आपत्तिजनक भाषा प्रयोग करने के कारण भी विवाद में रही है. इसी कड़ी में 21 नवंबर 2021 को बंगाल के अगरतला में टीएमसी के लिए प्रचार के दौरान सयानी पर हत्या के प्रयास और गुटों के बीच दुश्मनी भड़काने का आरोप लगा. घोष ने अपने साथियों के साथ मिलकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, भीड़ पर पत्थर फेंके और उपस्थित लोगों में दहशत फैलाई. जिसके बाद, उसे तत्काल अरेस्ट कर लिया गया था.
2024 के लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार सयानी घोष की कुल संपत्ति 91 करोड़, 89 लाख रूपये हैं, जबकि उनपर 59 लाख का कर्ज भी है.
इस लेख में हमने आपको मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सयानी घोष की जीवनी (Sayoni Ghosh Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.

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