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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को हंगामे के बीच बड़ा सियासी ऐलान हो गया. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा.
दरअसल, राजस्व घाटा अनुदान पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और कुल्लू के कांग्रेस विधायक सुंदर ठाकुर के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. आरोप है कि बहस के दौरान कुछ व्यक्तिगत टिप्पणियां भी की गईं, जिससे सदन का माहौल गरमा गया और कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित हो गई.
इसी बीच मुख्यमंत्री सुक्खू, जो शुरुआत में सदन में मौजूद नहीं थे, हंगामे की खबर मिलते ही लौटे और हस्तक्षेप किया. उन्होंने ऐलान किया कि सुंदर ठाकुर को जल्द मंत्री बनाया जाएगा और इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष को लोक भवन में होने वाले कार्यक्रम में आमंत्रित भी किया जाएगा. उनके इस बयान के बाद माहौल शांत हुआ और कार्यवाही सामान्य हो सकी. विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बहस के दौरान की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाने के निर्देश भी दिए.
संतुलन साधने की कोशिश
अब सुंदर सिंह ठाकुर के मंत्री बनने की घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है कि क्या यह सिर्फ एक ही नाम तक सीमित रहेगा या फिर बड़ा कैबिनेट फेरबदल भी हो सकता है. साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि उन्हें कौन सा विभाग सौंपा जाएगा.
इस फैसले को मंडी संसदीय क्षेत्र में क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. मंडी लोकसभा क्षेत्र में 17 विधानसभा सीटें आती हैं. फिलहाल इस पूरे इलाके से सिर्फ एक मंत्री हैं, जो ऊपरी हिमाचल के आदिवासी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. कुल्लू जिला परंपरागत रूप से हर सरकार में कैबिनेट में प्रतिनिधित्व पाता रहा है, लेकिन इस बार वहां से कोई मंत्री नहीं था. कई राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इसी वजह से कांग्रेस की पकड़ कमजोर हुई.
2024 लोकसभा चुनाव में मंडी संसदीय क्षेत्र की 17 में से 13 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस बीजेपी से पीछे रही थी. इस सीट से बीजेपी की उम्मीदवार कंगना रनौत ने जीत दर्ज की थी.
कुल्लू में कांग्रेस को मजबूती देने की कोशिश
सुंदर सिंह ठाकुर को कैबिनेट में शामिल करना कांग्रेस की रणनीतिक चाल मानी जा रही है. वह मौजूदा सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रह चुके हैं. उनके कार्यकाल में बिजली महादेव रोपवे परियोजना के लिए वन मंजूरी की प्रक्रिया तेज हुई. सरवरी से पीज तक रोपवे परियोजना पर काम शुरू हुआ. लुग वैली के पीज में नया पैराग्लाइडिंग साइट भी शुरू किया गया.
इसके अलावा बर्शैणी से खीरगंगा रोपवे प्रस्ताव, ईको-ट्रेल, ईको-कार्ट और घुड़सवारी ट्रेल जैसे इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स को भी प्राथमिकता दी गई.
पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान पर फोकस
हिमाचल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन अहम भूमिका निभाता है. सुंदर ठाकुर ने कुल्लू दशहरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में काम किया. सांस्कृतिक झांकियां और कार्निवाल की शुरुआत कराई, अंतरराष्ट्रीय कलाकारों और सांस्कृतिक दलों को जोड़ा गया.
साथ ही, कुल्लू नगर परिषद को निर्देश दिए गए कि क्रिसमस और नए साल के मौके पर कुल्लू कार्निवाल आयोजित किया जाए, ताकि सर्दियों में भी पर्यटकों की संख्या बढ़े.
पहले से थी अटकलें
सुंदर ठाकुर के मंत्री बनने की चर्चा पहले से चल रही थी. हाल ही में छह पूर्व मुख्य संसदीय सचिवों में से पांच को विधानसभा समितियों में जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन सुंदर ठाकुर को कोई पद नहीं मिला था. इसे तब से ही उनके कैबिनेट में शामिल होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा था.
पिछले साल क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता बुद्धि सिंह ठाकुर को हिमाचल मिल्कफेड का चेयरमैन बनाया गया था. मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के पांच विधायक हैं, जिनमें दो कुल्लू जिले से आते हैं. ऐसे में सरकार ने अब कुल्लू को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व देकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है. अब सबकी नजर इस पर है कि सुंदर सिंह ठाकुर को कौन सा विभाग मिलता है और क्या आने वाले दिनों में कैबिनेट में और भी बदलाव देखने को मिलेंगे.
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