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यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. बाराबंकी जिले के कुर्सी थाने से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे पुलिस महकमे की छवि धूमिल कर दी. दरअसल, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह में पुलिस ने जिस शख्स को मुख्य अतिथि बनाकर बुलाया और सम्मानित किया, वह कोई समाजसेवी नहीं बल्कि आपराधिक मामलों में जेल जा चुका आरोपी मोहम्मद निजाम था.
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद निजाम टिकैतगंज का रहने वाला है. इसी साल मार्च में बड्डूपुर पुलिस ने उसे दो अवैध तमंचों और तीन जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था. जेल भेजे गए इसी आरोपी को कुर्सी थाने में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया. तस्वीरों में आरोपी मंच पर थाना प्रभारी अनिल सिंह को मोमेंटो भेंट करते और पुलिसकर्मी उसके साथ सेल्फी खिंचवाते नजर आए.
जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, पुलिस विभाग की भारी फजीहत होने लगी. लोग गिरफ्तारी के वक्त की फोटो और सम्मान समारोह की तस्वीर को जोड़कर बाराबंकी पुलिस की कार्यशैली पर तंज कसने लगे. मामला तूल पकड़ते ही आलाधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी.
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि आरोपी के साथ सेल्फी लेने वाले सिपाही नरेंद्र यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया है. इसके अलावा 10 अन्य पुलिसकर्मियों को चौकी से हटाकर थाने में अटैच किया गया है. हालांकि, थाना प्रभारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर कोई बड़ी कार्रवाई न होने से सवाल और तेज हो गए हैं.
इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल बाराबंकी पुलिस की साख पर धब्बा लगाया है. आम जनता यह सवाल उठा रही है कि जिस आरोपी को हथकड़ी पहनाई गई थी, उसी को पुलिस ने सम्मानित कर दिया. फिलहाल, पुलिस महकमे में इस घटना को लेकर खलबली मची हुई है.
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