यमुनानगर में छत ढही, सिरसा के स्कूलों में छुट्‌टी: हथिनीकुंड बैराज के फ्लड गेट खोले, मंत्री गंगवा बोले- इंद… – Dainik Bhaskar

मौसम विभाग ने हरियाणा में मंगलवार सुबह साढ़े 8 बजे तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। जिसके बाद सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर रखा है। पब्लिक हेल्थ के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की जा चुकी हैं। हिसार में मंत्री रणबीर गंगवा ने जनता को संबोधि
वहीं आज (1 सितंबर) अंबाला, फरीदाबाद, रेवाड़ी, झज्जर, पंचकूला और कुरुक्षेत्र के पिहोवा में बारिश हुई।
यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज पर रात 2 बजे 1 लाख 5 हजार क्यूसेक पानी आने के बाद सभी फ्लड गेट खोलने पड़े। सोमवार सुबह 9 बजे जलस्तर 3 लाख 29 हजार दर्ज किया गया। इसे देखते हुए प्रशासन ने दिल्ली को अलर्ट कर दिया है। दिल्ली के निचले इलाकों में पानी भर सकता है।
उधर, सिरसा में देर रात 2 मकानों की दीवारें गिर गईं। यहां एक माइनर टूट गई। इससे 50 एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। इसके अलावा यमुनानगर में एक मकान की छत गिर गई। हादसे में चार लोग बाल-बाल बच गए। कैथल के सोंगल गांव में घरों में पानी घुस गया। नारनौल में प्राइवेट स्कूल में पानी भर गया। हालातों को देखते हुए सिरसा के स्कूलों में छुट्‌टी कर दी गई। अंबाला में सड़क किनारे पेड़ गिर गया।
हथिनीकुंड बैराज में रिकॉर्ड पानी, यमुना से दूर रहने की चेतावनी हथिनीकुंड बैराज पर सुबह 9 बजे जलस्तर 3 लाख 29 हजार क्यूसेक पहुंच गया, जो कि इस सीजन में सबसे अधिक है। जिसके बाद सभी फ्लड गेट खोल दिए गए हैं। प्रशासन ने बाढ़ का अलर्ट घोषित कर दिया है। इसके साथ ही सायरन बजाकर लोगों को चेतावनी भी दी है कि वह यमुना से दूर रहें। प्रशासन ने यमुना किनारे के गांवों को अलर्ट करते हुए कहा है कि कोई भी यमुना के किनारे न जाएं। अपने पशुओं को भी चराने न ले जाएं। वहीं, दिल्ली सरकार को कहा गया है कि निचले इलाकों को खाली करवा लिया जाए।
हिसार में भाखड़ा की नहर टूटी, 100 एकड़ जमीन में जलभराव हिसार जिले के बालसमंद में भाखड़ा नहर से आती बासड़ा नहर टूट गई है। इस बारे में स्थानीय किसान राजकुमार ने बताया कि नहर टूटने से करीब 100 एकड़ जमीन में जलभराव हो गया है। बासड़ा माइनर टूटने से बालसमंद, सरसाना और बासड़ा के किसानों के खेतों में जलभराव से फसल खराब हुई है। इससे पहले भी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से किसानों की फसल खराब हुई है।
बाहर की तरफ दीवार गिरने से बचा परिवार सिरसा जिले में डबवाली के रिसालिया खेड़ा और पक्का गांव में रात 12 बजे 2 मकानों की दीवारें गिर गईं। इस दाैरान कमरे में सो रहे परिवार बाल-बाल बच गए। दीवार बाहर की तरफ गिरी, अगर अंदर की तरफ गिरती तो परिवार को जानी नुकसान हो सकता था। वहीं सुबह राजपुरा माइनर टूट गई, जिससे 50 एकड़ से ज्यादा एरिया में फसल जलमग्न हो गई।
प्रदेश में नदियों की क्या स्थिति…
यमुना उफान पर, ग्रामीणों में चिंता हथिनीकुंड बैराज से छोड़े पानी के बाद यमुना के आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट है। इनमें यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत और फरीदाबाद शामिल हैं। यमुनानगर में यमुना नदी के किनारे लापरा, छोटा लापरा, टापूमाजरी, गोड़ो पिपली, दराजपुर, टापू कमालपुर, जठलाना समेत अन्य गांव पड़ते हैं, जिनमें यमुना नदी के पानी का प्रभाव रहता है। फिलहाल इन गांवों में स्थिति सामान्य है, लेकिन यमुना के उफान पर होने पर ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है। बाकी जिलों में लोगों को यमुना से दूर रहने के लिए कहा गया है।
मारकंडा खतरे के निशान से 1 मीटर नीचे, SDRF बुलाई कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी में करीब 18 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। शाहाबाद में मारकंडा खतरे के निशान 256 मीटर से करीब 1 मीटर नीचे बह रही है। कल तक मारकंडा में 28 से 34 हजार क्यूसेक पानी आने की आशंका है। हिमाचल के काला अंब में तैनात गेज रीडर कश्मीर सिंह ने बताया कि सिरमौर, नाहन और काला अंब में 2 दिन लगातार बारिश की चेतावनी है।
यहां से मारकंडा में सुबह 43 हजार क्यूसेक के आसपास पानी छोड़ा है। 2 दिन पहले भी मारकंडा ओवरफ्लो हो चुकी है। तब एक गांव कठवा में पानी घुस गया और 7 गांवों में अलर्ट रहा। हालात को देखते हुए शाहाबाद में स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम बुला ली गई है।
टांगरी नदी में पानी सामान्य लेकिन ओवरफ्लो हो चुकी अंबाला में बहती टांगरी नदी में अभी 10 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। इस नदी की पानी की क्षमता 15 हजार क्यूसेक है। इसके आसपास के इलाकों में अलर्ट है। खासकर, बारिश हुई तो टांगरी में फिर पानी बढ़ सकता है। यह हालात 3 दिन पहले दिख चुके हैं जब टांगरी नदी में 36 हजार क्यूसेक पानी आ गया था। इससे 17 कॉलोनियों में घर डूब गए थे। लोगों को घर छोड़कर भी जाना पड़ा था। हालांकि 24 घंटे के भीतर ही इसका पानी कम हो गया था क्योंकि उस वक्त बारिश नहीं हो रही थी।
घग्गर डेंजर लेवल पर बह रही प्रदेश में घग्गर नदी का असर पंचकूला, सिरसा, फतेहाबाद, कैथल के इलाकों में है। जिसमें नदी से निकलती नहरें भी शामिल हैं। सिरसा में घग्गर लगातार 2 दिन से डेंजर लेवल पर बह रही है। कैथल के गुहला चीका क्षेत्र में घग्गर में 21 फीट तक पानी बह रहा है। यहां घग्गर में 23 फुट पर खतरे का निशाना बनाया गया है।
इसे लेकर प्रशासन के अधिकारी भी समय-समय पर मौके पर जाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। फतेहाबाद जिले के गांव चांदपुरा में घग्गर नदी पर बने साइफन में जलस्तर बढ़ गया है। यहां 22 हजार क्यूसेक पानी की क्षमता है। फिलहाल करीब 12500 क्यूसेक पानी बह रहा है।
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