Zoho Arattai App: भारत की स्वदेशी मैसेजिंग ऐप ‘अरट्टै’ ने प्रमुख ग्लोबल प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए ऐप स्टोर रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। जोहो द्वारा 2021 में लॉन्च किया गया अरट्टै (‘गपशप’ या ‘आम बातचीत’) को हाल तक एक एक्सपेरिमेंटल प्रोजेक्ट माना जाता था लेकिन डेटा प्राइवेसी, ग्लोबल निगरानी और टेक कंट्रोल को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, अरट्टै ‘स्पाइवेयर-फ्री, भारत में बनी’ मैसेंजर के तौर पर भारतीयों में पहचान बना रही है।
इस गति को तब और बल मिला जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्थानीय डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता देने का आग्रह किया और अरट्टै का भी उल्लेख किया साथ ही, विवेक वाधवा जैसे टेक हस्तियों ने इसे आजमाया और इसकी तारीफ करते हुए इसे मैसेजिंग अनुभव के मामले में “भारत का व्हाट्सएप किलर” तक कहा…
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अरट्टै एक भारतीय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप है। इस ऐप को जोहो कॉर्पोरेशन द्वारा बनाया गया है। यह WhatsApp जैसी विदेशी कंपनियों के एक विकल्प के तौर पर मौजूद हैं। इस ऐप के जरिए चैटिंग, ऑडियो-वीडियो कॉल, फोटो-वीडियो शेयरिंग, वॉइस नोट्स भेजे जा सकते हैं।
हाल ही में पीएम मोदी ने स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया था। जिसके बाद ऐप की लोकप्रियता ने रफ्तार पकड़ी है। इसका नतीजा यहां हुआ है कि अरट्टै ऐप ने भारत के Apple ऐप स्टोर की सोशल नेटवर्किंग कैटेगरी में नंबर 1 का स्थान हासिल कर लिया है। इसने WhatsApp, signal जैसी ऐप को पीछे छोड़ दिया है।
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अरट्टै ऐप को WhatsApp की तरह ही इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, आपको इस ऐप में WhatsApp से कहीं ज्यादा फीचर्स मिलते हैं।
आपको इस ऐप में आपको टेक्स्ट और वॉयस मैसेजिंग, ऑडियो और वीडियो कॉल, ग्रुप चैट, मीडिया और डॉक्यूमेंट शेयरिंग जैसे फीचर्स तो मिलते ही है। इसके अलावा, खासबात है कि आप इस ऐप पर मीटिंग्स शेड्यूल कर सकते हैं।
हालांकि ऐप चार्ट में शीर्ष पर पहुंचना एक प्रभावशाली उपलब्धि है, लेकिन उस गति को बनाए रखना कहीं अधिक कठिन होगा। व्हाट्सएप भारत के डिजिटल जीवन में व्यक्तिगत चैट से लेकर व्यावसायिक संचार तक, गहराई से समाया हुआ है और देश में इसके 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। अरट्टै की चुनौती डाउनलोड को आदतन उपयोग में बदलना, समय के साथ यूजर्स का विश्वास अर्जित करना और सुविधाओं की कमियों को कम करना है।
अगर ज़ोहो मजबूती से विस्तार कर पाता है और अपनी गोपनीयता संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर पाता है, तो अरट्टै इस इकोसिस्टम में अपनी जगह बनाए रख सकता है। अन्यथा, इसकी सफलता केवल प्रचार का एक छोटा सा झोंका बनकर रह सकती है। फिलहाल, ज़ोहो सुर्खियों में आने का आनंद ले रहा है, लेकिन असली परीक्षा आगे है: क्या वह अपनी गति बनाए रख पाएगा, अपने वादों को पूरा कर पाएगा और शुरुआती उत्सुकता की लहर से आगे भी टिक पाएगा?
नवरात्रि, दशहरा और दुर्गा पूजा के कारण कई राज्यों में स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं। पश्चिम बंगाल में 26 सितंबर से 7 अक्टूबर तक लंबी छुट्टियां हैं।