फेड रेट कट के बाद 30 अक्टूबर को सोना चमका, चांदी गिरी – जानें क्यों आया इतना बड़ा बदलाव! | News Track in… – Newstrack

Gold-Silver Prices Surge After Fed Rate Cut: 30 अक्टूबर 2025 को सोना-चांदी के दामों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस दिन ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की, जो साल 2025 की दूसरी रेट कट है। अब अमेरिका में ब्याज दरें 3.75% से 4% के बीच हो गई हैं। यह फैसला अमेरिकी अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार, रोजगार वृद्धि में गिरावट और बढ़ती बेरोजगारी दर को देखते हुए लिया गया। फेड के इस कदम का असर वैश्विक बाजारों, खासकर सोना और चांदी की कीमतों पर साफ दिखाई दिया। जहां सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली, वहीं चांदी के दामों में गिरावट आई है।
आज भारत में सोने की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 30 अक्टूबर 2025 को देशभर में सोने की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 22 कैरेट सोना ₹1,12,360 प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना ₹1,22,560 प्रति 10 ग्राम पर रहा। वहीं, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,12,210 और 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,22,410 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसके अलावा, अहमदाबाद और भोपाल में 22 कैरेट सोना ₹1,12,260 तथा 24 कैरेट सोना ₹1,22,460 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह उतार-चढ़ाव फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती और डॉलर की मजबूती के कारण है। आने वाले दिनों में अगर डॉलर कमजोर होता है, तो सोने के दामों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता, जयपुर, पटना, गुरुग्राम, लखनऊ, बेंगलुरु और भुवनेश्वर में चांदी का भाव ₹1,51,000 प्रति किलो दर्ज किया गया। वहीं चेन्नई और हैदराबाद में चांदी की कीमतें थोड़ी अधिक रहीं, जहां प्रति किलो भाव ₹1,65,000 तक पहुंच गया, जबकि MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर यह ₹1,45,515 प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रही है।
पिछले कुछ दिनों से चांदी लगातार दबाव में हैं, जिसकी वजह डॉलर की मजबूती और वैश्विक मांग में कमी बताई जा रही है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में चांदी के दामों में तेजी देखने को मिल सकती है, क्योंकि उद्योगों से मांग बढ़ने की उम्मीद है।
फेडरल रिजर्व के ब्याज दर कम करने के फैसले का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर पड़ा है। जब ब्याज दरें घटती हैं, तो निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं, जैसे कि सोना। यही कारण है कि सोने की कीमतों में तेजी आई है। वहीं, चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग और डॉलर की मजबूती का असर पड़ा है, जिससे इसके दाम थोड़े नीचे आए हैं।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी की दिशा पूरी तरह डॉलर की मजबूती और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। अगर डॉलर मजबूत रहता है तो दोनों धातुओं में थोड़ी और गिरावट संभव है, लेकिन अगर वैश्विक तनाव या भू-राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक फिर से सुरक्षित संपत्तियों जैसे सोना और चांदी की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे इनके दामों में तेजी की वापसी हो सकती है।
जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना और चांदी जैसी कमोडिटीज पर दबाव बढ़ता है क्योंकि इनका व्यापार डॉलर के मुकाबले किया जाता है। हाल में फेडरल रिजर्व ने संकेत दिया कि फिलहाल ब्याज दरों में और कटौती नहीं होगी, जिससे डॉलर को सहारा मिला और निवेशकों ने सुरक्षित संपत्तियों से दूरी बनानी शुरू की।
भारत में भी इसका असर दिखा – सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ चुके हैं। कुछ समय पहले तक चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर थी, लेकिन अब इसमें लगातार गिरावट देखी जा रही है।


नोट
सोना – चांदी की कीमतें शहर और स्थानीय बाजार पर निर्भर करती हैं। निवेश करने से पहले अपने नजदीकी ज्वेलर्स या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रेट्स चेक करें।
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