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100 साल जीना महज एक सपना नहीं होता बल्कि हर किसी की चाहत होती है. हो सकता है आपके दादा-परदादा की भी इतनी उम्र रही हो लेकिन आज की बात करें तो 2023 के अनुमान के अनुसार, भारत में पुरुषों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी लगभग 70–71 वर्ष और महिलाओं की लगभग 73–74 वर्ष बताई गई है. लेकिन क्या आप जानते हैं हाल ही हुई रिसर्च में हमारे देश के बुजुर्गों ने ही बताया है कि लंबी उम्र कैसा पाई जा सकती है. ये जानकारी भारत के ‘ओल्डेस्ट-ओल्ड’ (Centenarians) ग्रुप पर हुई है.
क्या कहती है स्टडी?
लॉन्गिट्यूडिनल एजिंग स्टडी ऑफ़ इंडिया (LASI) के डेटा का इस्तेमाल करके, हाल ही में पब्लिश हुए एक पेपर में 100 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों की हेल्थ और सेहत की प्रोफाइलिंग पर कुछ सीख दी गई है. इस रिपोर्ट में सामने आया है कि लंबी और स्वस्थ जिंदगी जीने का राज किसी महंगी दवा या जटिल विज्ञान में नहीं, बल्कि हमारे खान-पान और लाइफस्टाइल में छिपा है.
रिसर्च में शामिल 100 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के हेल्थ मार्कर्स ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया और उनकी सेहत को लेकर जो पैटर्न सामने आए वो बताते हैं कि लंबी उम्र और बीमारियों की अनुपस्थिति का सीधा संबंध है. अब बुजुर्गों की लाइफस्टाइल से कौन सी चीजें सीखने मिलीं जो उनकी लंबी उम्र के सीक्रेट हो सकते हैं, वो जान लीजिए.
वजन पर कंट्रोल
100 साल के आधे से अधिक (55.5 प्रतिशत) लोग एकदम सामान्य BMI वाले थे जबकि 41 प्रतिशत अंडरवेट पाए गए. सबसे बड़ी बात उनमें से एक भी व्यक्ति ओवरवेट नहीं था. 91 प्रतिशत से अधिक लोगों की कमर का साइज (Waist Circumference) सामान्य था, जो दुबले-पतले, फुर्तीले लाइफस्टाइल की अहमियत बताता है.
बीमारियों नहीं थीं
जिस उम्र में लोग गठिया, शुगर और दिल की बीमारियों से जूझते हैं वो इन सैंपल्स में शामिल लोगों में नहीं पाई गईं. हाई कोलेस्ट्रॉल, स्ट्रोक या गंभीर हृदय रोग का एक भी मामला नहीं मिला. डायबिटीज (Diabetes) के केस सिर्फ 1.7 प्रतिशत थे.
बुरी आदतों से दूरी
लंबी उम्र का सीधा संबंध बुरी आदतों से दूरी से है. रिसर्च में शामिल 90 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कभी शराब नहीं पी थी. करीब 68 प्रतिशत लोगों ने कभी तम्बाकू का सेवन नहीं किया था.
क्या मिलती ही सीख?
इन नतीजों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को यह मानने पर मजबूर कर दिया है कि भारत में अब पब्लिक हेल्थ चर्चा का रुख बदलना होगा. डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स ने अपील की है कि खासकर शहरों में रहने वाले बुजुर्गों और युवाओं को स्वस्थ डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाने के लिए जागरूक किया जाए. हेल्थ नीतियों को अब सिर्फ दवाओं पर नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव लाने पर जोर देना चाहिए. इसके लिए कम फैट खाएं, शुगर और नमक को कंट्रोल करें. तम्बाकू और शराब से तौबा करें. कंसिस्टेंट हेल्थ चैकअप कराएं.
ये रिसर्च बताती है कि ‘लंबी उम्र’ कोई चमत्कार नहीं, बल्कि मेहनत से पाई गई एक आदत है. अगर हम आज से ही इन आदतों को अपनाना शुरू करते हैं तो हो सकता है हमें भी इतनी उम्र मिले.
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