Leave India, give up citizenship': भारतीयों से देश छोड़ने और नागरिकता सरेंडर करनी की अपील करने वाली एक एक्स पोस्ट ने बहस छेड़ दी है, जिसमें यूजर्स का तर्क है कि कोई भी देश कंपलीट नहीं होता है, उसे बेहतर बनाने के लिए लगातार काम करने की जरुरत होती है।
भारतीयों से "भारत छोड़ने" और "भारतीय नागरिकता त्यागने" की अपील करने वाली एक एक्स पोस्ट ने सोशल मीडिया पर गरमागरम बहस छेड़ दी है। एक्स पर रिएक्ट करते हुए, एक यूज़र प्रणय माहेश्वरी, जो अपने सोशल मीडिया बायो के मुताबिक पेशे से वकील हैं, उन्होंने यूज़र्स को बेहतर लाइफस्टइल और अपने परिवारों के भविष्य की खातिर भारत छोड़कर विदेश जाने की सलाह दी है।
प्रणय़ माहेश्वरी की वायरल पोस्ट में लिखा गया- "अगर हो सके तो भारत छोड़ दो। अब समय आ गया है, जितनी जल्दी हो सके चले जाओ। हो सके तो भारतीय नागरिकता छोड़ दो। यह सब तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के भविष्य के लिए है। ऐसे सैकड़ों देशों में लाइफ सेटल कराओ जो भारत से बेहतर जीवनशैली, सम्मान और जीवन की गुणवत्ता प्रदान करते हैं। बस, चले जाओ," माहेश्वरी ने एक X पोस्ट में लिखा।
अगले ट्वीट में, उन्होंने भारतीयों को नई नागरिकता लेने की सलाह देते हुए कहा कि शून्य से शुरु करने के लिए सैकड़ों बेहतर राष्ट्र हैं। "पीआर हासिल करो, नई नागरिकता लो। भारतीय नागरिकता छोड़ने में न तो कुछ गलत है और न ही नैतिक रूप से गलत। दुनिया में शून्य से निर्माण करने के लिए सौ बेहतर राष्ट्र हैं," उन्होंने कहा।
माहेश्वरी की पोस्ट पर ऑनलाइन बहस छिड़ गई है। यूज़र्स ने इस पर सपाट असहमति जताई, जिनका तर्क था कि देश छोड़ना न तो कोई समाधान है और न ही व्यावहारिक। एक यूज़र ने एक बड़ी पोस्ट के साथ जवाब दिया, जिसमें बताया कि यह कॉन्सेप्ट है कि विदेश में जीवन अपने आप बेहतर हो जाता है, अवास्तविक है। टिप्पणी में लिखा था, "दूसरी तरफ़ घास हमेशा हरी-भरी दिखती है, लेकिन हर देश की अपनी समस्याएं होती हैं। मैंने इसे अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और पूरे यूरोप में देखा है। तो आखिर वह आदर्श जगह कहां है जहां हम सभी को भागना चाहिए? भारत में कोई खामी नहीं है, और हाँ, हम जो टैक्स देते हैं, उसका असर हमें मिलने वाली सुविधाओं में हमेशा नहीं दिखता।
माहेश्वरी की पोस्ट पर ऑनलाइन बहस छिड़ गई है। यूज़र्स ने इस पर सपाट असहमति जताई, जिनका तर्क था कि देश छोड़ना न तो कोई समाधान है और न ही व्यावहारिक।