West Bengal News: पश्चिम बंगाल में वोटर सूची के गहन संशोधन (SIR) का काम अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है. इस प्रक्रिया में अब तक करीब 46 लाख 20 हजार वोटरों के नाम हटाए जाने की संभावना के रूप में चिन्हित किए गए हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, इनमें सबसे बड़ी संख्या मृत वोटरों की है, जबकि कई लोग लापता, स्थानांतरित और डुप्लीकेट भी पाए गए हैं.
कितनी-कितनी कैटेगरी में कितने नाम मिले?
सबसे ज्यादा मृत वोटर कहां मिले?
मृत वोटरों की सबसे अधिक संख्या कोलकाता उत्तर जिले में सामने आई है. वहां 1,04,076 मृत मतदाता दर्ज किए गए. इसके बाद स्थिति इस प्रकार है—
चुनाव आयोग ने विशेष तौर पर उस वर्ग पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं जिनके नाम 2002 की वोटर सूची में शामिल नहीं थे और बाद में जिनकी पहचान माता-पिता या रिश्तेदारों के नाम से मिलान करके जोड़ी गई थी. ऐसे सभी मामलों की फिर से जांच की जाएगी.
जहां not verified वोटर ज्यादा पाए गए हैं, वहां बूथ स्तर के अधिकारियों को फिर से जांच करने का निर्देश दिया गया है. जिन लोगों के दस्तावेजों में पिता का नाम नहीं मिलता, उनके नाम मां या दादा की जानकारी से मिलाए जाएंगे.
हाईराइज बिल्डिंगों में बूथ बनाने पर भी फोकस
चुनाव आयोग कई बार कह चुका है कि ऊंची इमारतों (हाईराइज) में भी बूथ बनाए जाने जरूरी हैं, लेकिन कई इलाकों ने इसमें सहयोग नहीं किया था. अब आयोग ने यह निर्देश दिया है कि उत्तर-दक्षिण 24 परगना, उत्तर-दक्षिण कोलकाता, हावड़ा और हुगली जिलों से 6 दिसंबर तक रिपोर्ट दी जाए कि किन इमारतों में बूथ बन सकते हैं.
केवल 480 बूथों में नहीं मिला कोई संदिग्ध वोटर
पहले बताया गया था कि 2208 बूथों में कोई मृत, डुप्लीकेट या स्थानांतरित वोटर नहीं हैं. लेकिन SIR की नई रिपोर्ट में यह संख्या घटकर 480 बूथ रह गई है. इसका मतलब है कि बाकी बूथों में भी गड़बड़ियों की पुष्टि हो रही है.
शिकायतों की सुनवाई जारी
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने BLO को लेकर कई शिकायतें की हैं. चुनाव आयोग ने इन शिकायतों पर भी रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि हर शिकायत का समाधान किया जाएगा.
Source: IOCL
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