Thailand airstrike Cambodia rocket threat: थाईलैंड द्वारा कंबोडियाई सैन्य सुविधाओं पर एयरस्ट्राइक की गई. जहां पर खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2 ऐसे हथियार रखे गए थे. जो थाई नागरिकों के लिए खतरा बन सकते थे. ऐसे में, आइए इन हथियारों की ताकत जानते हैं.
Thailand airstrike Cambodia rocket threat: थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं. थाईलैंड ने दावा किया है कि कंबोडियाई सेना ने सीमा पार से चीन-निर्मित PHL-03 और सोवियत डिजाइन BM-21 जैसे शक्तिशाली रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल थाईलैंड के नागरिक क्षेत्रों पर हमला करने की साजिश के तहत किया है. इस गंभीर खतरे को देखते हुए थाईलैंड ने सोमवार को कंबोडियाई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जहां ये लंबी दूरी के हथियार रखे थे. यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मलेशियाई प्रधान मंत्री अनवर इब्राहिम की मध्यस्थता से हुए संघर्ष विराम का बड़ा उल्लंघन है, और क्षेत्रीय शांति के लिए एक बड़ा खतरा है.
थाईलैंड ने क्या जानकारी दी?
थाईलैंड के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रियर एडमिरल सूरसंत कोंगसिरी ने पुष्टि की कि खुफिया जानकारी से पता चला कि कंबोडियाई बल इन रॉकेटों का इस्तेमाल थाईलैंड के बुरीराम प्रांत के हवाई अड्डे और सुरिन प्रांत के एक सरकारी अस्पताल को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं. सूरसंत ने रॉयटर्स को बताया कि खुफिया सूत्रों से यह भी संकेत मिला था कि कंबोडियाई सेना ने इन नागरिक ठिकानों को लॉक करने का प्रयास किया था, जिसने थाईलैंड को जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर किया.
कौन से दो हथियार बने वजह?
चीनी PHL-03 और सोवियत BM-21 रॉकेटों की तैनाती इस संघर्ष का मुख्य कारण बनी है. थाईलैंड के बुरीराम हवाई अड्डे की दूरी सीमा से 100 किलोमीटर है, जो BM-21 की पहुंच से बाहर है. जिसकी रेंज 30 किमी तक है. लेकिन PHL-03 की पहुंच में है. जिसकी रेंज 70-130 किमी तक है.
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रासाद अस्पताल, जिसकी दूरी सीमा से 30 किमी से भी कम है, BM-21 रॉकेट के निशाने पर था. थाईलैंड ने कहा कि कंबोडिया के भारी हथियारों की तैनाती और लड़ाकू इकाइयों के कारण ही थाई वायुसेना को सैन्य ठिकानों पर हमला करके कंबोडिया की क्षमता को न्यूनतम आवश्यक स्तर तक कम करना पड़ा.
कंबोडियाई सेना द्वारा रॉकेट का इस्तेमाल
थाईलैंड पर हमला करने के लिए जिन रॉकेटों को तैयार किया गया था. उनकी ताकत कुछ इस तरह है.
PHL-03 (चीन निर्मित): यह रॉकेट सिस्टम कंबोडियाई सेना के पास सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाला हथियार है. इसकी 130 किमी तक की रेंज इसे थाईलैंड के भीतरी नागरिक लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता देती है, जैसे बुरीराम का प्रांतीय हवाई अड्डा.
BM-21 (सोवियत डिजाइन): कंबोडिया के पास इन रॉकेट लॉन्चरों की बड़ी संख्या है. करीब 48 यूनिट. इनकी 15-40 किमी की रेंज प्रासाद अस्पताल जैसे सीमा के निकट के लक्ष्यों के लिए गंभीर खतरा थी.
यही वजह रही कि थाईलैंड के हवाई हमलों ने उन सैन्य डिपो को निशाना बनाया जहां खुफिया जानकारी के अनुसार ये रॉकेट और अन्य तोपें रखी गई थीं.
संघर्ष विराम क्यों टूटा?
नवंबर में दोनों देशों ने सीमा से भारी हथियारों को हटाने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन एक हफ्ते बाद एक लैंडमाइन विस्फोट में एक थाई सैनिक के घायल होने के बाद थाईलैंड ने समझौते को रोक दिया.
थाई सेना ने कंबोडियाई सैनिकों पर रविवार को फायरिंग करके हालिया लड़ाई शुरू करने का आरोप लगाया, जिसमें दो थाई सैनिक घायल हुए. दूसरी तरफ, कंबोडिया ने इस आरोप को नकारा और थाई सेना पर सोमवार को सुबह हमला करने का आरोप लगाया.
यह ताजा संघर्ष जुलाई की लड़ाई जैसा है, जिसमें 48 लोग मारे गए थे और 3,00,000 लोग अस्थायी रूप से विस्थापित हुए थे. उस समय भी थाईलैंड ने कंबोडिया पर BM-21 रॉकेटों से नागरिक क्षेत्रों में हमला करने का आरोप लगाया था.
PHL-03 का रणनीतिक खतरा
PHL-03 की 130 किमी की लंबी रेंज यह साबित करती है कि कंबोडिया की योजना सिर्फ सीमा पर संघर्ष तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसका इरादा थाईलैंड के भीतरी, नागरिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाना था.
बुरीराम हवाई अड्डा थाई प्रधान मंत्री अनुतिन चर्नविरकुल की सत्ताधारी पार्टी का एक मजबूत गढ़ है. इस ठिकाने को निशाना बनाने की संभावित योजना थाईलैंड पर राजनीतिक दबाव बनाने का एक प्रयास हो सकती है.
ऐसे में, थाई सैन्य अधिकारी सूरसंत ने कहा कि “इस बार कंबोडियाई लोग लक्षित हमलों के लिए अधिक तैयार हैं.” जिससे पता चलता है कि उन्होंने जुलाई के संघर्ष से सबक लिया है और अपने हथियारों को रणनीतिक रूप से तैयार किया है.
ये भी पढ़ें- HAL का तगड़ा कमबैक! IAF के खेमे में तेजस Mk1A की एंट्री, इस तारीख से पहले 7 देसी लड़ाकू विमान होंगे शामिल
Zee Hindustan News App: देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ज़ी हिंदुस्तान न्यूज़ ऐप.
http://Prashant.Singh@India.comप्रशांत सिंह के लेख रिसर्च-आधारित, फैक्ट-चेक्ड और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित होते हैं. ये जियोपॉलिटिक्स और रक्षा से जुड़ी खबरों को आसान हिंदी में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. …और पढ़ें
By accepting cookies, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts.