डाइट-एक्सरसाइज के बाद भी वजन कम नहीं होने देती ये 5 आदतें, आज से ही छोड़ें – AajTak

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बढ़ते वजन से परेशान लोग फिटनेस के लिए नए साल से जिम जाना शुरू कर चुके हैं और डाइटिंग भी शुरू कर दी होगी. लेकिन आज के समय में लाइफस्टाइल की कई ऐसी चीजें हैं जिनका सीधा असर आपकी फिटनेस जर्नी पर पड़ता है और उनके कारण डाइट-एक्सरसाइज का भी असर शरीर पर दिखना बंद हो जाता है. फिटनेस एक्सपर्ट्स अक्सर कुछ ऐसी चीजें बताते हैं जो मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती हैं और उनके कारण वजन कम नहीं होता. इन गलतियों को सुधारकर वजन घटाने की प्रोसेस को तेज किया जा सकता है और वहीं जिन लोगों का वजन कम नहीं होता, उनका वेट लॉस होना शुरू हो जाता है.
नींद की कमी और स्ट्रेस
अधूरी नींद शरीर के हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ देती है, जिससे वजन कम करना लगभग असंभव हो जाता है. जब आप कम सोते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है. यह हार्मोन न केवल भूख बढ़ाता है, बल्कि शरीर को चर्बी जमा करने का संकेत भी देता है. कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद लेना कैलोरी बर्न करने के लिए बहुत जरूरी है.
पानी कम पीना
अक्सर लोग प्यास को भूख समझ लेते हैं और बेवजह कैलोरी का सेवन कर लेते हैं. पानी की कमी से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे फैट बर्निंग प्रोसेस रुक जाती है. हाइड्रेटेड रहने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और एनर्जी लेवल बेहतर रहता है. अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं तो जिम जाने का फायदा आधा रह जाता है.
प्रोटीन की मात्रा कम होना
वेट लॉस जर्नी में केवल कैलोरी कम करना ही काफी नहीं है बल्कि सही न्यूट्रिशन भी जरूरी है. डाइट में प्रोटीन की कमी होने से मसल्स को नुकसान होता है और पेट जल्दी नहीं भरता. प्रोटीन ‘थर्मिक इफेक्ट’ पैदा करता है जिससे डाइजेशन के दौरान अधिक कैलोरी बर्न होती है. अगर आपके भोजन में दाल, पनीर या अंडे शामिल नहीं हैं तो वजन कम करना मुश्किल होगा.
देर रात तक जागना और स्नैकिंग
रात के समय मेटाबॉलिज्म सबसे धीमा होता है. ऐसे में ‘नाइट स्नैकिंग’ या देर रात भारी खाना खाने से शरीर उन कैलोरीज को ऊर्जा के बजाय फैट के रूप में स्टोर करने लगता है. टीवी या मोबाइल देखते हुए चिप्स या बिस्कुट खाना आपकी पूरी दिनभर की मेहनत पर पानी फेर सकता है. सोने से कम से कम 3 घंटे पहले भोजन करना जरूरी है.
शारीरिक सक्रियता की कमी
केवल एक घंटा वर्कआउट करना और बाकी के 23 घंटे बैठे रहना ‘सेडेंटरी बिहेवियर’ कहलाता है. वजन कम करने के लिए ‘NEAT’ (नॉन-एक्सरसाइज एक्टिविटी थर्मोजेनेसिस) बहुत महत्वपूर्ण है. इसमें टहलना, सीढ़ियां चढ़ना या घर के काम करना शामिल है. अगर आप दिनभर डेस्क पर बैठे रहते हैं तो जिम के बाद भी वजन कम होने की स्पीड काफी धीमी रहेगी.

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