'हम अपना समर्थन दोहराते हैं', वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई का भारत ने किया विरोध – Jagran

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भारत ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी पर कड़ा विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय ने इसे "गहरी चिंता का विषय" बताते हुए …और पढ़ें
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले का भारत ने किया विरोध।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाने की कार्रवाई पर भारत ने अपना कड़ा विरोध जताया है।
विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में इस घटनाक्रम को “गहरी चिंता का विषय” करार देते हुए कहा कि भारत स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। यह भारत सरकार की इस विवाद पर पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है, जो अमेरिकी हमले के एक दिन बाद आई है। साथ ही भारत जिस तरह से रूस व यूक्रेन के विवाद को आपसी विमर्श व कूटनीति से सुलझाने की बात करता है, उसे वेनेजुएला और अमेरिका के बीच जारी इस विवाद को लेकर भी दोहराया है।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराता है। हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से संवाद के माध्यम से सुलझाएं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित हो।
ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका अब वेनेजुएला को “चलाएगा” और उसके विशाल तेल भंडारों का दोहन करेगा। इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए दुनिया भर में निंदा हो रही है। भारत के बयान में अमेरिका का नाम नहीं है लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन को आड़े हाथों लिया है। यह भारत की लंबे समय से चली आ रही विदेश नीति को भी प्रतिबिंबित करती है।
अमेरिकी कार्रवाई को कई देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है, भारत भी इसी लाइन पर खड़ा है। भारत वेनेजुएला के साथ ऐतिहासिक रूप से अच्छे संबंध रखता है। दोनों देशों के बीच कच्चे तेल को लेकर खासा कारोबार होता रहा है। भारत गुटनिरपेक्ष आंदोलन की परंपरा में किसी बड़े देश द्वारा छोटे देश पर एकतरफा सैन्य हस्तक्षेप का हमेशा से विरोध करता रहा है।
यह प्रतिक्रिया भारत की उस नीति को दर्शाती है जिसमें वह क्षेत्रीय स्थिरता और शांति को प्राथमिकता देता है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह भी दी है और कराकास स्थित दूतावास से संपर्क बनाए रखने को कहा है।
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