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भारतीय रेलवे जल्द ही देश की पहली और दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने जा रही है। यह ट्रेन जींद-सोनीपत सेक्शन पर 140 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड …और पढ़ें
हरियाणा में दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (जागरण ग्राफिक्स)
दीपक बहल, अंबाला। भारतीय रेलवे ने विश्व पटल पर एक नया इतिहास रचने की पूरी तैयारी कर ली है। देश की पहली और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन पटरियों पर उतरने को तैयार है। शून्य शोर और शून्य प्रदूषण की इस ट्रेन में हवाई जहाज जैसा अनुभव होगा। जींद-सोनीपत सेक्शन के बीच जल्द अपनी 140 किमी प्रति घंटा की रफ्तार भरेगी। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) चेन्नई में तैयार हाइड्रोजन ट्रेन एक बार में 2600 से अधिक यात्रियों को ले जाने की क्षमता रखती है। प्रतिदिन दो फेरे लगाते हुए कुल 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
कोच में तापमान सेंसर, आधुनिक शौचालय और वाशबेसिन लगाए गए हैं। नीले रंग के आरामदायक गद्दे, छत पर आधुनिक पंखे और एलईडी लाइट पैनल हैं। सिर्फ बैठने ही नहीं, बल्कि खड़े होकर सफर करने वाले यात्रियों के पकड़ने के लिए नीले रंग के मजबूत हैंडग्रिप्स लगाए गए हैं।-1767758543149.jpg)
फोटो कैप्शन: कोच में नीले रंग के आरामदायक गद्दे, छत पर आधुनिक डिजाइन पंख दिख रहे हैं। सौजन्य सूत्र
बीच में स्लाइडिंग दरवाजे हैं। आधुनिक बायो टायलेट बनाए गए हैं। फर्श पर मेटालिक शीट का उपयोग किया गया है। दरवाजों के पास स्टील की रेलिंग और ग्रिल्स दी गई हैं। ट्रेन को गहरे नीले और सफेद रंग के काम्बिनेशन में रंगा गया है। ट्रेन के आगे के हिस्से पर एच-टू पावर्ड और क्लीन मोबिलिटी लिखा गया है।
फोटो कैप्शन: कोच में आधुनिक शौचालय और वॉशबेसिन। सौजन्य सूत्र
लोको पायलट का कैबिन में एक डिजिटल स्क्रीन है जो हाइड्रोजन स्तर, ट्रेन की गति की सटीक जानकारी देती है। पुश-बटन स्वचलित ब्रेकर पैनल लगाए गए हैं। रेड इमरजेंसी हैंडल और पुश-बटन कंट्रोलर दिए गए हैं। बायीं ओर स्विच और सर्किट ब्रेकर इलेक्ट्रिक सिस्टम को नियंत्रित करता है।
फोटो कैप्शन: हाइड्रोजन ट्रेन का लोको पायलट का केबिन। सौजन्य सूत्र
हाइड्रोजन प्लांट को स्थिर और निर्बाध 11 केवी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में बिजली निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए है कि बिजली आपूर्ति प्रणाली की नियमित समीक्षा की जाए और वैकल्पिक व्यवस्था को भी सुदृढ़ रखा जाए।-1767758489378.jpg)
फोटो कैप्शन: यात्रियों की सुरक्षा के लिए मजबूत नीले रंग के हैंडग्रिप्स लगाए गए। सौजन्य सूत्र
हाइड्रोजन ट्रेन सोनीपत से जींद के बीच चलेगी। इस बीच ट्रेन की स्पीड110 से 140 किलोमीटर के बीच होगी। मौजूदा समय में सोनीपत और जींद के बीच सीएनजी ट्रेन चल रही है। यही कारण है कि सरकार डीजल और सीएनजी के बजाय कम लागत वाली हाइड्रोजन गैस वाली ट्रेन चलाने की तैयारी में है। सरकार का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। ऐसा अनुमान है कि जींद से सोनीपत के बीच चार से पांच स्टॉपेज होंगे और किराया पांच से 25 रुपये के बीच होगा। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा नहीं हुई है। ट्रेन कब चलेगी, इसकी तारीख का भी अभी एलान नहीं हुआ है