Bangladesh News: बांग्लादेश के हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. 2025 की बात करें तो बांग्लादेश का क्राइम रेट खतरनाक स्तर पर पहुंच गया. इस दौर में महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा अत्याचार सहना पड़ा.
Trending Photos
Bangladesh News: बांग्लादेश के हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं, यह देश राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा है. जगह-जगह पर आगजनी की घटना भी सामने आई थी. शेख हसीना के बाद से यहां का माहौल खराब हुआ है, 2025 की बात करें तो बांग्लादेश का क्राइम रेट खतरनाक स्तर पर पहुंच गया. इस दौर में महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा अत्याचार सहना पड़ा, जबकि हत्या, डकैती और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई. स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को आंकड़ों के हवाले से ये जानकारी दी.
विश्लेषकों के मुताबिक अपराध में बढ़ोतरी कानून-व्यवस्था की चुनौतियों का नतीजा है, तख्ता पलट के बाद मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार सामान्य माहौल स्थापित करने में नाकाम रही है. पुलिस क्राइम के आंकड़ों का हवाला देते हुए, बांग्लादेश के बांग्ला अखबार ‘बोनिक बार्ता’ ने बताया कि 2025 में रेस्क्यू से जुड़े मामलों समेत कुल 1,81,737 केस रजिस्टर किए गए, जिनमें से कुछ 2024 की घटनाओं से जुड़े थे.
आंकड़ों से पता चला कि सबसे ज्यादा मामले महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा से जुड़े थे.पिछले साल, पुलिस ने पूरे बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के 21,936 केस पंजीकृत किए, इसके बाद 12,740 चोरी और 3,785 मर्डर के मामले दर्ज किए गए. डकैती की घटनाओं में भी इजाफा हुआ, पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक डकैती के 1,935 केस रजिस्टर किए गए. इसके अलावा, पूरे देश में 702 लूट के मामले, स्पीडी ट्रायल एक्ट के तहत 988 मामले, दंगों के 66, अपहरण के 1,101 मामले, पुलिस पर हमले के 601 मामले और 81,738 दूसरे मामले दर्ज किए गए.
पिछले साल साढ़े चार साल की रोजा मणि की हत्या के बाद पूरे बांग्लादेश में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ था. बच्ची का शव 13 मई 2025 को बिजॉय सरानी ओवरपास के पास तेजकुनीपारा में कूड़े के ढेर में मिला था, उसके एक दिन पहले वह ढाका स्थित तेजगांव इलाके से लापता हो गई थी. रोजा मणि मामले के अलावा, पिछले साल राजधानी में बच्चों के साथ बदसलूकी के कम से कम 1,000 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि देश भर के शैक्षिक संस्थानों और काम की जगहों से भी ऐसी घटनाएं सामने आईं.
ढाका यूनिवर्सिटी के इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च में एसोसिएट प्रोफेसर और क्रिमिनोलॉजिस्ट तौहिदुल हक ने बोनिक बार्ता से कहा, 2025 में, हमने क्राइम के आंकड़ों में कुछ डरावने पहलू देखे, लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं होने के कारण अपराध बढ़ा है. इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है. देश में राजनीतिक बदलाव के बाद बिगड़ी लॉ एंड ऑर्डर का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है. इसके अलावा, गंभीर क्राइम कैटेगरी में टारगेट किलिंग और मॉब लिंचिंग शामिल हैं. इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए, हमें कानून को ठीक से लागू करना होगा. यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश बढ़ती हिंसा और बिगड़ती लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति से जूझ रहा है. (आईएएनएस)
Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2023 से (Zee Media) से हुआ. डिजिटल डेस्क पर खबरें लिखने के लिए अलावा साहित्य से भी गहरा नाता है. खबरों के अल…और पढ़ें
Thank you
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts.