8 दिन से बोरवेल में फंसी 3 साल की बच्ची: 1.5 फीट चौड़े चट्टान को ड्रिल करना बाकी; 12 बजे तक बच्ची तक पहुंच ज… – Dainik Bhaskar

कोटपूतली में 700 फीट गहरे बोरवेल में फंसी चेतना (3) के करीब रेस्क्यू टीमें पहुंच गई हैं। करीब 170 फीट गहराई में मौजूद टीम के कमांडर का दावा है कि आज दोपहर 12 बजे तक चेतना तक हम पहुंच जाएंगे। NDRF के जवानों ने सोमवार सुबह 6:30 बजे तक करीब 7 फीट टनल की
8 दिन से बोरवेल में फंसी चेतना की कंडीशन को लेकर सब अधिकारी चुप हैं। जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने दावा किया है कि ये राजस्थान का सबसे मुश्किल ऑपरेशन है। 28 दिसंबर को चेतना के परिवार-ग्रामीणों ने भी प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
8 दिन से चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार (23 दिसंबर) दोपहर दो बजे चेतना खेलते हुए बोरवेल में गिर गई थी। वह करीब 150 फीट की गहराई में फंसी थी। चार देसी जुगाड़ के बाद उसे केवल 30 फीट ही ऊपर खींचा जा सका था।
बोरवेल में गिरने के बाद से उसे पानी तक नहीं पहुंचाया जा सका है। मंगलवार (24 दिसंबर) शाम से वह कोई मूवमेंट भी नहीं कर रही है। अधिकारी बीते कई दिनों से उसके कैमरे की इमेज या विजुअल को भी नहीं दिखा रहे हैं।
एनडीआरएफ प्रभारी ने बताया- कैसे चल रहा है ऑपरेशन 29 दिसंबर की रात करीब 12 बजे एनडीआरएफ प्रभारी योगेश कुमार मीणा ने मीडिया को रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया- हम लोग जिस लेवल पर जाकर ड्रिलिंग कर रहे हैं, वो काफी सॉलिड रॉक है। इस वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हम एक समय पर तीन रेस्क्यू जवानों को अंदर भेज रहे हैं। वो रॉक को तोड़ने में मीडियम साइज के चिपिंग हैमर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
तीन जवानों की टीम में पहला वाला चिपिंग हैमर चला रहा है। दूसरा रॉक के मलबे को ऊपर भेज रहा है। तीसरा जवान सेफ्टी लिए है, जो कम्युनिकेशन कर सके। सभी जवानों को सेफ्टी रोप से बांधा हुआ है। उसका कंट्रोल बाहर है।
अंदर का टेंपरेचर करीब 35 डिग्री है। एक टीम नीचे जाकर 3-4 घंटे तक चट्टान तोड़ पाती है। उसके बाद उनको बाहर निकलते उन्हें कंबल से ढका जाता है। उनका हेल्थ चेकअप किया जाता है। अंदर से टीम निकलते ही दूसरी टीम पहले से ही तैयार रहती है। तुरंत उन्हें अंदर भेजा जाता है।
आधी से ज्यादा सुरंग खोद चुके हैं योगेश कुमार मीणा ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। इस पत्थर को काट पाना काफी मुश्किल है। आधी से ज्यादा सुरंग हम खोद चुके हैं। लगभग 8 फीट लंबी सुरंग को और खोदना है। हम करीब साढ़े 5 फीट लंबी सुरंग खोद चुके हैं। उम्मीद है आज (सोमवार) ऑपरेशन पूरा हो जाएगा। डिगिंग करने के लिए सभी बेस्ट उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एयरफोर्स और बीएसएफ से एंगल जांच करवाई योगेश कुमार मीणा ने कहा कि हमने सुरंग की एक्यूरेसी जांचने के लिए सभी बेस्ट एक्सपर्ट बुलाए हैं। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड अजमेर, भीलवाड़ा और खेतड़ी माइंस से इंजीनियर्स बुलाकर सुरंग की एक्यूरेसी चेक करवाई है। मकान बनाने वाले लोगों से भी उनके तरीके से बोरवेल और सुरंग की एंगल की जांच करवाई है। एयरफोर्स और बीएसएफ के जवानों को बुलाकर दिशा जांच करवाई है। सभी के मुताबिक हम सही दिशा में ड्रिल कर रहे हैं।
अब देखिए रेस्क्यू से जुड़े PHOTOS…
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