नहीं रहे अजित पवार, याद रहेंगे ये 5 बड़े फैसले, जिसने बदली महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था की दिशा – AajTak

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) नहीं रहे, महाराष्ट्र के बारामती में प्लेन क्रैश (Plane Crash) से अजित पवार का निधन हो गया है. अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति बड़े चेहरे थे. अब उनके एक-एक काम को याद किया जा रहा है. उनकी आर्थिक नीतियां बेहद दूरदर्शी थीं.
महाराष्ट्र के वित्त मंत्री रहते हुए अजित पवार ने निवेश, रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी. हाल के वर्षों में उनके द्वारा लिए गए कई आर्थिक फैसलों का सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ा. आइए जानते हैं अजित पवार के 5 बड़े आर्थिक फैसलों के बारे में.
1. नई औद्योगिक नीति और निवेश को बढ़ावा
अजित पवार का सबसे बड़ा आर्थिक फैसला महाराष्ट्र के लिए नई औद्योगिक नीति का ऐलान था. इस नीति का उद्देश्य राज्य में बड़े पैमाने पर घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करना है. इसी कड़ी में सरकार ने अगले कुछ वर्षों में करीब 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50 लाख से ज्यादा रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा है. यह नीति उद्योगों को आसान मंजूरी, भूमि उपलब्धता और टैक्स प्रोत्साहन जैसे उपायों पर आधारित है, ताकि महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा निवेश का ठिकाना बना रहे.
2. बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड खर्च
अजित पवार के बजटों में सबसे ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर रहा. सड़कों, पुलों, मेट्रो परियोजनाओं और बंदरगाहों के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे शहरों में मेट्रो विस्तार, ग्रामीण इलाकों में सड़क नेटवर्क का सुधार और वधावन पोर्ट जैसी बड़ी परियोजनाएं इसी नीति का हिस्सा हैं. इससे न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि निर्माण क्षेत्र और रोजगार को भी मजबूती मिली. 
3. मुंबई को ग्लोबल इकोनॉमी हब बनाने पर फोकस
अजित पवार ने मुंबई को एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था वाला वैश्विक वित्तीय और व्यावसायिक केंद्र बनाने का विजन पेश किया. इसके तहत इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज, कॉर्पोरेट हब और आधुनिक बिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर दिया गया. यह फैसला महाराष्ट्र को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
4. कृषि क्षेत्र में तकनीक पर जोर 
राज्य की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है, इसे ध्यान में रखते हुए अजित पवार ने कृषि क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक के जरिए फसल निगरानी, सिंचाई प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने की योजनाएं शुरू की गईं. इससे किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने की कोशिश की गई.
5. सामाजिक और आर्थिक कल्याण योजनाएं
आर्थिक फैसले लेते वक्त अजित पवार सामाजिक संतुलन का खास ध्यान रखते थे. उन्होंने महिलाओं, छात्रों और कमजोर वर्गों के लिए वित्तीय सहायता योजनाओं को बजट में अहम स्थान दिया. ‘लाडकी बहिन’ जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को सीधे आर्थिक मदद दी गई, जिससे घरेलू खर्चों में सहारा मिला और मांग को बढ़ावा मिला. 
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