अमेरिका के साथ संबंधों में आई दरार के बीच कनाडा ने ट्रेड के लिए नए विकल्प खोजने शुरू कर दिए हैं. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपने देश की संसद को बताया कि इन दिनों अमेरिका में कुछ भी सामान्य नहीं है. उन्होंने कहा, ‘दुनिया बदल गई है. वाशिंगटन भी बदल गया है. अब संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग कुछ भी सामान्य नहीं है और यही सच्चाई है.’
मार्क कार्नी का अमेरिका पर निशाना
दावोस में विश्व आर्थिक मंच से मार्क कार्नी ने अमेरिका की नीतियों पर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने कहा था, ‘मौजूदा समय में हम एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं. अब पुरानी व्यवस्था वापस नहीं आएगी. कार्नी के भाषण को अन्य यूरोपीय देशों का समर्थन मिला था, जिससे अमेरिका हिल गया. मार्क कार्नी ने सोमवार (26 जनवरी 2026) को यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी. इस बातचीत में कार्नी ने साफ कर दिया कि उन्होंने दावोस में दिए गए अपने बयान पर कायम हैं.’
व्हाइट हाउस के दावे को कार्नी ने किया खारिज
मार्क कार्नी ने ट्रंप से कहा कि अमेरिका की व्यापार नीति में आए बदलाव के जवाब में कनाडा अपनी रणनीति तय कर रहा है. कनाडा के पीएम के बयान ने व्हाइट हाउस के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि कार्नी दावोस में दिए गए अपने बयान से पीछे हट गए. फोन कॉल के बाद कार्नी ने कहा, ‘मैंने जो दावोस में कहा, वही मेरा मतलब था. मैंने यही बातें ट्रंप से भी कही.
ट्रंप ने दी 100 फीसदी टैरिफ की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी दी है कि अगर उसने चीन के साथ व्यापार समझौता आगे बढ़ाया, तो अमेरिका कनाडा से आने वाले सभी सामानों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा देगा. वहीं इसके जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पलटवार किया है और देशवासियों से कनाडा में ही बने सामान खरीदने और स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने की अपील की.
अमेरिका और कनाडा के रिश्ते कैसे खराब हुए?
अमेरिका और कनाडा के रिश्ते उस समय से खराब होते जा रहे हैं, जब से ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने हैं. ट्रंप पहले भी कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने जैसी बातें कह चुके हैं और ग्रीनलैंड को लेकर भी विवादित बयान दे चुके हैं. इसी बीच ट्रंप की धमकी के जवाब में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ‘बाई कैनेडियन’ नीति को आगे बढ़ाने की बात कही.
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी रणनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए भारत की ओर देख रहे हैं. वह मार्च में भारत का दौरा कर सकते हैं. इस दौरान कार्नी यूरेनियम, एनर्जी, मिनरल्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.
Source: IOCL
We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.