West Bengal Mob Lynching Case: दक्षिण 24 परगना में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मुस्लिम मांस व्यापारियों पर दक्षिणपंथियों की भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया. आरोप है कि इस दौरान 40 से 50 लोगों की भीड़ ने उनके कपड़े उतारकर, उनकी धार्मिक पहचान की जांच की और फिर उन्हें बांग्लादेशी बताते हुए बेरहमी से पिटाई की. इस मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं.
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West Bengal News: बीते दिनों जब पूरा देश 77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियों में डूबा था, धर्म, जाति, क्षेत्र और भाषा की दूरियां भूलकर एकता का संदेश दिया जा रहा था. उसी वक्त इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में मुस्लिम मांस व्यापारियों पर कथित तौर पर हिंदूवादी संगठनों ने हमला कर दिया, जिसमें उन्हें बुरी तरह पीटा गया, अपमानित किया गया और लूटपाट की गई.
मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना 25 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दक्षिण 24 परगना जिले के जुलपिया इलाके में हुई, जो बिष्णुपुर थाना क्षेत्र में आता है. हमले का शिकार हुए तीनों लोगों की पहचान 35 वर्षीय फराज अली पियादा, 37 वर्षीय अक्काश अली पियादा और 29 वर्षीय अंसार अली पियादा के रुप में हुई है. तीनों पीड़ित बरुईपुर के खोडार बाजार मध्यपाड़ा के रहने वाले हैं और कई सालों से स्थानीय कचहरी बाजार में मटन का कारोबार कर रहे थे.
पीड़ित परिवार के मुताबिक, घटना की शुरुआत एक कारोबारी विवाद से हुई. उनकी दुकान पर आए कुछ ग्राहकों ने मटन की गुणवत्ता पर नाराजगी जताई. ग्राहकों को संतुष्ट करने के लिए व्यापारियों ने तीन और बकरों की कुर्बानी दी, लेकिन इसके बावजूद ग्राहकों ने मटन लेने से इनकार कर दिया और पैसे वापस मांगने लगे. विवाद बढ़ने से बचने के लिए पीड़ितों के पिता ने तुरंत पैसे लौटा दिए.
हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. उसी शाम जब फराज अली दुकान से लौट रहे थे, तो जुलपिया कोयलार मोड़ पर चार लोगों ने उन्हें रोक लिया और पास के एक गांव में खींच ले गए. वहां 40 से 50 लोगों की भीड़ ने उन पर हमला कर दिया. फराज अली ने बताया, “पुलिस के आने से पहले उन्होंने मुझे अधमरा कर दिया.” उनका आरोप है कि इस दौरान भीड़ ने सांप्रदायिक गालियां दीं और धमकाते हुए कहा, “तुम मुस्लिम बांग्लादेशी हो, हमारी जमीन अवैध ढंग से रहते और यहीं की खाते हो.”
ऑब्जर्वर पोस्ट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, हमला करने वाली भीड़ तब और उग्र हो गई, जब मदद के लिए फोन आने पर अक्काश अली भी मौके पर पहुंच गए. अक्काश अली का आरोप है कि भीड़ ने उन्हें घेर लिया, समुदाय विशेष से ताल्लुक होने की वजह से अपमानित किया और आधार कार्ड दिखाने को मजबूर किया. इतना ही नहीं जब पीड़ित तुरंत आधार कार्ड नहीं दिखा सके, तो कथित तौर पर उन्हें जबरन अपने माता-पिता के खिलाफ अश्लील और अपमानजनक बातें लिखने के लिए मजबूर किया गया.
इस घटना को लेकर अक्काश अली की बीवी सुजाता बीबी दिल दहला देने वाला खुलासा किया. सुजाता बीबी मुताबिक, “वे सभी हथियारों से लैस थे और मेरे शौहर को बेरहमी से पीट रहे थे. जब मैंने बचाने की कोशिश की तो उन्होंने मेरे साथ छेड़छाड़ की, कपड़े फाड़े और सीने पर लात मारी.” सुजाता बीबी का आरोप है कि हमलावरों ने मर्दों को उनकी धार्मिक पहचान जांचने के लिए कपड़े उतरवाए और उनके खतने का निशाना चेक किया. इसके बाद उन्होंने जान से मारने की नियत से पिटाई करते रहे.
पीड़ित अंसार अली ने बताया कि जब वह अपने भाइयों को बचाने पहुंचे तो उन्हें भी बुरी तरह पीटा गया. उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के दौरान भीड़ ने सोने की चेन, पर्स और नकदी भी लूट ली. तीनों घायलों को गंभीर हालत में पहले बरुईपुर अस्पताल ले जाया गया. बाद में उन्हें छुट्टी मिल गई, लेकिन वे अभी घर पर ही बिस्तर पर हैं और गंभीर शारीरिक चोटों के साथ मानसिक आघात से जूझ रहे हैं. एक पीड़ित ने कहा, “जब मैं उस यातना को याद करता हूं तो टूट जाता हूं.”
पीड़ितों के पिता ने भावुक होकर कहा कि अब उन्हें इंसाफ के लिए सिर्फ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कानूनी प्रक्रिया पर ही भरोसा है. एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि मामले की जांच चल रही है और अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
हालांकि, पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और जांच की रफ्तार पर नाराजगी जताई है. उनका आरोप है कि चंदन मंडल, कार्तिक नस्कर, इंद्रा घोष और आकाश जैसे कई मुख्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और हिंसा के मास्टरमाइंड थे. इस घटना की कानूनी और मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी निंदा की है.
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रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू…और पढ़ें
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