US reduced tariff on India (ANI Photo)
India America Tariff News: भारत और अमेरिका ट्रेड डील का इंतजार खत्म हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत पर लगाए भारी 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी करने का ऐलान कर दिया है। खास बात है कि यह घोषणा ऐसे समय पर की गई है, जब भारत में बजट सत्र जारी है। एक ओर जहां भारत सरकार ने ट्रंप सरकार के फैसले का स्वागत किया है। वहीं, कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कटौती का सबसे सकारात्मक असर रत्न-आभूषण और फार्मा क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा। अमेरिका भारतीय जेनेरिक दवाओं और तराशे हुए हीरों का सबसे बड़ा खरीदार है। टैरिफ कम होने से इन उत्पादों की लागत घटेगी, जिससे अमेरिकी बाजार में इनकी मांग में भारी उछाल आने की संभावना है।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने भी अपने बजट 2026 में चमड़ा और जूता उद्योग के कच्चे माल पर ड्यूटी कम की थी। अब अमेरिका द्वारा टैरिफ घटाने से इस सेक्टर का दोहरा फायदा होगा। इससे न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि देश में लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस फैसले से पिछले कुछ समय से चुनौतियों का सामना कर रहे भारतीय निर्यातकों को न केवल बड़ी राहत मिली है, बल्कि अमेरिकी बाजार में ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की धमक बढ़ने की भी पूरी उम्मीद है।
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Total Tariff on India: क्या बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
Total Tariff on India: केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, ‘भारत-अमेरिका संबंधों के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता फाइनल हो गया है, जिससे टैरिफ काफी कम होकर 18% हो गया है और गहरे और बड़े आर्थिक सहयोग का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। मैं इस निर्णायक समझौते पर पहुंचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई देता हूं, जो हमारी रणनीतिक साझेदारी को काफी मजबूत करेगा और दोनों देशों और उनके लोगों को ठोस फायदे पहुंचाएगा। इस समझौते से भारत-अमेरिका आर्थिक संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचने वाले हैं।’
Total Tariff on India: भारत और अमेरिका ट्रेड डील से उत्साह
Total Tariff on India: ‘यूएस–इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम’ (UISPF) ने भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील का स्वागत किया। फोरम ने यह भी कहा, “हालांकि समझौते का विस्तृत स्वरूप अभी तय होना बाकी है, लेकिन आज की घोषणा दोनों पक्षों की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाती है, जिससे शुल्क, बाजार पहुंच, गैर-शुल्क बाधाओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य व्यापारिक मुद्दों का समाधान करने के लिए एक व्यापक अमेरिका–भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की दिशा में प्रगति होगी।”
Total Tariff on India: ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ‘इंडिया गेट’ की तस्वीर पोस्ट की
Total Tariff on India: दिल्ली में स्थित इंडिया गेट को ‘भारत का खूबसूरत मेहराबदार विजय स्मारक’ बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में ऐसा ही एक स्मारक “सभी स्मारकों में सबसे बेहतरीन” होगा। दिल्ली में 42 मीटर ऊंचा इंडिया गेट ‘आर्क-डी-ट्रायम्फ’ कहा जाता है। यह प्रथम विश्व युद्ध और तीसरे एंग्लो-अफगान युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना के लिए लड़ते हुए शहीद हुए 70,000 भारतीय सैनिकों की स्मृति और सम्मान में स्थापित किया गया है।
US Tariff on India: रुपये की मजबूती
US Tariff on India: अमेरिका द्वारा टैरिफ कम करने से भारत का निर्यात बढ़ेगा, जिससे डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होगा। चूंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना-चांदी आयात करता है, इसलिए रुपये की मजबूती से घरेलू बाजार (एमसीएक्स) में सोना और चांदी सस्ते हो सकते हैं।
Total Tariff on India: शेयर बाजार में दिख सकती है बड़ी उछाल
Total Tariff on India: ट्रंप की तरफ से कई गई टैरिफ कटौती का सकरात्मक असर स्टॉक मार्केट पर दिख सकता है। टेक्सटाइल से लेकर फार्मा और आईटी से ऑटो तक कई सेक्टर में अच्छी तेजी दर्ज की जा सकती है। FII के मोर्चे पर हो रही लगातार बिकवाली पर भी इस खबर के आने के बाद अब ब्रेक लग सकता है। पहले इंडिया-ईयू ट्रेड डील, फिर बजट में भविष्य का ध्यान और अब इंडिया-यूएस ट्रेड डील के फाइनल हो जाने से भारतीय शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर अच्छा असर पड़ सकता है।
India-US trade deal 2026: अब अमेरिका में मचेगी इन भारतीय सामानों की धूम
India-US trade deal 2026: ताजा समझौते के बाद अब भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। यहां जानिए-
Total Tariff on India: ट्रंप के टैरिफ की टाइमलाइन
2 अप्रैल, 2025 : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वैश्विक ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ पहल के तहत अमेरिका ने भारत से आने वाले कई उत्पादों पर 26 प्रतिशत का पारस्परिक शुल्क लगाया।
10 अप्रैल, 2025 : ट्रंप ने नए टैरिफ पर 90 दिनों की रोक की घोषणा की, हालांकि सभी अमेरिकी आयातों पर 10 प्रतिशत का आधारभूत शुल्क लागू रखा गया।
31 जुलाई, 2025 : ट्रंप ने सभी भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की और चेतावनी दी कि यदि भारत रूस से तेल खरीद जारी रखता है तो अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाएंगे।
7 अगस्त, 2025 : भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद जारी रखने का हवाला देते हुए अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया। यह किसी भी अमेरिकी व्यापार साझेदार पर लगाया गया अब तक का सबसे ऊंचा शुल्क था।
India America Tariff News: दोनों देशों को इन क्षेत्रों में मिलेगा लाभ
India America Tariff News: अमेरिका द्वारा टैरिफ घटाने से भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में सस्ते होंगे। इससे कपड़ा, इंजीनियरिंग, फार्मा और आईटी से जुड़े निर्यात को फायदा मिल की संभावना है। ऐसे में दोनों ही देशों को निर्यात को बढ़ावा, व्यापार में स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा पर असर, निवेश और तकनीक, भूराजनैतिक संतुल जैसे क्षेत्रों में बड़ा फायदा होने के आसार हैं।
India America Tariff News: टैरिफ घटने से सबसे बड़ा फायदा रत्न और आभूषण सेक्टर को
India America Tariff News: रत्न और आभूषण, फार्मास्युटिकल सेक्टर, टेक्सटाइल और परिधान, समुद्री उत्पाद, कृषि और खाद्य उत्पाद, इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स ऐसे क्षेत्र हैं, जिन्हें अमेरिका के टैरिफ घटाने के ऐलान के बाद सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है। खास बात है कि रत्न और आभूषण सेक्टर अमेरिकी टैरिफ से सबसे अधिक प्रभावित था। अब शुल्क कम होने से सोने के गहनों और हीरों का निर्यात फिर से पुरानी रफ्तार पकड़ेगा।
India America Tariff News: US के साथ सबसे ज्यादा निर्यात
India America Tariff News: समझौते होने पर व्यापारिक रूप से दोनों पक्षों को लाभ होगा। भारत के लिहाज से देखा जाए तो अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से दिसंबर के बीच भारत ने अमेरिका को 65.88 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया है जो वित्तीय वर्ष 2024-25 की समान अवधि में 60.05 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रहा था। इस तरह से चालू वित्तीय वर्ष में निर्यात में 9.75 प्रतिशत का उछाल आया है। निर्यात के मामले में अमेरिका पहले पायदान पर रहा है, जबकि उसके बाद यूएई और फिर चीन का नंबर आता है लेकिन यूएई और चीन को होने वाले निर्यात ( क्रमश: 28.92 और 14.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर) अमेरिकी की तुलना में बेहद कम रही है। इस लिहाज से समझा जा सकता है कि निर्यात क्षेत्र के नजरिए से अमेरिका हमारे सामान का सबसे बड़ी खरीदार है।
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