पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी के दाम में बड़ी गिरावट आई है, लेकिन अब इसमें लगातार तेजी देखी जा रही है. कमोडिटी मार्केट में इन कीमती धातुओं ने पिछले दो दिनों में अच्छी तेजी दिखाई है, जिस कारण अब निवेशक असमंजस की स्थिमि में हैं कि अभी सोना-चांदी को लेकर क्या करना चाहिए?
बुधवार, शाम 7.30 बजे तक मल्टी कमोडिटी मार्केट (MCX) पर 2 अप्रैल वायदा का सोना 5,522 रुपये या 3.59% चढ़कर 1,59,331 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. दूसरी ओर, मार्च वायदा वाली चांदी 21,278 रुपये या 7.94 फीसदी चढ़कर 2,89,293 रुपये पर थी.
गिरावट के बाद कितने चढ़े गोल्ड-सिल्वर के रेट्स?
दो दिन पहले सोने और चांदी के दाम में तेज गिरावट हावी थी, जिस कारण सोने-चांदी ने अपना बॉटम टच किया था, फिर इसमें शानदार तेजी आनी शुरू हुई. सोमवार को गोल्ड प्राइस टूटकर 1.37 लाख रुपये के भाव पर आ गए थे, लेकिन अब 1.59 रुपये पर हैं यानी सोने के भाव में 22,000 रुपये की तेजी आई है.
इसी तरह, चांदी की कीमत सोमवार को गिरकर 2.25 लाख रुपये पर पहुंच गई थी, लेकिन फिर इसमें तेजी आई और अब इसकी कीमत 2.89 लाख रुपये है. इसका मतलब है कि चांदी दो दिनों के दौरान 64,000 रुपये उछल चुकी है.
रिकॉर्ड हाई से इतने कम हुए दाम
29 जनवरी, 2026 को गोल्ड-सिल्वर ने अपना रिकॉर्ड हाई टच किया था. MCX के अनुसार, सोना का रिकॉर्ड हाई लेवल 1.93 लाख रुपये है, जबकि चांदी का रिकॉर्ड हाई प्राइस 4.20 लाख रुपये है. इस हिसाब से देखा जाए तो रिकॉर्ड हाई से सोना अभी 34 हजार रुपये सस्ता है. वहीं चांदी करीब 1.31 लाख रुपये नीचे है.
सोने चांदी में गिरावट क्यों आई?
सोना और चांदी जब अपने रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गए थे, तब मुनाफावसूली शुरू हुई. निवेशकों द्वारा लगातार प्रॉफिट निकालने के कारण सोने -चांदी की कीमतों में बिकवाली बढ़ी, जिस कारण इसके दाम कम हुए.
डॉलर मजबूत होने से कमोडिटी की कीमतों में दबाव आता है. इस बीच डॉलर में तेजी देखने को मिली, जिस कारण सोने-चांदी में गिरावट के योग बने.
अभी क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह गिरावट मुनाफावसूली के कारण आई थी, जिस कारण यह गिरावट अस्थायी थी. अगर लॉन्गटर्म नजरिया देखा जाए तो सोना-चांदी की डिमांड बनी हुई है और लॉन्गटर्म नजरिए के लिए खरीदारी की जा सकती है, लेकिन शॉर्ट टर्म के हिसाब से देखा जाए तो अभी गिरावट का इंतजार कर सकते हैं.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों DIP BUY की रणनीति पर काम करना चाहिए. किसी भी गिरावट पर सोने और चांदी में अपनी खरीदारी बढ़ा सकते हैं. साथ ही अपने पोर्टफोलियो में 10 से 20 फीसदी तक हिस्सा सोने और चांदी का रख सकते हैं. यह किसी भी भारी नुकसान से बचने के लिए एक अच्छी रणनीति हो सकती है.
(नोट- किसी भी कीमती धातु में खरीदारी से पहले अपने योग्य सलाहकार की मदद जरूर लें.)
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