1960 में पहली बार 34 किमी ऊपर से जासूसी विमान गिराया गया, S-75 Dvina से S-400 तक एयर डिफेंस का कैसा रहा सफर? – Zee News

Air Defense Systems: समय के साथ सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम (SAM) तैयार होती गईं. जो छोटे दायरे से आगे बढ़कर लंबी दूरी तक टार्गेट को हिट करने में सक्षम हो गए हैं. इतिहास पर नजर डालें तो यह साफ दिखता है कि तकनीक, युद्ध रणनीति और सुरक्षा जरूरतों ने एयर डिफेंस सिस्टम को लगातार अधिक शक्तिशाली बनाया है.
Air Defense Systems: हवाई रक्षा युद्ध हमेशा दूरी और जवाबी कार्रवाई की दौड़ रहा है. समय के साथ सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम (SAM) तैयार होती गईं. जो छोटे दायरे से आगे बढ़कर लंबी दूरी तक टार्गेट को हिट करने में सक्षम हो गए हैं. इतिहास पर नजर डालें तो यह साफ दिखता है कि तकनीक, युद्ध रणनीति और सुरक्षा जरूरतों ने एयर डिफेंस सिस्टम को लगातार अधिक शक्तिशाली बनाया है.
इसकी शुरुआत साल 1960 में सोवियत संघ के S-75 Dvina सिस्टम से मानी जाती है. जिसने करीब 34 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे U-2 जासूसी विमान को मार गिराया था. यह घटना उस समय बड़ी मानी गई. क्योंकि इससे साबित हुआ कि ऊंचाई पर उड़ान भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. साल 1972 में वियतनाम युद्ध के दौरान इसी मिसाइल परिवार का इस्तेमाल B-52 बमवर्षकों के खिलाफ भी किया गया. जहां 30 किमी से अधिक दूरी पर इंटरसेप्शन के दावे सामने आए थे.
सीरिया ने भी दावे किए
1980 के दशक में सोवियत S-200 Vega सिस्टम ने लंबी दूरी की नई सीमा तय की. बाद में सीरिया ने लगभग 150 किमी की दूरी पर टार्गेट को मार गिराने का दावा किया. इस सिस्टम को ऊंची उड़ान वाले बड़े विमानों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया था.
अमेरिकी F-117 स्टील्थ विमान गिरे थे
साल 1999 में एक अलग उदाहरण सामने आया. यूगोस्लाव बलों ने S-125 Neva सिस्टम से अमेरिकी F-117 स्टील्थ विमान को गिराया. यह इंटरसेप्शन करीब 13 किमी की दूरी पर हुआ. यह रेंज भले ही कम था. लेकिन इसने दिखाया कि सही समन्वय से उन्नत तकनीक को भी चुनौती दी जा सकती है.
इंटरसेप्शन की दूरी बढ़ी
हाल के सालों में इंटरसेप्शन की दूरी और बढ़ी है. साल 2023 में यूक्रेन ने दावा किया कि उसने MIM-104 Patriot सिस्टम से रूसी Kh-47M2 किंझल मिसाइल को लगभग 160 किमी की दूरी पर रोका. यह पुराने विमानों से आगे बढ़कर तेज गति वाली मिसाइलों को रोकने की दिशा में बड़ा कदम माना गया.
यूक्रेन ने क्या दावे किए?
इसके अलावा यूक्रेन ने S-200 सिस्टम के जरिए 240 से 250 किमी तक की दूरी पर टार्गेट को मार गिराने के दावे भी किए हैं. वहीं भारत द्वारा तैनात S-400 Triumf सिस्टम को लेकर यह दावा किया गया है कि उसने 300 किमी से अधिक दूरी पर हवाई टार्गेट को इंटरसेप्ट किया. यह सतह से हवा में मार करने वाले सिस्टम की अब तक की सबसे लंबी दूरी के इंटरसेप्शन में से एक माना जाएगा.
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एयर डिफेंस सिस्टम अब केवल सीमित क्षेत्र की सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं. बल्कि बड़े इलाके में हवाई क्षेत्र को नियंत्रित करने की क्षमता रखते हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि केवल दूरी ही निर्णायक नहीं होती. बेहतर रडार, तेज प्रतिक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध से बचाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. आने वाले समय में तकनीक के विकास के साथ इंटरसेप्शन की सीमा और बढ़ सकती है.
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सचेंद्र सिंह का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ‘संगम नगरी’ प्रयागराज में स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की है. पढ़ने और लिखने में इनकी ऐसी रूचि रही कि इन्होंने पत्रकारिता जगत से जुड़कर अपना करियर बनाने की ठान ली. फिलहाल सचेंद्र ज़ी मीडिया समूह से जुड़कर ‘ज़ी भारत : ZEE Bharat’ के डिजिटल प्लेटफॉर्म में अपना योगदान दे रहे हैं. …और पढ़ें
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