शेख़ हसीना के बेटे ने अपनी मां के भारत से प्रत्यर्पण के सवाल पर बीबीसी से क्या कहा? – BBC

अवामी लीग नेता शेख़ हसीना के बेटे सजीब वाजिद ने बीबीसी के ‘न्यूज़आवर’ कार्यक्रम में अपनी मां के वापस बांग्लादेश वापस जाने, देश में हुए चुनावों और अन्य मुद्दों पर बात की है.
सुमंत सिंह, चंदन कुमार जजवाड़े
अब इस लाइव ब्लॉग को यहीं विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े को दीजिए इजाज़त.
कल सुबह एक नए लाइव ब्लॉग के साथ फिर मिलेंगे. तब तक आप बीबीसी हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद अहम ख़बरों के साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर उन्हें विस्तार से पढ़ सकते हैं.
बांग्लादेश में बीएनपी की जीत क्या पाकिस्तान के लिए अच्छी ख़बर है?
मणिपुर में बीजेपी की 'लोकप्रिय सरकार' के बहाल होने से क्यों नाराज़ है कुकी जनजाति?
क्या आप कभी अपने 'एक्स' के साथ दोस्त बन सकते हैं
बांग्लादेश में न संसद है और न स्पीकर, फिर नई सरकार को शपथ कौन दिलाएगा?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग नेता शेख़ हसीना के बेटे सजीब वाजिद ने बीबीसी के ‘न्यूज़आवर’ कार्यक्रम में अपनी मां के वापस बांग्लादेश जाने, देश में हुए चुनावों और अन्य मुद्दों पर बात की है.
सजीब वाजिद से पूछा गया कि बांग्लादेश का चुनाव आमतौर पर शांतिपूर्ण रहा और राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा का माहौल देखने को मिला. क्या यह उस राजनीति को दरकिनार करना नहीं है, जिसे अवामी लीग ने बढ़ावा दिया था?
सजीब वाजिद ने कहा, “मैं नहीं समझता हूं कि चुनावों में प्रतिस्पर्धा थी क्योंकि देश की सबसे बड़ी और पुरानी पार्टी (अवामी लीग) पर चुनाव लड़ने को लेकर पाबंदी लगा दी गई. यह वास्तव में प्रतिस्पर्धी नहीं था.”
बांग्लादेश में जुलाई चार्टर और संविधान संशोधन के मुद्दे पर हुए जनमत संग्रह में भारी संख्या में लोगों ने इसका समर्थन किया है. क्या इसका यह मतलब नहीं है कि लोग पुराने समय से पूरी तरह आज़ाद होना चाहते हैं?
सजीब वाजिद ने इस पर कहा, “यह सही है. हम भी इतिहास से छुटकारा चाहते हैं. बीएनपी बांग्लादेश में एक अन्य बड़ी पार्टी है और वो सत्ता में वापस आए हैं. जब वो सत्ता में थे यही बात कही जाती थी.”
"बीएनपी और अवामी लीग ब्रिटेन की लेबर पार्टी और टोरी की तरह है. इनमें किसी की भी राजनीति दूसरे के बग़ैर नहीं चल सकती. हो सकता है कि अभी सब खुश हों कि उन्होंने चुनाव जीत लिया है. लेकिन अवामी लीग बांग्लादेश के चुनावों में बड़ा फ़ैक्टर है. हमारे पास 40 फ़ीसदी वोट हैं. जातीय पार्टी के पास 5 से 10 फ़ीसदी वोट हैं. आप उनकी अनदेखी नहीं कर सकते."
उन्होंने कहा, "हमें चुनाव नहीं लड़ने दिया गया. लेकिन ऐतिहासिक तौर पर अवामी लीग के पास 40 फ़ीसदी वोट रहे हैं. बीएनपी यह चुनाव जीतने ही वाला था क्योंकि उनके सामने कोई नहीं था."
वाजिद से कार्यक्रम में पूछा गया कि 'क्या आपने इन चुनावों पर अपनी मां से बात की है?'
उन्होंने कहा, "नहीं मैं बात नहीं कर पाया हूं. मैं अभी काफ़ी व्यस्त हूं."
सजीब वाजिद से पूछा गया कि अगर बीएनपी औपचारिक तौर पर शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण की गुज़ारिश करे तो क्या वो बांग्लादेश लौटेंगी?
इस पर वाजिद ने कहा, “भारत में कानून का शासन है. बीएनपी प्रत्यर्पण के लिए गुज़ारिश कर सकती है लेकिन इसके लिए कुछ प्रक्रिया होती है और बीएनपी को उन बाधाओं को पार करना होगा. इसलिए कोई रास्ता ही नहीं है कि वो प्रत्यर्पण करा सकते हैं.”
"हां वो एक दिन ज़रूर लौटेंगी. मेरी मां रिटायर होना चाहती हैं और अपने देश में रहना चाहती हैं. वो दूसरे देश में रहना नहीं चाहती हैं. एक दिन वो अपने देश ज़रूर लौटेंगी."
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ब्रिटेन और उसके यूरोपियन मित्र देशों ने आरोप लगाया है कि रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी को डार्ट फ्रॉग टॉक्सिन से बने ज़हर से मारा गया.
साइबेरियन पीनल कॉलोनी में नवेलनी की मौत के दो साल बाद, ब्रिटेन और उसके साथियों ने उनके शरीर पर मिले मटीरियल सैंपल के एनालिसिस के बाद इस मामले में क्रेमलिन को दोषी ठहराया है.
ब्रिटेन के फॉरेन ऑफिस ने कहा कि नवेलनी के शरीर से लिए गए सैंपल में एपिबेटिडाइन नाम का टॉक्सिन मिलने की कोई साधारण वजह नहीं है.
म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने कहा, "सिर्फ़ रूसी सरकार के पास ही जेल में रहने के दौरान एलेक्सी नवेलनी के ख़िलाफ़ इस जानलेवा टॉक्सिन का इस्तेमाल करने का तरीका, मकसद और अवसर था."
इस मामले पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “एलेक्सी नवेलनी ने ज़ुल्म के सामने बहुत हिम्मत दिखाई. सच को सामने लाने के उनके पक्के इरादे ने एक हमेशा रहने वाली विरासत छोड़ी है. मेरी दुआएं उनके परिवार के साथ हैं.”
उन्होंने कहा, “मैं रूस और पुतिन के जानलेवा इरादे के ख़तरे से हमारे लोगों, हमारे मूल्यों और हमारे जीने के तरीके की रक्षा के लिए जो कुछ भी करना होगा, कर रहा हूँ.”
नवेलनी एक एंटी-करप्शन कैंपेनर और रूस के सबसे मुखर विपक्षी नेता थे. उनकी 16 फरवरी 2024 को 47 साल की उम्र में जेल में अचानक मौत हो गई थी.
साल 2020 में उन्हें नोविचोक नर्व के ज़रिए ज़हर दिया गया था. जर्मनी में उनका इलाज चला, और रूस लौटने पर उन्हें एयरपोर्ट पर गिरफ़्तार कर लिया गया था.
एलेक्सी नवेलनी: रूस में पुतिन की सत्ता को चुनौती देने वाले विपक्षी नेता की जेल में मौत
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बिहार के गया में नकली दवा बनाने वाली एक फैक्ट्री पकड़ी गई है. इस पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के एडिशनल सीपी मंगेश कश्यप ने विस्तृत जानकारी दी है.
उन्होंने कहा, "अब तक इस मामले में कुल 9 गिरफ्तारियां हुई हैं और अलग-अलग राज्यों के लोगों को पकड़ा गया है. ये लोग हिमाचल प्रदेश से लेकर बिहार तक काम कर रहे थे."
मंगेश कश्यप ने बताया, “नकली दवा बनाने का काम दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में था."
दिल्ली पुलिस की एक टास्क फ़ोर्स ने कई राज्यों में फैले ड्रग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है. इसके तहत बिहार के गया में संचालित एक और नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है.
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने एक एक्स पोस्ट के ज़रिए क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की कार्रवाई के बारे में बताया.
दिल्ली पुलिस ने बताया, “दूसरी नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़. मास्टर कोऑर्डिनेटर गिरफ्तार. अब तक 9 कार्टेल सदस्य पकड़े गए. 1.6 लाख से ज़्यादा नकली गोलियां बरामद.”
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15 फरवरी को भारत के साथ होने वाले टी- 20 वर्ल्ड कप मैच से पहले पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने पाकिस्तान की टीम पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "इस मैच को लेकर पहले कई मुश्किलें थीं कि यह होगा या नहीं. लेकिन अब वह बीती बात हो गई है. अब मुख्य बात यह है कि फोकस क्रिकेट पर होना चाहिए."
हरभजन सिंह ने कहा, "पाकिस्तान भी एक बहुत मज़बूत टीम है. ख़ासकर इन हालात में बड़े मैदानों पर उनके स्पिनर अच्छी बॉलिंग कर रहे हैं. यह बहुत अच्छा मैच होने वाला है. मुझे उम्मीद है कि भारत अच्छा खेलेगा और टीम हम सभी को गर्व महसूस कराएगी."
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हरभजन सिंह ने पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक़ के बारे में कहा ”वो अलग तरह के स्पिनर हैं. वो सबसे अलग हैं. उनके पास बहुत वैरिएशन हैं. उन्हें खेलना आसान नहीं है. आप ऐसे खिलाड़ी को अच्छे से फ़ेस करें जिनके ख़िलाफ़ पहले नहीं खेला है. लेकिन अभिषेक शर्मा भारतीय टीम में वापस आ गए हैं और वो स्पिन गेंदबाज़ी बहुत अच्छे से खेलते हैं."
भारत और पाकिस्तान के बीच श्रीलंका के कोलंबो में रविवार ( 15 फरवरी 2026) को वर्ल्ड कप टी-20 का मुक़ाबला होना है.
इस मैच पर क्रिकेट प्रेमियों की नज़र बनी हुई है.
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूरोप का कोई भी देश अपनी रक्षा के लिए अपनी तकनीक और दौलत पर भरोसा नहीं कर सकता. उनका कहना है कि कोई भी देश पूरी तरह से युद्ध में अकेला नहीं खड़ा हो सकता.
उन्होंने म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ़्रेंस में कहा, "रूस हम सभी की एकता और यूरोप की एकता को तोड़ने में निवेश कर रहा है. यूरोप की एकता रूस की आक्रामक योजनाओं के ख़िलाफ़ उसका सबसे अच्छा इंटरसेप्टर है और यह अभी भी यूरोप के पास है."
ज़ेलेंस्की ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नॉर्थ कोरिया और चीन जैसे दुनिया भर के मित्र देशों के ज़रिए रूस पर लगे प्रतिबंधों को बायपास करने में कामयाब हैं.
उन्होंने कहा, "इसके अलावा, पुतिन के पास अभी भी फ़ाइनेंशियल स्टेबिलिटी की गारंटी है और इसका एक बड़ा हिस्सा यूरोप के समुद्रों में है. रूसी तेल टैंकर अभी भी बाल्टिक सागर और नॉर्थ सी में यूरोप के तटों पर आसानी से घूमते हैं."
ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूरोप ने अपनी सुरक्षा का बजट बढ़ाया है और यह पुरानी ग़लतियों को ठीक करना है.
ज़ेलेंस्की ने अपने भाषण में अमेरिका को सीधा संबोधित करते हुए कहा है कि 'हम उम्मीद करते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप हमें सुन रहे हैं.'
इससे पहले म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ़्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका और यूरोप "एक साथ हैं", और "यूरोप का भाग्य, हमारे भाग्य से कभी भी अलग नहीं होगा."
हालांकि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की आलोचना की और दावा किया कि यूएन ने दुनिया में हो रहे झगड़ों को सुलझाने में "कोई भूमिका नहीं" निभाई है.
उन्होंने बार-बार कहा कि अमेरिका का इरादा यूरोप के साथियों के साथ काम करने का है. लेकिन उन्होंने कहा कि इस गठबंधन को ठीक करने की ज़रूरत है.
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दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजीसी के समर्थन में निकाली गई रैली कवर करने पहुंचीं महिला यूट्यूबर रुचि तिवारी और अन्य स्टूडेंट्स के साथ मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की है.
दिल्ली के मौरिस नगर थाने ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया है कि इस मामले में रुचि तिवारी की शिकायत पर एफ़आईआर दर्ज की गई है.
पुलिस ने बताया है कि इस मामले में शामिल अभियुक्तों की पहचान घटना के वीडियो के आधार पर की जाएगी.
इस मारपीट के वीडियो को सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शेयर किया और रुचि तिवारी के पक्ष और विपक्ष में कमेंट किए गए हैं. वीडियो में रुचि तिवारी और कुछ स्टूडेंट्स के बीच बहस और धक्का-मुक्की को देखा जा सकता है.
इस मामले में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने रुचि तिवारी पर लोगों को भड़काने का आरोप भी लगाया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट संगठन एआईएसए (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) का प्रदर्शन चल रहा था.
एएनआई से बातचीत में रुचि तिवारी ने कहा, “मेरी वीडियो हर किसी के पास पहुंच गई है. लोग ख़ुद देखकर फ़ैसला करेंगे कि मैंने कितना भड़काया और कितनी भीड़ मेरे ऊपर आकर टूटी. ”
उन्होंने कहा, “मैं वहां कुछ नहीं कर पा रही थी. मुझे ग़लत तरीके से टच किया जा रहा था. मेरा गला पकड़ा गया था. मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए गए थे. पुलिस वहां खड़े होकर देख रही थी.”
रुचि तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनकी जाति देखकर उनके साथ मारपीट की गई.
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने जारी किया बयान
इस घटना के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर योगेश सिंह ने एक बयान जारी कर शिक्षकों और विद्यार्थियों से आपस में मिलकर रहने की अपील की है.
इस बयान में कहा गया है, “मैं दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से अनुरोध करता हूं कि वह आपस में सौहार्द बनाए रखें. कोई भी ऐसा काम न करें जिससे आपसी मनमुटाव बढ़े और राष्ट्र व विश्वविद्यालय की छवि को नुक़सान हो. दिल्ली विश्वविद्यालय में कल जो घटना हुई वह चिंता का विषय है.”
बयान में आगे कहा गया, “विश्वविद्यालय में भारत के सभी प्रदेशों और सभी समुदायों के विद्यार्थी पढ़ते हैं. सामाजिक सौहार्द सबसे बड़ी चीज़ है; और उसे बनाए रखना हम सब का कर्तव्य है."
"मैंने आज कई विद्यार्थी समूहों और शिक्षक समूहों से बातचीत की है और पुलिस प्रशासन से भी बात करके ये सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में कोई ऐसी घटना न हो जिससे सद्भाव को कोई नुकसान पहुंचे. यूजीसी के जो नए नियम आए हैं, वह अभी माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं."
उन्होंने कहा, “मैं विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपील करता हूं कि वह भारत सरकार पर अपना भरोसा बनाए रखें और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का इंतज़ार करें.”
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नोएडा के सेक्टर 39 थाना क्षेत्र में वैलेंटाइन डे के दिन एक कार में एक युवक और युवती का शव मिलने के बारे में नोएडा के डीसीपी ने जानकारी दी है.
नोएडा के डीसीपी यमुना प्रसाद ने कहा, “आज दिनांक 14 फ़रवरी को सेक्टर 39 थाने की हद में आने वाले सेक्टर 107 नोएडा-दादरी रोड के पिलर नंबर 84 के पास एक दिल्ली नंबर की कार होने की सूचना मिली. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौक़े पर पहुंची और कार की जांच की गई. कार के अंदर एक लड़का और एक लड़की के सिर में गोली लगी हुई पाई गई.”
डीसीपी ने आगे बताया, “लड़के के हाथ में पिस्टल थी और कार अंदर से बंद थी. पहली नज़र में यह आत्महत्या का मामला दिखता है. मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और क़ानूनी कार्रवाई की जा रही है."
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रह्मपुत्र नदी पर गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ने वाले कुमार भास्कर वर्मा ब्रिज का उद्घाटन किया.
क़रीब 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बना 6-लेन का यह पुल, गुवाहाटी को बड़े हिस्से को उत्तर गुवाहाटी से जोड़ता है. यह भारत के उत्तर-पूर्व इलाक़े का पहला एक्सट्राडोज़्ड पुल है.
इस इलाक़े में भूकंप की संभावना को देखते हुए, पुल में फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग का इस्तेमाल किया गया है.
पीएम मोदी ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, "ब्रह्मपुत्र पर बना कुमार भास्कर वर्मा सेतु गुवाहाटी और उसके आस-पास के इलाक़ों के लिए एक ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है. इससे कनेक्टिविटी, सुविधा और व्यवसाय में काफ़ी बढ़ोतरी होगी. इससे श्रद्धालु ज़्यादा आसानी से कामाख्या मंदिर जा सकेंगे."
प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी के मुताबिक़, असम में पीएम मोदी के कार्यक्रम में 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और हरी झंडी दिखाना शामिल है.
पीएम मोदी ने असम में एक जनसभा में कहा, "कांग्रेस ने 7 दशकों में ब्रह्मपुत्र पर केवल 3 पुल बनाए, जबकि बीजेपी ने 10 साल में 5 पुल बनवाए."
उन्होंने पुलवामा हमले को याद करते हुए कहा, "आज ही पुलवामा हमले की बरसी है… इस आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह आतंकियों को सज़ा दी, उसे पूरी दुनिया ने देखा है. कुछ लोग तो अभी भी कांप रहे हैं. अभी आपने भारत की ये शक्ति ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी देखी है."
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर किएर स्टार्मर ने कहा है कि ब्रिटेन इस साल उत्तरी अटलांटिक और हाई नॉर्थ में एक कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात करेगा.
स्टार्मर का कहना है कि ब्रिटेन की तैनाती यूरो-अटलांटिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का 'मज़बूत प्रदर्शन' है.
उन्होंने कहा, "मैं आज घोषणा कर सकता हूं कि ब्रिटेन अपने कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को नॉर्थ अटलांटिक और हाई नॉर्थ में तैनात करेगा. यह ऑपरेशन अमेरिका, कनाडा और दूसरे नेटो सहयोगियों के साथ मिलकर चलाया जाएगा."
स्टार्मर ने यह बयान म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ़्रेस के दौरान दिया है.
ब्रिटेन का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप रॉयल नेवी के युद्धपोतों का एक इंटरनेशनल ग्रुप है. इसमें एक कैरियर, 40 एयरक्राफ्ट, एक फ्रिगेट, एक डिस्ट्रॉयर, एक सबमरीन, एक सप्लाई शिप शामिल है.
वहीं अमेरिका के पास इससे बहुत बड़ा फ्लीट है, जिनमें ज़्यादा डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट और 70 तक एयरक्राफ्ट शामिल हैं.
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संसदीय चुनावों में दो-तिहाई सीटें जीतने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक़ रहमान ने कई चुनौतियों का ज़िक्र किया.
तारिक़ रहमान ने कहा है कि देश की विदेश नीति बांग्लादेश और बांग्लादेश की जनता के हितों को ध्यान में रखकर तय की जाएगी.
बीबीसी बांग्ला के मुताबिक़, विदेशी पत्रकारों के सवालों के जवाब में रहमान ने कहा, "देश की जनता के हित सर्वोपरि हैं, और हम उनके हितों को गंभीरता से ध्यान में रखते हुए विदेश नीति तय करेंगे."
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मौजूद स्थायी समिति के सदस्य अमीर खसरू महमूद चौधरी ने कहा, "बांग्लादेश की विदेश नीति किसी एक देश के प्रति वफादारी पर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, समानता और विश्वास पर आधारित होगी."
तारिक़ रहमान ने कहा, "हम फासीवादियों के छोड़े गए हालात में एक यात्रा शुरू करने वाले हैं. एक नाजुक अर्थव्यवस्था, निष्क्रिय संवैधानिक और वैधानिक संस्थाएं, और एक कमज़ोर क़ानून और व्यवस्था की स्थिति."
उन्होंने बीएनपी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा, "मैं देश भर में सभी स्तरों पर बीएनपी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सैकड़ों उकसावे की कार्रवाई के बावजूद शांत और सतर्क रहने की अपील करता हूं ताकि कहीं भी कोई अप्रिय घटना न घटे. ताकि कोई भी बुरी ताक़त इस स्थिति का फायदा उठाकर कोई अप्रिय घटना न कर सके."
तारिक़ रहमान ने कहा कि बांग्लादेश में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उन्होंने कहा, "किसी सियासी दल से जुड़े होने, धर्म, जाति या मतभेदों की परवाह किए बिना, किसी भी बहाने से कमज़ोर पर ताक़तवर का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा."
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बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने पीएम मोदी को धन्यवाद कहा है.
बीएनपी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, “बहुत-बहुत धन्यवाद माननीय नरेंद्र मोदी. नेशनल इलेक्शन में बीएनपी की निर्णायक जीत दिलाने में तारिक़ रहमान की लीडरशिप को आपने जिस तरह से माना, उसके लिए हम बहुत आभारी हैं.”
पोस्ट में आगे लिखा है, “यह नतीजा बांग्लादेश के लोगों के हमारे लीडरशिप और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसे और यकीन को दिखाता है. बांग्लादेश अपने सभी नागरिकों के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों, सबको साथ लेकर चलने और आगे बढ़ने वाले विकास को बनाए रखने के लिए समर्पित है.”
बीएनपी का कहना है, “हम आपसी सम्मान, एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता और हमारे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और खुशहाली के लिए एक साझा कमिटमेंट से गाइड होकर, अपने कई तरह के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ रचनात्मक तरीके से जुड़ने की उम्मीद करते हैं.”
शुक्रवार को बांग्लादेश के चुनावी नतीजे आने के बाद पीएम मोदी ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख तारिक़ रहमान को बधाई दी थी.
बीबीसी संवाददाता शुभज्योति घोष को बीएनपी के चेयरपर्सन ऑफिस ने शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय प्रधानमंत्री को भी आमंत्रण भेजे जाने की जानकारी दी है.
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक़ रहमान को 13वें संसदीय चुनाव में उनकी पार्टी की जीत पर बधाई संदेश भेजा है.
बीबीसी बांग्ला सेवा के मुताबिक़, शनिवार सुबह दिए गए संदेश में मुख्य सलाहकार ने उम्मीद जताई कि तारिक़ रहमान देश को एक स्थिर, समावेशी और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएंगे.
मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार की ज़िम्मेदारियों को पूरा करने में सहयोग और उपयोगी भूमिका निभाने के लिए बीएनपी अध्यक्ष को धन्यवाद भी दिया.
बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में बीएनपी ने दो-तिहाई से अधिक सीटें जीती हैं.
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मुंबई के मुलुंड (पश्चिम) के एलबीएस रोड पर शनिवार को निर्माणाधीन मेट्रो का स्लैब गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. इस हादसे में कई अन्य लोग घायल भी हो गए हैं.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया, "मुंबई के मुलुंड इलाक़े में मेट्रो कंस्ट्रक्शन स्लैब गिरने से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हो गए हैं."
सीएमओ ने लिखा, "मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर दुख जताया है और घटना की जांच के आदेश दिए हैं. राज्य सरकार मृतकों के परिवार वालों को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी और घायलों के इलाज का ख़र्च राज्य सरकार उठाएगी."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, मेट्रो रेल लाइन की पैरापेट दीवार का स्लैब गाड़ियों पर गिर गया.
पीटीआई ने बताया, "पुलिस और नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शनिवार दोपहर मुंबई के मुलुंड इलाक़े में निर्माणाधीन मेट्रो रेल लाइन 4 के गार्डर ब्रिज का एक स्लैब कुछ गाड़ियों पर गिर गया."
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पीएम नरेंद्र मोदी को बांग्लादेश में तारिक़ रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का आमंत्रण भेजा जाएगा.
बीबीसी संवाददाता शुभज्योति घोष को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरपर्सन ऑफिस ने शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय प्रधानमंत्री को भी आमंत्रण भेजे जाने की जानकारी दी है.
बीएनपी चेयरपर्सन तारिक़ रहमान के फॉरेन पॉलिसी एडवाइजर हुमायूं कबीर ने पुष्टि की है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तारिक़ के शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया जाएगा.
बांग्लादेश के आम चुनावों में बीएनपी ने प्रचंड जीत हासिल की है और अब उनके नेता तारिक़ रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं.
शुक्रवार को चुनाव के नतीजे आने के बाद पीएम मोदी ने तारिक़ रहमान को फ़ोन कर चुनाव में जीत के लिए बधाई भी दी थी. बीएनपी ने पीएम मोदी को इसके लिए शुक्रिया भी कहा है.
नमस्कार!
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बांग्लादेश: तारिक़ रहमान और बीएनपी की वो बातें, जो बढ़ाती हैं भारत की चिंता
तारिक़ रहमान की जीत लेकिन मज़बूती जमात-ए-इस्लाम की, बांग्लादेश का मीडिया ऐसा क्यों कह रहा?
बांग्लादेश में तारिक़ रहमान का पीएम बनना भारत के लिए सबसे अच्छा विकल्प क्यों माना जा रहा है?
भारत आ रहे हैं इन 20 देशों के पीएम, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति, जानिए क्या है वजह
भारत के एक बार फिर से रफ़ाल पर दांव लगाने की वजह जानिए
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील के मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को लेकर उठाए सवालों का केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जवाब दिया है.
पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी के पास बताने के लिए 'झूठ और फरेब' के अलावा कुछ नहीं है. वह सच्चाई से 'हज़ारों मील दूर' रहते हैं.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, "भारत की कपास की क्षमता बढ़ेगी, कपास की मांग भी बढ़ेगी और आयात करने के बाद प्रोसेस करके निर्यात करने की जो नीति है, वो विदेश व्यापार नीति में सदियों से चली आ रही है. ये कोई नई नहीं है."
उन्होंने कहा, "कांग्रेस के ज़माने से ऐसा ही है कि आप कुछ भी आयात कर सकते हैं. यहां प्रोसेस करके निर्यात करें तो ज़ीरो ड्यूटी पर आते हैं. वहां तो कोई नुक़सान नहीं है, बल्कि लोगों को रोज़गार मिलेगा."
"किसानों के बच्चों को भी रोज़गार मिलेगा और किसानों को अपार अवसर मिलेंगे. क्योंकि टेक्सटाइल क्षेत्र में अब पूरे विश्व का 70 फ़ीसदी बाज़ार भारत के लिए खुल गया है."
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को एक वीडियो संदेश के ज़रिए केंद्र सरकार पर कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा देने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, "अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे. अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा. और अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है."
संबंधित कहानी: राहुल गांधी ने उठाया बांग्लादेश पर अमेरिका के ज़ीरो टैरिफ़ का मुद्दा
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शंकराचार्य पद को लेकर दिए बयान पर उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ के प्रमुख स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी है.
योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को यूपी विधानसभा में कहा था कि 'हर कोई शंकराचार्य नहीं बन सकता' है.
उन्होंने राज्य में 'क़ानून के शासन' पर ज़ोर देते हुए कहा था कि कोई भी व्यक्ति किसी पीठ के आचार्य के रूप में कहीं भी 'वातावरण ख़राब नहीं कर सकता'.
इस पर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार को कहा, "नजीर है, आदित्यनाथ के ऊपर 40 से ज़्यादा मुक़दमे थे और जब वह मुख्यमंत्री बने तो सभी मुक़दमे अपने ऊपर से हटवा लिए. ये कैसा क़ानून का पालन है? ये क्या क़ानून में लिखा है कि अगर कोई भी व्यक्ति बड़े पद पर पहुंच जाएगा तो उसके ऊपर से सारे मुक़दमे हटा लिए जाएंगे? ये कहां लिखा है?"
उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश की विधानसभा में खड़े होकर आपने ये कहा है कि मैं क़ानून का पालन करने वाला हूं. अगर आप क़ानून का पालन करने वाले हैं तो 45 केस और उनका कोर्ट में सामना करिए."
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के दौरान समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया था.
उन्होंने कहा था, "अगर वह शंकराचार्य थे तो आप लोगों (सपा) ने क्यों लाठीचार्ज किया था वाराणसी में? क्यों एफ़आईआर की थी?"
सीएम योगी के इस दावे पर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, "जिस समय लाठीचार्ज हुआ था, हम शंकराचार्य नहीं थे. और अगर समाजवादी पार्टी ने किसी को लाठी मारी तो वो ग़लत मारी. वही चीज़ आप कर रहे हो, तो आप कहां से सही हुए?"
उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी ग़लत है तो योगी आदित्यनाथ भी ग़लत हैं.
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा देने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट झूठ बोल रही है और भ्रम फैला रही है.
राहुल गांधी ने कहा, "बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ़ का फ़ायदा दिया जा रहा है. शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करे. भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ़ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही ख़ास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया- 'अगर यही फ़ायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी'."
नेता प्रतिपक्ष ने इस नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, "अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे. अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा. और अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है."
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं. करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है.
उन्होंने कहा कि सरकार को कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स, दोनों के हितों की रक्षा करनी चाहिए. जबकि भारत-अमेरिका समझौता दोनों क्षेत्रों को 'गहरी चोट पहुंचाने वाला' साबित हो सकता है.
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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शंकराचार्य पद को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को 'अभद्र' बताया है.
उन्होंने कहा कि 'शंकराचार्य जी पर दिया गया अभद्र बयान सदन में हमेशा के लिए दर्ज़ हो गया है. इस बयान को हम निंदनीय कहें तो निंदनीय शब्द को भी निंदनीय महसूस होगा'.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में शंकराचार्य पद और उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ के प्रमुख स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच प्रयागराज में हुए विवाद पर बयान दिया.
इस पर अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा, "परम पूज्य शंकराचार्य जी के बारे में घोर अपमानजनक अपशब्द बोलना, शाब्दिक हिंसा है और पाप भी. ऐसा कहने वाले के साथ-साथ उनको भी पाप पड़ेगा जिन्होंने चापलूसी में मेजे़ें थपथपाई हैं."
उन्होंने कहा, "जो महाकुंभ की मौतों पर सच्चे आँकड़े नहीं बताते हैं, कैश में मुआवज़ा देकर उसमें भी भ्रष्टाचार का रास्ता निकाल लेते हैं. जिन तक मुआवज़ा नहीं पहुँचा, उनका पैसा कहाँ गया, ये नहीं बताते हैं. अपने ऊपर लगे मुक़दमे हटवाते हैं. वो किसी और के 'धर्म-पद' पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं रखते."
उन्होंने कहा, "जब इंसान नहीं, अहंकार बोलता है तो यही होता है. अहंकार संस्कार को विकार में बदल देता है."
योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा था कि 'हर कोई शंकराचार्य नहीं बन सकता' है. उन्होंने राज्य में 'क़ानून के शासन' पर ज़ोर देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी पीठ के आचार्य के रूप में कहीं भी 'वातावरण ख़राब नहीं कर सकता'.
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