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यूपी की राजधानी लखनऊ में रविवार को कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली. उनके साथ कई अन्य नेताओं ने भी सपा की सदस्यता ली. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत किया.
समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतापगढ़ सदर से पूर्व विधायक राजकुमार पाल, अनीश अहमद खान, देवरिया के पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा, एआईएमआईएम के पूर्व नेता दानिश खान, रंजना पाल इटावा, पूनम पाल और अलका समेत अन्य नेताओं ने सपा की सदस्यता ली.
राजकुमार पाल ने क्या कहा…
राजकुमार पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने महारानी अहिल्याबाई होल्कर के सम्मान की लड़ाई विधानसभा से लेकर लोकसभा तक लड़ी है और उनका समाज हमेशा सपा के साथ खड़ा रहेगा.
‘नेताजी से हमेशा प्रभावित रहा’
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि वे हमेशा नेताजी मुलायम सिंह यादव से प्रभावित रहे हैं और जब भी उनसे मिले, उन्हें अपना नेता माना. मैं हमेशा से नेताजी से प्रभावित रहा हूं. भले किसी पार्टी से जुड़ा रहा. मैं जब भी आपसे (दिवंगत मुलायम सिंह यादव) मिला, मैंने हमेशा कहा कि मैं आपको अपना नेता मानता हूं. सम्मान करता हूं. आज मैं अखिलेश जी का भी आभार और धन्यवाद व्यक्त करता हूं.
उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश ने कभी हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई की राजनीति नहीं की और यही बात मुझे प्रभावित करती है. इस दौरान उनकी जुबान फिसल गई और वे बोले कि जो लोग आज बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुए हैं. इस पर मंच से लोगों ने टोका कि सपा में शामिल हुए हैं. इसके बाद सिद्दीकी ने खुद को संभालते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी से समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं. उन्होंने कहा कि आगे अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में सभी मिलकर काम करेंगे. साथ ही बताया कि बसपा से 18 नेता आज सपा जॉइन कर रहे हैं और उसी सूची को देखकर उनके मुंह से बहुजन समाज पार्टी निकल गया.
‘समाज मजबूत होगा तो हम मजबूत’
सिद्दीकी ने कहा कि हर व्यक्ति का स्वार्थ होता है और उनका स्वार्थ समाज को मजबूत करना है. उन्होंने कानून व्यवस्था, विकास, महिला, किसान और युवाओं के अधिकारों की बात करते हुए कहा कि सपा मजबूत होगी तो वे भी मजबूत होंगे. उन्होंने पार्टी अनुशासन और राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों का पालन करने की बात कही.
बसपा सरकार में रह चुके हैं मंत्री
नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक मायावती के करीबी नेताओं में गिने जाते थे. बाद में वे कांग्रेस में शामिल हुए थे और अब सपा का दामन थाम लिया है.
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