अजमेर | देश की पहली डिजिटल जनगणना को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंगलवार को संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने सिविल लाइन्स स्थित डिजाइन ईकोल कॉलेज में चल रहे प्रशिक्षण शिविर का जायजा लिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को प्रगणकों को कोई भी दस्तावेज दिखाने या जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। 33 सवालों के जवाब से तय होगा भविष्य। जनगणना के पहले चरण में मकान सूचीकरण में जनता से केवल 33 बिंदुओं पर मौखिक जानकारी ली जाएगी। इसमें पेयजल के स्रोत, रसोई ईंधन, शौचालय की सुविधा के साथ-साथ डिजिटल संपत्तियों जैसे मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट की उपलब्धता पूछी जाएगी। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर आगामी सरकारी योजनाएं तैयार होंगी।
तकनीकी प्रशिक्षण और समर्पण जयपुर से आए मास्टर ट्रेनर्स डीआर गांधी व सतीश बसंदानी ने मोबाइल एप व पोर्टल पर डेटा एंट्री का लाइव डेमो दिया। आयुक्त ने व इस राष्ट्रीय महायज्ञ में जुटे कार्मिकों के समर्पण की सराहना की और डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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