इस विवाद के बाद अब गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से सफाई आई है कि उन्होंने कभी रोबो-डॉग को बनाने का दावा नहीं किया है। यूनिवर्सिटी ने बताया है कि उन्होंने इस डॉग को चीन की फर्म यूनिट्री से खरीदा था और इसका मकसद स्टूडेंट्स को एडवांस तकनीक सिखाना है।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि हमारे स्टूडेंट्स के लिए चलता-फिरता क्लासरूम है। यूनिवर्सिटी ने इस रोबोट को ओरियन नाम दिया है और यह एक टूल है जिसके जरिए स्टूडेंट्स काफी कुछ सीख सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, (REF.)इस सफाई के बाद भी विवाद शांत होता नहीं दिख रहा है। दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे क्लिप मौजूद हैं, जिसमें यूनिवर्सिटी की ओर से रोबोट को अपना प्रोडक्ट बताया जा रहा है। इसके अलावा X पर भी कम्युनिटी नोट के जरिए यूनिवर्सिटी के दावे को फैक्ट चेक किया गया है।
एक क्लिप में यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि रोबो डॉग का नाम ओरियन बताते हुए इसके फीचर्स समझाती देखी जा सकती हैं। इससे ऐसा लगने लगा था कि इस रोबोट को गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने बनाया है।
यूनिट्री का Go2 रोबोट एक चार पैरों वाला रोबो डॉग है। इसे मशहूर रोबोटिक्स कंपनी यूनिट्री ने बनाया है। यह रोबोट अपने पिछले मॉडल Go1 का स्मार्ट और शक्तिशाली अपग्रेड है। इसकी खासियत है कि इसमें 4D LiDAR सेंसर लगे हैं, जो कि इसे 360-डिग्री देखने की क्षमता देता है। इसकी मदद से रोबो डॉग बाधाओं को पहचानकर उबड़-खाबड़ रास्तों और सीढ़ियों पर आसानी से चल सकता है। इसके अलावा यह AI से भी लैस है।
लेखक के बारे मेंभव्य भारद्वाजभव्य भारद्वाज, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। इन्होंने जी न्यूज (डीएनए), इंडिया न्यूज, यूसी न्यूज, ओपो इंडिया और बाइटडांस (टिकटॉक) जैसी प्रमुख न्यूज वेबसाइट्स और ऐप्स में काम किया है। टेक जर्नलिस्ट के तौर पर भव्य टेक-गैजेट न्यूज, टिप्स एंड ट्रिक्स, एआई न्यूज, गैजेट्स रिव्यूज और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें और लॉन्च इवेंट्स कवर करते आए हैं। दुनिया में टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलावों पर इनकी पैनी नजर रहती है। अलग-अलग तरह के गैजेट्स, ऑडियो प्रोडक्ट्स और वियरेबल्स को पाठकों को आसान भाषा में समझाने का हुनर भव्य के पास है। इन्होंने बैचरल ऑफ आर्ट्स इन मास मीडिया एंड क्रिएटिव राइटिंग की डिग्री जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से ली है। उसके बाद हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन (MJMC) किया है।… और पढ़ें