दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजें ये प्यारा पैगाम; मुबारक हो मोमिनों माहे रमजान आ रहा है! – Zee News

lovely Ramzan Message:  कुछ देर में रमजान का चाँद नज़र आएगा और रमजान का महीना शुरू हो जाएगा. आज रात से तरावीह की नमाज़ और सुबह सेहरी के साथ कल से रोज़े शुरू हो जाएंगे. रमजान का इंतज़ार लोग पूरे साल बड़ी बेसब्री के साथ करते हैं, और चाँद नज़र आते ही एक दूसरे को इसकी बधाइयां देते हैं. यहाँ हम आपके लिए लायें हैं रमजान की कुछ बेहतरीन बधाईयां और शुभकामना सन्देश.
 
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नई दिल्ली:  भारत सहित कई एशियाई देशों में आज रमजान का चाँद देखने का आयोजन किया जाएगा. चूंकि, अरब देशों में आज से रमजान शुरू हो चुका है, तो पूरी उम्मीद है कि आज चाँद नज़र आ जाएगा और कल से भारत सहित इसके पड़ोसी देशों में कल से रोज़े रखे जाएंगे. 
रमजान के महीने का दुनियाभर के मुसलमान बरी बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इस्लाम धर्म के दो बुनियादी सिद्धांतों (फ़र्ज़ की अदायगी) का पालन इसी महीने में किया जाता है. रोजा रखने का काम और ज़कात अदा करने का काम इसी माह में किया जाता है. ज़कात तो साल में कभी भी अदा की जा सकती है, लेकिन रोजा इसी माह में रखना होता है. रोजा रखना हर बालिग़ और सेहतमंद आदमीऔरत पर फ़र्ज़ है.

राजमान का महीना मुसलमानों के लिए एक रिफ्रेशर कोर्स जैसा है, जिसे हर मुस्लमान को साल में एक माह तक पूरी मुस्तैदी के साथ इसे पूरा  करना होता है. इसमें 100 परसेंट अटेंडेंस की अपेक्षा की जाती है. बिना किसी ठोस वजह के रमज़ान के एक रोज़े छोड़ने का दंड 60 रोजा रखना बताया गया है. 

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रमजान का मकसद ये होता है कि इस पूरे महीने में आदमी फिर से दीन की राह पर चलना सीख जाए. रोजा इंसानों को अपने नफ्स(इन्द्रियों ) को नियंत्रण करना सिखाता है.अनुशासन का पाठ पढ़ाता है और आदमी के अन्दर दया और करुणा का भाव पैदा करता है. दूसरे की भूख प्यास को महसूस करना सिखाता है. रोजा इंसान के आत्मा के साथ ही उसके शरीर का भी शुद्धिकरण (डेटोक्स ) करता है, ये वैज्ञानिक शोधों से भी प्रमाणित हो चुका है. 
कुरआन और हदीस में इस बात की गारंटी दी गई है कि जो कोई भी रमजान के महीने में सच्चे मन से अल्लाह की ख़ुशी के लिए रोज़े रखता है, अल्लाह उसके तमाम गुनाहों को माफ़ कर देता है. रमज़ान में किये गए हर एक इबादत के लिए उसके नाम 70 नेकियाँ दर्ज की जाती है. इसलिए इसे रहमत और बरकत का महीना कहा गया है, जहाँ आपको कम मेहनत पर ज्यादा मजदूरी या इनाम मिलता है. रमजान में लोग सदका, फितरा और ज़कात देकर गरीब और अभावग्रस्त लोगों की आर्थिक मदद भी करते हैं. इसी माह में आखिरी दस दिनों में किसी एक दिन ‘लैलतुल कद्र’ की रात होती है, जिसमें एक रात में की इबादत को हज़ार रातों की इबादत से अफज़ल(बेहतर) बताया गया है.
मुसलमान इसलिए इस महीने का इज्ज़त और एहतराम करते हैं, और साल भर इसका इंतजार करते हैं. वो रमजान का चाँद देखने के बाद एक दूसरे को आपस में बधाईयां भी देते हैं. आप भी नीचे दिए गए कुछ रेडीमेड बधाईयां अपने परिजनों और शुभचिंतकों को भेज सकते हैं; 
    
दिल में फिर से खुशियों का पैगाम आ रहा है, 
मुबारक हो मोमिनों माहे रमजान आ रहा है!

खुदा बख्शने पर आये जब उम्मत के गुनाहों को,
तोहफे में गुनाहगारों को माहे रमजान देता है!

फ़रिश्ते कह रहे हैं परवरदिगार से,
सूरज शिकस्त खा गया है रोज़ेदार से!

मांग लो गिर-गिराकर खुदा से अभी मगफिरत सस्ती है,
कहते हैं रमजान में रब की रहमत बरसती है!

या रब गैब से कुछ इंतज़ाम कर दे,
रमजान में मुझे मदीना का मेहमान कर दे!

ये बारिश और ठंडी हवा नहीं, इस्तकबाल है रमजान के महीने का,
जिसके आने के पहले दोज़ख की आग भी ठंडी हो जाती है! 

वो सुहूर की खुशी
वो फज्र की नमाज़
वो रोज़े का न्योता
वो कुरान की तिलावत
वो रोज़े की रोशनी
बस कुछ ही दिन दूर!

माफ़ी, माफ़ी, जहन्नम से निजात,
हाथ उठाओ, रमज़ान आ गया है!

हम गुनहगारों के लिए यह कितना बड़ा एहसान है,
ऐ खुदा, तुमने हमें फिर अता कर दिया रमज़ान है!

मेहमान बनकर आया है,
रहमत भी लाया है,
सबको था उसका इंतज़ार,
रमज़ान का महीना आया है!

फूल तो बहुत हैं, पर गुलाब की बात ही कुछ और है,
महीने तो बहुत हैं, पर रमज़ान का महीना ही कुछ और है!

रमज़ान से ईमान तरोताज़ा होता है,
नमाज़ और कुरान से रूह भी साफ़ होती है!

भाइयों और बहनों कर लो सब नेक काम,
पर गए दोज़ख पर ताले और कैद में शैतान हैं!

दोनों जहाँ की नेमतें मिलती हैं रमज़ान में,
जो नहीं रखते हैं रोजा वो बड़े नादान हैं!

रूहानियत की खुशबू से महक उठा है जहान,
मुबारक हो आप सभी को प्यारा रमज़ान!

वो सहर का मंज़र, वो इफ्तार की रौनक,
खुशियों से भर दे, ये रमज़ान का महीना!

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