प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार यानी 19 फरवरी 2026 को भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में शामिल होंगे. यह समिट भारत के AI इकोसिस्टम को दुनिया के सामने पेश करने का सबसे बड़ा मंच बन चुका है, जहां 60 से ज्यादा देशों के 2.5 लाख से अधिक विजिटर्स और पार्टिसिपेंट्स पहुंचे हैं.
भारत की ‘सॉवरेन AI’ नीति पर खास फोकस
समिट की शुरुआत सुबह करीब 9:40 बजे ओपनिंग सेशन से हो चुकी है, जिसमें PM मोदी लोगों को संबोधित कर रहे हैं. उनकी स्पीच में भारत की ‘सॉवरेन AI’ नीति पर खास फोकस रहने की उम्मीद है. यानी AI का विकास ऐसा हो जो घरेलू क्षमताओं पर टिका हो, लेकिन ग्लोबल पार्टनरशिप्स से मजबूत भी बने.
मैक्रों और गुटेरेस समेते कई हस्तियां मौजूद
ओपनिंग में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी मुख्य वक्ता होंगे. दोनों नेताओं के कीनोट एड्रेस से समिट की ग्लोबल अहमियत और भारत की भूमिका और साफ हो जाएगी. मैक्रों की मौजूदगी इसलिए भी खास है क्योंकि भारत और फ्रांस के बीच AI, डिफेंस और इनोवेशन पर हाल ही में कई समझौते हुए हैं.
AI इम्पैक्ट एक्सपो का दौरा करेंगे PM मोदी
ओपनिंग के बाद सुबह 11 बजे PM मोदी AI इम्पैक्ट एक्सपो का दौरा करेंगे. यहां वे दूसरे विश्व नेताओं के साथ अलग-अलग देशों के पवेलियन घूमेंगे और भारत के AI इनोवेशन को करीब से देखेंगे. दोपहर करीब 12 बजे लीडर्स प्लेनरी में हिस्सा लेंगे, जहां हेड्स ऑफ स्टेट, मिनिस्टर्स और मल्टीलेटरल इंस्टीट्यूशंस के सीनियर लोग AI गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल कोऑपरेशन पर चर्चा करेंगे.
शाम 5:30 बजे से प्रधानमंत्री CEO राउंडटेबल में शामिल होंगे. यहां ग्लोबल टेक कंपनियों के सीनियर एग्जीक्यूटिव्स इन्वेस्टमेंट, रिसर्च कोलैबोरेशन, सप्लाई चेन और AI सिस्टम के डिप्लॉयमेंट पर सरकारी लीडरशिप के साथ बात करेंगे.
इस इवेंट में वीआईपी महमानों का लगेगा तांता
इस इवेंट में 500 से ज्यादा AI लीडर्स, जिनमें CEOs और CXOs, 100 से ज्यादा फाउंडर्स और चीफ एग्जीक्यूटिव्स, 150 एकेडेमिक्स और रिसर्चर्स, करीब 400 CTOs, वाइस प्रेसिडेंट्स और फिलैंथ्रोपिस्ट शामिल हैं. साथ ही 100 से ज्यादा सरकारी प्रतिनिधि हैं, जिनमें 20 से ज्यादा हेड्स ऑफ स्टेट और गवर्नमेंट और करीब 60 मिनिस्टर्स और वाइस मिनिस्टर्स शामिल हैं.
यह समिट सिर्फ टेक टॉक नहीं है. यहां AI का इस्तेमाल असल दुनिया की समस्याओं जैसे एग्रीकल्चर, हेल्थकेयर, एजुकेशन और गवर्नेंस को सॉल्व करने पर फोकस है. भारत की ‘सॉवरेन AI’ की बात यहां सबसे ज्यादा गूंज रही है, जो कहती है कि AI का कंट्रोल और डेटा भारत के हाथ में होना चाहिए, न कि किसी विदेशी कंपनी या सरकार के हाथों में. PM मोदी का दौरा इस समिट को और बड़ा बनाता है. उनके एड्रेस से उम्मीद है कि भारत AI में न सिर्फ यूजर बनेगा, बल्कि लीडर भी बनेगा.
भारत AI को किस दृष्टि से देखता है, उसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस समिट की थीम में है, सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय. यही हमारा बेंचमार्क है. AI के लिए इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट न बन जाए, इंसान सिर्फ रॉ मटेरियल तक सीमित न रह जाए. इसलिए AI को कंट्रोल करना होगा. इसे इन्क्लूजन और सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा और विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में. इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है. मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग प्वाइंट आता है और वो सभ्यता की दिशा रिसेट करता है और वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है.
PM मोदी ने कहा, ‘आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है और व्यापक भी है. इसलिए, हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है. वर्तमान पीढ़ी के साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंपकर जाएंगे. इसलिए, आज असली प्रश्न ये नहीं है कि भविष्य में AI क्या कर सकती है. प्रश्न ये है कि वर्तमान में हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ क्या करते हैं.’
Source: IOCL
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