China Hypersinic missile: चीन की निजी कंपनी सिचुआन लिंगकोंग तियानशिंग ने YKJ-1000 हाइपरसोनिक मिसाइल पेश की है. यह मैक-7 की गति और 500–1300 किमी रेंज के साथ बेहद कम कीमत में उपलब्ध बताई जा रही है. इससे महंगी पश्चिमी रक्षा प्रणालियों को चुनौती मिल सकती है और वैश्विक सैन्य संतुलन प्रभावित हो सकता है.
China Hypersinic missile: चीन ने अपनी नई सस्ती और घातक हाइपरसोनिक मिसाइल से ग्लोबल डिफेंस ऑर्डर बदल दिया है. यह कमाल की चीन की किसी सरकारी कंपनी ने नहीं किया है. बल्कि एक निजी सेक्टर की कंपनी ने किया है. जिसका नाम सिचुआन लिंककोंग तिनशिंग टेक्नोलॉजी ने बनाया है. इस कंपनी को आम तौर पर चीन से बाहर स्पेस ट्रांसपोर्टेशन के नाम से जाना जाता है. इस कंपनी ने दुनिया में अपनी हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल से हलचल मचा दी है. यह मिसाइल तेज गति, उन्नत गतिशीलता और बेहद कम कीमत वाली है. यही तीनों इस मिसाइल की ताकत हैं, जो इसे अन्य मिसाइलों से बेहतर बनाती है.
चीन ने इस हाइपरसोनिक मिसाइल की घोषणा ऐसे समय में कि है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है, अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है, और ताइवान, जापान, फिलीपींस तथा दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में सैन्य तैयारियां बढ़ रही हैं.
YKJ-1000 की मुख्य विशेषताएं
YKJ-1000 की रेंज 500 किमी से 1300 किमी की है. इसकी गति मैक-7 है. यह रेंज और स्पीड दुश्मनों के लिए टेंशन है. YKJ-1000 इस रेंज के साथ ताइवान स्ट्रेट, ओकिनावा, दक्षिण चीन सागर, लूज़ोन स्ट्रेट और कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को कवर करती है. इस मिसाइल की सबसे बड़ी चर्चा इसकी कीमत को लेकर है. ऑनलाइन दावों के अनुसार इसकी कीमत लगभग 99,000 अमेरिकी डॉलर बताई गई है.
वहीं दूसरी मिसाइलों से तुलना करें तो अमेरिकी नौसेना की SM-6 इंटरसेप्टर मिसाइल की कीमत लगभग 4.1 मिलियन डॉलर प्रति यूनिट है. THAAD इंटरसेप्टर की कीमत 12–15 मिलियन डॉलर तक होती है. अगर यह कीमत सही है, तो यह पारंपरिक महंगी रक्षा प्रणालियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है. हालाकि, कंपनी ने 99,000 डॉलर की सटीक कीमत को पूरी तरह सही नहीं माना है, लेकिन यह स्वीकार किया है कि इसमें कम लागत वाले औद्योगिक और व्यावसायिक पुर्जों का उपयोग किया गया है.
मिसाइल की तकनीक
YKJ-1000 एक बूस्ट-ग्लाइड हाइपरसोनिक मिसाइल है. इसे पहले ठोस ईंधन वाला बूस्टर इसे ऊपर ले जाता है, फिर ग्लाइड वाहन हाइपरसोनिक गति से उड़ता है. इसमें दो अतिरिक्त इंजन हैं जो लगभग 360 सेकंड (6 मिनट) तक शक्ति देते हैं. यह उड़ान के दौरान दिशा बदल सकती है, ऊंचाई घटा-बढ़ा सकती है और रडार से बचने की कोशिश कर सकती है. इसके अलावा यह स्वचलित हथियारों की पहचान कर सकती है. इंटरसेप्शन से खुद का बचान कर सकती है.
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सौरभ पाल का नाता उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय- इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से की है. सौरभ को लिखने-पढ़ने का शौक है. …और पढ़ें
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