'11 महंगे फाइटर जेट्स गिरे थे, मैंने कहा लड़ोगे तो…', भारत-PAK तनाव पर ट्रंप का नया दावा – AajTak

अमेरिका के बड़बोले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान को लेकर एक बार फिर बयान दिया है. उन्होंने इस बार बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच की जंग और उसके बाद के सीजफायर को लेकर फिर दावा किया है.
बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में ट्रंप ने कहा कि मैंने पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित सैन्य टकराव को दोनों देशों पर भारी टैरिफ की धमकी देकर टाल दिया था.
उन्होंने कहा कि मैंने भारत और पाकिस्तान से कहा कि अगर आप दोनों लड़ते हैं तो मैं दोनों देशों पर 200 फीसदी टैरिफ लगा दूंगा. दोनों देश लड़ना चाहते थे लेकिन जब बात पैसों की आई. जब बहुत सारा पैसा गंवाने की बात आई तो उन्होंने कहा कि शायद हम लड़ना नहीं चाहते.
बता दें कि ट्रंप कई मौकों पर यह दावा कर चुके हैं कि भारत ने पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और तब भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित कराने में उनकी भूमिका निर्णायक रही.
अपने हालिया संबोधन में ट्रंप ने कहा कि उस समय हालात बेहद खतरनाक हो गए थे. हवाई जंग चल रही थी और कई विमान मार गिराए गए थे. उन्होंने दावा किया कि संघर्ष के दौरान कुल 11 लड़ाकू विमान गिराए गए, जिन्हें उन्होंने बहुत महंगे जेट बताया.
उन्होंने कहा कि युद्ध भड़क उठा था. विमान गिराए जा रहे थे. 11 जेट गिराए गए, बहुत महंगे जेट. मैंने दोनों नेताओं को फोन किया. मैं उन्हें थोड़ा-बहुत जानता था. मैं प्रधानमंत्री मोदी को बहुत अच्छी तरह जानता था. मैंने कहा कि सुनिए, अगर आप दोनों इस मुद्दे को सुलझाते नहीं हैं तो मैं आपसे कोई व्यापार समझौता नहीं करूंगा और अचानक हमने एक समझौता कर लिया.
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सार्वजनिक रूप से उन्हें श्रेय देते हुए कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोककर 2.5 करोड़ जिंदगियां बचाईं. ट्रंप का दावा है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने हमारे चीफ ऑफ स्टाफ के सामने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने हमारे और भारत के बीच युद्ध रोककर 2.5 करोड़ जिंदगियां बचाईं.
ट्रंप पहले भी इसी तरह के दावे कर चुके हैं और बार-बार यह कहते रहे हैं कि आर्थिक दबाव और उनकी व्यक्तिगत कूटनीति ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में निर्णायक भूमिका निभाई. हालांकि, भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार करते हुए स्पष्ट किया है कि जंग रोकने का फैसला दोनों पड़ोसी देशों के डीजीएमओ स्तर पर लिया गया था.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News