राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच को फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। मेल में लिखा CJI का दौरा कैंसिल कराओ। दोपहर 12 बजे तक हाई कोर्ट को खाली करवा लो। आरडीएक्स बम प्लांट किए हैं।
हाईकोर्ट में सघन तलाशी अभियान के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद करीब आधे घंटे की देरी से सुबह 11 बजे सुनवाई शुरू हो गई। हाई कोर्ट जयपुर पीठ को 31 अक्टूबर के बाद यह 10वीं बार बम की धमकी मिली है।
एक दिन पहले भी मिली थी धमकी
इससे पहले गुरुवार को भी राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। पूरे परिसर की तलाशी ली गई थी। लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।
सीजेआई सेमिनार में आ रहे जयपुर
बता दें कि शुक्रवार को सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत जयपुर आ रहे हैं। वे यहां साइबर सिक्योरिटी सेमिनार का उद्घाटन करेंगे।
साढ़े तीन महीने में 9 बार मिली बम की धमकी
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बैंच को पिछले चार महीने में 10वीं बार बम से उड़ाने की धमकी मिली है। 31 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट प्रशासन के पास पहली बार धमकी भरा मेल आया था। लेकिन उसके बाद से लगातार कुछ समय के अंतराल में इस तरह के मेल आ रहे हैं। इसके बाद हाईकोर्ट को 5 दिसंबर, 8, 9, 10 और 11 दिसंबर को धमकी मिली। वहीं, साल 2026 में 6, 17 और 19 फरवरी को हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है।
मेल करने वाले को पकड़ना मुश्किल, लेकिन नामुमकिन नहीं
साइबर लॉ से जुड़े वकील आदर्श सिंघल का कहना है कि इस मामले में मेल करने वाले को पकड़ना मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं है। उन्होने कहा- इस तरह के मामलों में मेल करने वाला व्यक्ति वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल करता है।
वीपीएन में आईपी एड्रेस बदलता रहता है। ऐसे में पुलिस आईपी एड्रेस के जरिए उस व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि उस व्यक्ति को पकड़ा ही नहीं जा सकता है। जो कंपनी वीपीएन प्रोवाइडर है, वो अपना डेटा रखती है। लेकिन दिक्कत यह है कि उनसे डेटा कैसे लिया जाए, डेटा के जरिए पुलिस मेल करने वाले तक पहुंच सकती हैं।
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