First Electric Car in India: साल 1993 में ‘लवबर्ड’ नाम से देश की पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च हुई थी. इसे एडी करंट कंट्रोल्स (इंडिया) लिमिटेड ने जापान की यास्कावा इलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन के टेक सपोर्ट के साथ तैयार किया था. इसे नई दिल्ली ऑटो एक्सपो में पहली बार शोकेस किया गया था.
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First Indian Electric Car: भारत में आज इलेक्ट्रिक कारों का डंका बज रहा है और कंपनियां अपने पोर्टफोलियो में हाई रेंज वाली कारों को शामिल कर रही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में पहली इलेक्ट्रिक कार की एंट्री कब हुई थी और उसकी रेंज क्या थी? अगर आपको लगता है कि पिछले कुछ सालों में ही भारत में पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च हुई थी तो आप गलत हैं. दरअसल देश में पहली इलेक्ट्रिक कार की एंट्री आज से 32 साल पहले हुई थी. हालांकि इस इलेक्ट्रिक कार की रेंज आज की लेटेस्ट इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में काफी कम थी लेकिन फिर भी ये उस जमाने में किसी अजूबे से कम नहीं थी.
कौन सी थी देश की पहली इलेक्ट्रिक कार?
दरअसल साल 1993 में ‘लवबर्ड’ नाम से देश की पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च हुई थी. इसे एडी करंट कंट्रोल्स (इंडिया) लिमिटेड ने जापान की यास्कावा इलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन के टेक सपोर्ट के साथ तैयार किया था. इसे नई दिल्ली ऑटो एक्सपो में पहली बार शोकेस किया गया था. उस दौरान इस कार को अपनी दमदार खूबियों के चलते काफी सारे प्राइज भी मिले थे.
कब शुरू हुआ प्रोडक्शन?
लवबर्ड का प्रोडक्शन केरल के चालाकुडी और तमिलनाडु के कोयंबटूर में शुरू किया गया था. ये एक कॉम्पैक्ट टू-सीटर कार थी, जो शहर की भीड़भाड़ को देखते हुए तैयार की गई थी जिससे इसे चलाना आसान हो जाता था और आप जाम में भी नहीं फंसते थे. हालांकि उस समय हाइटेक लिथियम-आयन बैटरियां मौजूद नहीं हुई थीं. इस कार में रिचार्जेबल लेड-एसिड बैटरी और डीसी (DC) इलेक्ट्रिक मोटर लगाई गई थी. स्पीड कंट्रोल के लिए इसमें इलेक्ट्रॉनिक चॉपर सिस्टम भी दिया गया था, जो उस जमाने की हाइटेक तकनीक मानी जाती थी.
रेंज और चार्जिंग टाइम
बता दें कि फुल चार्ज करने के बाद आप इस इलेक्ट्रिक कार को 60 किलोमीटर तक चला सकते थे. कार को चार्ज करने में करीब 8 घंटे का समय लगता था. कार में 4 -स्पीड गियरबॉक्स और रिवर्स गियर दिया गया था जिससे इसे साधारण कार की तरह चलाया जा सकता था.
क्यों बंद हुई ये कार?
आपको बता दें कि उस जमाने में हाइटेक मानी जाने वाली लवबर्ड कमर्शियली फ्लॉप साबित हुई और इसकी बिक्री 100 यूनिट्स तक सिमट गई. इसके फेल होने का कारण चार्जिंग इंफ्रा की कमी, बिजली कटौती की समस्या, हाई-कॉस्ट को माना जाता है.
एलन मस्क की Tesla का नहीं था नामोनिशान
आज इलेक्ट्रिक कार का जिक्र होने पर एलन मस्क की Tesla की ही बात होती है लेकिन, जिस समय मस्क महज 21 साल के थे और कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे उस दौरान ही भारत में पहली इलेक्ट्रिक कार लवबर्ड ने धमाकेदार एंट्री कर ली थी.
डिजिटल पत्रकार और ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट हैं, ऑटोमोबाइल सेगमेंट में काम करने का 5 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस. खबरों के साथ-साथ यूट्यूब वीडियो के जरिए ऑटोमोबाइल सेगमेंट की बारीक खबरों का अपडेट…और पढ़ें
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