The Alien’s File: अमेरिका में एलियंस और UFO को लेकर बहस फिर तेज हो गई है. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के बयान के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने UFO और एलियन से जुड़ी सरकारी फाइलें सार्वजनिक करने की घोषणा की. पेंटागन की रिपोर्ट में अब तक ठोस सबूत नहीं मिले, लेकिन रहस्य बरकरार है.
The Alien’s File: सोवियत के जमाने से अमेरिका में UFO का खौफ है, कुछ लोगों ने इसे सोवियत संघ रूस का जादू मान तो कुछ एलियन मना है. हालांकि लाखो अमेरिकी मानते हैं कि एलियंस का वजूद है. वो धरती पर आ चुके हैं. शीत युद्ध के दौरान अमेरका में कई UFO (Unidentified Flying Object) देखे गए हैं. शीद युद्ध को खत्म हुए जमाना हो गया, लेकिन अमेरिकियों को अभी एलियंस के सच से अनजान है. हालांकि कोशिशें अब भी जारी हैं. अब इस दिशा में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने एलियंस और UFO से जुड़ी सभी फाइलों को सार्वजनिक करने का ऐलान किया है.
राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पूरी दुनिया की नजरें ईरान-अमेरिका के तनाव पर है. हालांकि ट्रंप लीक से हट के बयानों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन एलियंस से जुड़ी फाइलों को लेकर उनका बयान अहम माना जा रहा है. क्योंकि फरवरी में एक अमेरिकी यूट्यूबर को इंटरव्यू देते हुए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एलियंस के अस्तित्व को स्वीकारा था.
फिल्मों पूरे विश्व में एलियंस के प्रति जिज्ञासा बढ़ाई
अमरिका में एलियंस के प्रति लोगों की जिज्ञासा को बीते कुछ दशकों से भुनाया जा रहा है. हॉलीवुड ने इस पर कई फिल्में बनाई हैं. 1977 में बनी फिल्म Close Encounters of the Third Kind में आम लोगों को रहस्यमयी यूएफओ से जुड़ते दिखाया गया. 1997 की फिल्म Contact, जो वैज्ञानिक कार्ल सेगन के उपन्यास पर आधारित थी, में एक वैज्ञानिक को अंतरिक्ष से सिग्नल मिलता है. 1993 की Fire in the Sky ने एलियन अपहरण की कहानी दिखाई, जबकि 2016 की Arrival ने एलियंस से संपर्क को भाषा और समय के नजरिये से समझाने की कोशिश की. इन फिल्मों ने लोगों की जिज्ञासा और बढ़ा दी है. अब न केवल अमेरिकी बल्कि पूरी दुनिया एलियंस का रहस्य जानना चाहती है.
UFO का पक्का सबूत अभी तक नहीं
आज यूएफओ को आधिकारिक तौर पर UAP (Unidentified Anomalous Phenomena) कहा जाता है. यह विषय अब भी विवादित है और इनके अस्तित्व का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है. फरवरी 2026 में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक पॉडकास्ट में कहा कि वे (एलियंस) असली हो सकते हैं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा. बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रह्मांड बहुत विशाल है, इसलिए जीवन की संभावना हो सकती है, मगर पृथ्वी पर उनके आने का कोई प्रमाण उन्हें नहीं मिला.
ट्रंप ने उछाला एलियंस विवाद
इस बयान के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएफओ और एलियन से जुड़ी सरकारी फाइलें सार्वजनिक करने की घोषणा की. इससे सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं. वैज्ञानिकों के अनुसार, अब तक 6,000 से ज्यादा एक्सोप्लैनेट खोजे जा चुके हैं और हमारी आकाशगंगा में करीब 400 अरब तारे हो सकते हैं. इससे यह संभावना बढ़ती है कि कहीं न कहीं जीवन मौजूद हो. प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने चेतावनी दी थी कि अगर एलियंस हमसे ज्यादा विकसित हुए, तो संपर्क खतरनाक हो सकता है.
इसरो मानता है एलियंस का वजूद?
पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. एस. सोमनाथ ने भी कहा है कि जीवन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इस बीच, यूएपी देखे जाने की घटनाएं बढ़ी हैं. 2004 का “टिक-टैक यूएफओ” मामला और हाल के पायलटों के बयान चर्चा में रहे. पेंटागन ने 2022 में AARO नामक कार्यालय बनाया, जिसने 2024 की रिपोर्ट में कहा कि एलियंस के मिलने का कोई सबूत नहीं है. कई मामलों को गुप्त सैन्य परीक्षणों और गलत पहचान से जुड़ा पाया गया.
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सौरभ पाल का नाता उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय- इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से की है. सौरभ को लिखने-पढ़ने का शौक है. …और पढ़ें
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