रूस का ‘फ्लाइंग टैंक’ Mi-28 ईरान पहुंचा, मिडिल ईस्ट के आसमान में रशियन दैत्य की एंट्री; अब होगा घमासान – Zee News

Mi-28 attack helicopter: ईरान को रूस से नए Mi-28 अटैक हेलिकॉप्टरों की कई खेप मिल चुकी हैं, जिससे उसके हवाई हमलावर बेड़े में बड़ा सुधार हुआ है. ये हेलिकॉप्टर पुराने AH-1 कोबरा की जगह लेंगे. Mi-28 अपनी मजबूत सुरक्षा, आधुनिक हथियारों और लंबी दूरी की मारक क्षमता के कारण ईरान की सैन्य ताकत को नई मजबूती देंगे.
Mi-28 attack helicopter: ईरानी सेना को रूस से Mi-28 अटैक हेलिकॉप्टर की कई नई खेप मिल चुकी हैं. जनवरी में पहले हेलिकॉप्टर की डिलीवरी की पुष्टि हुई थी. Mi-28 के ऑपरेशन में आने से करीब 50 साल बाद पहली बार ईरान के अटैक हेलिकॉप्टर बेड़े में बड़ा सुधार हुआ है. ये हेलिकॉप्टर 1970 के दशक में अमेरिका से मिले वियतनाम युद्ध काल के लगभग 50 AH-1 कोबरा हेलिकॉप्टरों की जगह लेंगे. विश्लेषकों का मानना है कि इन हेलिकॉप्टरों को रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स एयरोस्पेस फोर्स में भी शामिल किया जा सकता है, जो Su-22M4 स्ट्राइक फाइटर और कई मानव रहित लड़ाकू विमानों का संचालन करती है. Mi-28 सोवियत संघ के बाद रूस द्वारा ईरान को दिया गया पहला लड़ाकू विमान है.
नवंबर 2023 में ईरान के उप रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल मेहदी फराही ने Mi-28 और Su-35 एयर सुपीरियरिटी फाइटर को सेवा में शामिल करने की योजना की पुष्टि की थी. Su-35 के शामिल होने से ईरान की हवाई सुरक्षा काफी मजबूत होने की उम्मीद है और यह मौजूदा ग्राउंड-बेस्ड एयर डिफेंस सिस्टम के साथ मिलकर काम करेगा. हालांकि Su-35 अभी तक ईरान नहीं पहुंचे हैं. इसी बीच जनवरी से मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की तैनाती बढ़ गई है.
दुनिया का सबसे सक्षम हेलिकॉप्टर
Mi-28 दुनिया के सबसे सक्षम अटैक हेलिकॉप्टरों में गिना जाता है, लेकिन अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है और ज्यादा हवाई व मिसाइल ताकत का इस्तेमाल करता है, तो इसकी भूमिका सीमित हो सकती है. फिर भी अगर देश के अंदर किसी तरह के हमले या ड्रोन हमले होते हैं, तो Mi-28 तेज प्रतिक्रिया देने में मददगार साबित हो सकता है.
ईरान हेलिकॉप्टर के मामले में कमजोर
ईरान का अटैक हेलिकॉप्टर बेड़ा लंबे समय से कमजोर माना जाता रहा है. ईरान-इराक युद्ध के दौरान इराक के सोवियत Mi-24 हेलिकॉप्टरों के खिलाफ लड़ाई में ईरान को भारी नुकसान हुआ था. ऐसे में Mi-28 की खरीद एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है. ईरानी बलों को इराक और सीरिया में Mi-28 के साथ काम करने का अनुभव भी है. Mi-28NM का नया वर्जन 2016 से सीरिया में इस्तेमाल किया गया था.
Mi-28 की मजबूत डिजाइन खासियत
Mi-28 की खासियत इसका मजबूत सुरक्षा डिजाइन है. इसका कॉकपिट टाइटेनियम, बख्तरबंद शीशे और सिरेमिक प्लेट से सुरक्षित है, जो 20 मिमी की गोलियों का सामना कर सकता है. यह भारी होने के बावजूद काफी फुर्तीला है और तेज मोड़ लेने में सक्षम है. इसमें LMUR एंटी-टैंक मिसाइल लगी होती है, जो 25 किलोमीटर दूर तक निशाना साध सकती है.
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सौरभ पाल का नाता उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय- इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से की है. सौरभ को लिखने-पढ़ने का शौक है. …और पढ़ें
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