गया जिले के डुमरिया प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय पिपरा की हिंदी शिक्षिका सुधा मिश्रा को नेपाल की राजधानी काठमांडू में ‘मातृभाषा रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें हिंदी और मगही भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन तथा मातृभाषा के प्रति समाज म
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर किया गया सम्मानित
यह प्रतिष्ठित सम्मान अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के साहित्यकारों, शिक्षकों, भाषा शोधकर्ताओं और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य विश्व की विविध मातृभाषाओं के महत्व को उजागर करना और उनके संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देना था।
शिक्षा के साथ-साथ भाषा जागरूकता से जुड़ी हैं
सुधा मिश्रा कई वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के साथ-साथ भाषा जागरूकता अभियानों से जुड़ी रही हैं। उन्होंने विद्यालय स्तर पर बच्चों के बीच मातृभाषा में पठन-पाठन को बढ़ावा देने के लिए कई रचनात्मक पहल की हैं। वे छात्रों को हिंदी और मगही में कविता लेखन, कहानी वाचन, भाषण प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति विकसित करने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका मानना है कि मातृभाषा में शिक्षा बच्चों की बौद्धिक क्षमता और आत्मविश्वास को मजबूत करती है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद सुधा मिश्रा ने कहा कि भाषा हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान का आधार है। उन्होंने जोर दिया कि यदि मातृभाषा को संरक्षित नहीं किया गया, तो सांस्कृतिक विरासत कमजोर हो जाएगी। उन्होंने भविष्य में भी भाषा संरक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों और स्थानीय नागरिकों ने सुधा मिश्रा की इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया है। उनका मानना है कि यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा पर गर्व करने और उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करेगा।
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.