MP में ‘लव जिहाद’ के आरोपों से सुलगा सियासी और सामाजिक माहौल, भोपाल से लेकर बुंदेलखंड तक एक जैसे पैटर्न ने बढ़ाई चिंता – AajTak

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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें पुलिस ने 2 सगी बहनों समेत उनके एक साथी को गिरफ्तार किया है और इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने 2 युवतियों को नौकरी का झांसा देकर पहले अपने करीब रखा और उसके बाद लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाकर पहले तो उन्हें लड़कों के सामने परोसा और बाद में धर्मांतरण का दबाव बनाया. 
हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं जहां हिंदू युवतियों को पहले बरगलाया गया और फिर उनके जिस्म के साथ खेलकर बाद में उन पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया. एमपी में पिछले एक साल में जिस तरह कथित ‘लव जिहाद’ के मामलों की परतें खुल रही हैं, उसने कानून-व्यवस्था, समाज और सियासत तीनों को एक साथ कटघरे में खड़ा कर दिया है. राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर, सागर, छतरपुर और रायसेन तक सामने आए मामलों में एक जैसा पैटर्न दिख रहा है पहले दोस्ती, फिर प्रेमजाल, फिर यौन शोषण, वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए ब्लैकमेल और उसके बाद धर्म परिवर्तन का दबाव. कई मामलों में संगठित गिरोह, रिश्तेदारों की संलिप्तता और आर्थिक रूप से कमजोर या अकेली महिलाओं को निशाना बनाए जाने के आरोप हैं. 
पढ़ें एमपी में पिछले कुछ समय में सामने आए ऐसी घटनाओं और इसके पीछे के कारणों पर प्रकाश डालती यह रिपोर्ट.
भोपाल: नौकरी का झांसा, धर्मांतरण और सेक्स रैकेट का आरोप
ताजा और सबसे सनसनीखेज मामला भोपाल का है, जहां पुलिस ने आमरीन और आफरीन नाम की दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वे नौकरी दिलाने के नाम पर गरीब हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फंसाती थीं, फिर नशीला पदार्थ देकर उनके साथ दुष्कर्म करवाया जाता और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता. पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के तार गुजरात और मुंबई तक जुड़े थे, जहां कथित तौर पर लड़कियों को “सप्लाई” किया जाता था. पीड़िताओं का आरोप है कि पहले भरोसा जीता गया, फिर हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल का सपना दिखाकर पार्टियों में ले जाया गया, जहां अमीर युवकों के सामने उन्हें पेश किया जाता था. विरोध करने पर बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दी जाती थी. इस मामले में आमरीन, आफरीन और चंदन यादव गिरफ्तार हो चुके हैं. 
पार्षद पर लगा लव जिहाद की फंडिग का आरोप
जून 2025: इंदौर के बाणगंगा इलाके में एक युवती ने साहिल शेख नाम के युवक और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी कि साहिल ने प्रेम जाल में फंसाकर पहले उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया. सिर्फ यही नहीं, युवती ने आरोप लगाया कि साहिल ने उसे बुर्का पहनने के लिए भी मजबूर किया गया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया तो जांच के दौरान उसने पुलिस को बयान दिया कि हिंदू युवतियों को फंसाने के लिए पार्षद अनवर कादरी के जरिए उसे दो लाख रुपए की फंडिंग की गई थी. इसके बाद पुलिस ने कादरी को मुख्य आरोपी बनाते हुए उसके खिलाफ केस दर्ज किया लेकिन तब अनवर कादरी फरार हो गया था लेकिन बाद में उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. 
35 वर्षीय महिला की आपबीती: शादी का झांसा, रेप और बेटे के खतने का दबाव
मई 2025: भोपाल के कमला नगर थाने में दर्ज एक अन्य मामले ने इस बहस को और तेज कर दिया. 35 वर्षीय तलाकशुदा महिला ने नदीम नामक युवक पर शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म करने और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. महिला ने आरोप लगाया कि युवक ने उसे अपना नाम अमित बताया था लेकिन बाद में मालूम चला कि वो मुस्लिम है. इसके बाद आरोपी ने ना सिर्फ उससे इस्लाम कबूल करने को कहा, बल्कि उसके 14 वर्षीय बेटे के खतने तक का दबाव बनाया. यही नहीं, पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने निजी तस्वीरें और वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी. उसने बुर्का पहनने, तिलक न लगाने और व्रत न रखने का दबाव भी बनाया. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धाराओं और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया. 
निजी कॉलेज गैंग: वीडियो ब्लैकमेलिंग का संगठित नेटवर्क
अप्रैल 2025: भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में सामने आए एक संगठित गिरोह ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था. एक निजी कॉलेज में छात्राओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ पढ़ने वाले फरहान नाम का युवक ने उनके साथ-साथ कॉलेज की कई हिंदू छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाया, दुष्कर्म कर वीडियो बनाए और फिर उन्हीं वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर अन्य लड़कियों से दोस्ती कराने का दबाव बनाया. यही नहीं, लड़कियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया. लड़कियों द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में फरहान के साथियों साहिल, अली, साद, नबील, अबरार और हामिद के नाम सामने आए थे जिन्होंने भी लड़िकयों के साथ रेप किया था. पुलिस जांच में फरहान के मोबाइल से एक दर्जन से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिले थे. कुछ वीडियो में लड़कियों के साथ मारपीट के विडियो भी थे. इस मामले में भी लड़कियों ने पुलिस को बताया कि पहले उन्हें हिंदू नाम बताकर दोस्ती की गई और फिर भोपाल घुमाने के बहाने और पब्स में जाने की आदत लगाकर उन्हें फंसाया गया. 
टीटी नगर: ब्रेनवॉश के आरोप में परिवार भी गिरफ्तार
अप्रैल 2025: भोपाल के टीटी नगर थाना क्षेत्र में भी ऐसा ही मामला सामने आया, जहां नाबालिग हिंदू छात्रा के साथ रेप हुआ. बैरागढ़ की 16 वर्षीय छात्रा की जावेद नामक युवक से दोस्ती थी. दो महीने पहले जावेद उसे बाणगंगा झुग्गी में अपने भाई फैजान के घर ले गया, जहां फैजान की पत्नी जोया और शाहरुख मौजूद थे. शाहरुख ने छात्रा का नंबर लिया और मिलने का दबाव बनाया. बाद में जावेद ने उसे फिर से फैजान के घर ले जाकर शाहरुख के पास छोड़ दिया. शाहरुख ने नाबालिग के साथ रेप किया. यह सिलसिला कई दिनों तक चला. जब पीड़िता ने जावेद को बताया, तो उसने उसे चुप रहने को कहा. जोया और फैजान ने भी बदनामी का डर दिखाकर चुप रहने का दबाव बनाया. हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने अपनी मां को सब बताया, जिसके बाद टीटी नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई.  मामला श्यामला हिल्स थाने में स्थानांतरित कर दिया गया. पुलिस ने शाहरुख, जावेद, जोया और फैजान को रेप, पॉक्सो और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
सागर: फर्जी पहचान, असली नाम फरहान मकरानी
अप्रैल 2025: सागर जिले में फरहान मकरानी नामक युवक पर खुद को हिंदू “गोलू” बताकर युवती से संबंध बनाने और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगा. सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुई दोस्ती शारीरिक संबंधों तक पहुंची, लेकिन असली पहचान सामने आने के बाद विवाद बढ़ा. पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया.
छतरपुर: हिंदू रीति से शादी, फिर निकाह और मारपीट
बुंदेलखंड के छतरपुर से सामने आए मामले में एक महिला ने आरोप लगाया कि समीर तिवारी बनकर मिले युवक ने बाद में अपनी पहचान समीर खान बताई. पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पहले हिंदू रीति-रिवाज से शादी की और फिर काजी से निकाह के बाद उसके बाद कथित तौर पर मारपीट भी की गई. युवती ने आरोप लगाया कि उस पर मांस खाने और पूजा-पाठ से रोकने का दबाव बनाया गया. इसके बाद पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर आरोपी को जेल भेज दिया. 
कानून और सवाल
मध्यप्रदेश में 2021 में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू किया गया था, जिसमें दोष सिद्ध होने पर 10 साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. इसके बावजूद साल 2021 से लेकर जनवरी 2025 तक इस तरह के 300 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. लगातार सामने आ रहे मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कानून का डर पर्याप्त नहीं है, या फिर जांच और अभियोजन की प्रक्रिया में कहीं कमजोरी है?
क्या कहना है विशेषज्ञों का? 
आजतक ने इस मामले में पुलिस के एक रिटायर्ड अधिकारी से बात की जिन्होंने मध्यप्रदेश में कथित “लव जिहाद” के मामले सामने आने के कई कारण बताए.
पहचान छिपाकर दोस्ती: कई मामलों में आरोपी अपनी असली धार्मिक पहचान छिपाकर (जैसे हिंदू नाम रखकर) युवतियों को प्रेम जाल में फंसाते हैं और पहचान उजागर होने पर अक्सर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला जाता है.
सख्त कानून का प्रभाव: मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के लागू होने के बाद, जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन के मामलों को दर्ज करना आसान हो गया है. इस कानून में 10 साल तक की जेल का प्रावधान है, जिससे पीड़ितों को शिकायत करने का कानूनी आधार मिला है.
सुनियोजित साजिश और फंडिंग के आरोप: इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में पुलिस जांच के दौरान संगठित गिरोहों और विदेशी फंडिंग के संदेह भी सामने आए हैं, जो कथित तौर पर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने के लिए लड़कों को लालच देते हैं.
ब्लैकमेलिंग और शोषण: कई घटनाओं में यह देखा गया है कि आरोपी पहले आपत्तिजनक वीडियो या फोटो बनाते हैं और फिर उनका उपयोग पीड़िता को ब्लैकमेल करने और निकाह या धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने में करते हैं. कई बार पीड़िता सामाजिक छवि और परिवार की इज्जत के नाम पर उनकी आपबीती को दुनिया के सामने नहीं लाती.
छोटे शहरों से बड़े शहरों में आकर रहने वाली लड़कियां निशाना: इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में राज्य के कुल मामलों के लगभग 40% मामले दर्ज हैं. शिक्षा या नौकरी के लिए घर से दूर रह रही युवतियों को अक्सर “सॉफ्ट टारगेट” के रूप में देखा जाता है. भोपाल और इंदौर से सामने आए कई मामलों में पीड़ित लड़कियां छोटे शहरों, कस्बों और गांव से बड़े शहरों में पढ़ने या नौकरी के लिए आई थीं. 
बीजेपी नेताओं ने फांसी की मांग की
एमपी में लगातार सामने आते मामलों पर बीजेपी नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आ रही है. भोपाल से विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि लव जिहाद के जरिए बेटियों को ब्लैकमेल करना एक गंभीर अपराध है और ऐसे लोगों की जगह सिर्फ जेल में है. ऐसे अपराधियों को विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत जेल भेजा जाना चाहिए और उन्हें आसानी से जमानत नहीं मिलनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़े तो ऐसे मामलों में और कठोर कानून बनाए जाएं तथा गंभीर अपराध साबित होने पर फांसी जैसी सख्त सजा पर भी विचार किया जाए. वहीं बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि इस तरह का कृत्य करने वाले आरोपियों के हाथ काट लेना चाहिए या आंखें निकाल लेनी चाहिए.
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