भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के किसान ग्राउंड में आयोजित स्वदेशी मेले में सिंगर अली जैन ने अपनी लाइव परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया। जैसे ही उन्होंने सादगी, जिंदगानी जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी, पूरा मैदान तालि
मेले में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका भरपूर साथ दिया। स्वदेशी मेले के पांचवें दिन लोगों ने बढ़-चढ़कर स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी की। हस्तनिर्मित वस्त्र, देसी खाद्य उत्पाद, हर्बल सामान और ग्रामीण कारीगरों द्वारा तैयार वस्तुओं की खूब मांग रही। परिवारों और युवाओं ने स्थानीय उत्पादों को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के संदेश को मजबूती दी।
स्वदेशी मेले में पंजाब के किसानों द्वारा पिंड दी सथ नामक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें खेती और पर्यावरण से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा पंजाब के अध्यक्ष दर्शन सिंह नैनेवाल ने की। उन्होंने किसानों से ऑर्गेनिक खेती की ओर लौटने का आह्वान करते हुए कहा कि समय की मांग है कि हम अपनी पुरानी विरासत और प्राकृतिक तरीकों को फिर अपनाएं।
{इस अवसर पर लुधियाना देहाती के अध्यक्ष सुखवंत सिंह टिल्लू, पंजाब भाजपा किसान मोर्चा के महासचिव कर्णपाल सिंह, सचिव सतनाम सिंह बिट्टा और हरमिन्द्र पाल सिंह अहलूवालिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि रासायनिक खादों के अधिक प्रयोग से मिट्टी की सेहत खराब हो रही है, जिससे आने वाली पीढ़ियों पर असर पड़ेगा।
मेले के संरक्षक हरीश दुआ और मेला प्रमुख गुरदीप सिंह गोशा ने पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महतु के संदेश को अपनाने की अपील की। उनका कहना था कि यदि किसान प्रकृति के संतुलन को समझते हुए खेती करेंगे तो न केवल भूमि की उर्वरता बढ़ेगी बल्कि युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित होगा।
{मेले के संयोजक मोहित गोयल ने कहा कि यह किसान सम्मेलन पंजाब में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं शालिनी गुप्ता ने भी विचार साझा करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती की ओर लौटना स्वस्थ समाज और मजबूत अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।स्वदेशी मेला इस बार मनोरंजन के साथ-साथ किसानों को नई दिशा देने वाला मंच बनकर उभरा।
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