Anna Hazare on Arvind Kejriwal: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया. अन्ना हजारे ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
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Delhi liquor scam verdict: शिष्य की कामयाबी पर गुरु का गुणगान होता है. शिष्य की नाकामी पर गुरु से सवाल पूछ लिए जाते हैं. सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को अपना गुरु मानने वाले अरविंद केजरीवाल ने राजनीतिक पार्टी बनाई तो वो रामलीला मैदान छोड़ अपने गांव रालेगण सिद्धि चले गए. आंदोलन से निकली पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा शराब घोटाले में घिरा तो अन्ना ने कहा – वो अपनी राह भटक गए हैं. अब केजरीवल को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया तब भी अन्ना हजारे ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
अन्ना हजारे ने क्या कहा?
समाजसेवी अन्ना हजारे ने दिल्ली की निचली अदालत के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. अन्ना ने कहा, कोर्ट के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए. हमारा देश अपने न्यायिक तंत्र और सिक्योरिटी सिस्टम की ताकत पर चलता है. अलग-अलग पार्टियों, जातियों, धर्मों और समुदायों वाला विशाल देश होने के बावजूद, इसका तंत्र न्यायपालिका की वजह से आसानी से चलता है. इसके बिना, अव्यवस्था और अशांति होती है. अब जबकि देश की अदालत द्वारा उन्हें बरी कर दिया गया है, तो अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए.’
भावुक हो गए केजरीवाल
दिल्ली की निचली अदालत ने साफ कहा कि, केवल बिना ठोस और पर्याप्त सबूत के लगाए गए आरोपों पर विश्वास नहीं किया जा सकता. जांच एजेंसी के सबूत कमजोर और अपर्याप्त पाए गए, इसलिए आरोपियों को राहत दी जाती है. फैसला आने के बाद केजरीवाल मीडिया से बात करते हुए इमोशनल हो गए. उन्होंने कहा मैं बेईमान नहीं हूं. केजरीवाल ने कांग्रेस को भी लपेटे में लेते हुए गांधी परिवार का जिक्र करके तीखा सवाल दागा. केजरीवाल ने कहा, ‘मैं आपसे पूछता हूं कि केजरीवाल जेल गया, क्या रॉबर्ट वाड्रा जेल गए? संजय सिंह जेल गए, क्या राहुल गांधी जेल गए? मनीष सिसोदिया जेल गए, क्या सोनिया गांधी जेल गईं? कांग्रेसी किस मुंह से बात करते हैं, उन्हें शर्म नहीं आती?’
वहीं इस फैसले पर दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री ने X पर अपनी पोस्ट में लिखा- ‘बीजेपी और उसकी एजेंसियों द्वारा हमें बेईमान साबित करने की सभी कोशिशों के बावजूद, आज यह साबित हो गया है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं.’
क्या है दिल्ली शराब घोटाला केस जिसमें बरी हुए केजरीवाल?
दिल्ली की तत्कालीन आम आदमी पार्टी की सरकार ने राजस्व बढ़ाने के नाम पर नवंबर 2021 में अपनी आबकारी नीति में सुधार का प्रयास शुरू किया था. उस समय तक दिल्ली में शराब की खुदरा बिक्री सरकारी निगमों और निजी कंपनियों के बीच समान रूप से वितरित की जाती थी और आबकारी विभाग सालाना करीब 4,500 करोड़ रुपये कमाता था.
दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के आने के बाद, सरकार ने खुदरा का पूरी तरह से निजीकरण कर, आबकारी चोरी और अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाकर 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा गया. इस नई नीति के तहत शहर के सभी 272 नगरपालिका वार्डों में कम से कम दो शराब की दुकानें होनी थीं.
केजरीवाल और उनकी कैबिनेट के साथियों पर आरोप था कि आबकारी नीति को संशोधित करते समय अनियमितता बरती गई और लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ दिया गया था. इसमें साउथ के एक ग्रुप का नाम जुड़ा. आरोप ये था कि कुछ लोगों का लाइसेंस शुल्क माफ या कम किया गया था और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना एल-1 लाइसेंस बढ़ाया गया था.
इसके बाद लाभार्थियों ने आरोपित अधिकारियों को अवैध लाभ दिया और पता लगाने से बचने के लिए अपने खाते की पुस्तकों में गलत एंट्रियां दर्ज की थीं.
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श्वेतांक रत्नाम्बर पत्रकारिता जगत में 21 साल से ज्यादा का अनुभव रखते हैं. देश-दुनिया की ख़बरों को आसान भाषा में बताने में महारत रखने वाले श्वेतांक को राजनीतिक और अंतर्राष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ है…और पढ़ें
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