मिडिल ईस्ट संघर्ष: खाड़ी देशों में रह रहे 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा भारत की प्राथमिकता, दूतावासों में 24×7 हेल्पलाइन चालू – the safety of 9 million indians living in the gulf is india priority – Jagran

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ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते हालात ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। ईरान की ओर से कुछ देर के अंतराल पर खाड़ …और पढ़ें
खाड़ी देशों में रह रहे 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा भारत की प्राथमिकता (फोटो- रॉयटर)
जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते हालात ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। ईरान की ओर से कुछ देर के अंतराल पर खाड़ी के सात देशों को निशाना बनाए जाने के बीच क्षेत्र में व्यापक सैन्य टकराव की आशंका गहरा रही है।
ऐसे में इन देशों में रहने वाले करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। आपातकालीन स्थिति में भारत इस समूचे क्षेत्र से अपने नागरिकों को बाहर निकालने के विकल्प पर भी योजना बना रहा है। इस बारे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के बीच संवाद शुरू हो चुका है।
शनिवार को ईरान ने बहरीन, यूएई, कतर, सऊदी अरब, जोर्डन, कुवैत और इजरायल पर हमला किया है। इस हमले से ज्यादा जान-माल के नुकसान की खबर तो नहीं है लेकिन यह संकेत है कि ईरान इस बार युद्ध को विस्तार देने की रणनीति पर आगे बढ़ेगा। इन देशों में कार्यरत भारतीय समुदाय तेल-गैस, निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सबसे ज्यादा भारतीय यूएई (40 लाख से ज्यादा) और सऊदी अरब (27 लाख से ज्यादा) में रहते हैं। यूएई के अमेरिका और इजरायल के साथ बहुत ही अच्छे संबंध हैं जबकि सऊदी अरब अमेरिका का एक अहम रणनीतिक साझेदार देश है।
ऐसे में मौजूदा युद्ध की स्थिति अगर गंभीर होती है तो इन दोनों को ईरान की तरफ से निशाना बनाए जाने का ज्यादा खतरा है। भारत पहले भी खाड़ी क्षेत्र में युद्ध भड़कने पर अपने नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने का अभियान चला चुका है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार यदि युद्ध लंबा खिंचता है या और गंभीर रूप लेता है तो भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर भी विचार करना पड़ सकता है। इस संदर्भ में विदेश मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच प्रारंभिक स्तर पर विमर्श शुरू हो चुका है।
भारत में ईरानी दूतावास ने शनिवार को कहा कि इजरायल और अमेरिका की नीच मांगों के आगे तेहरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा। दूतावास ने कहा कि अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर हवाई हमले किए हैं, जिनमें नागरिक बुनियादी ढांचे सहित कुछ खास स्थानों को निशाना बनाया गया है। यह दुर्भावनापूर्ण कृत्य एक बार फिर वार्ता के दौरान हुआ।
दूतावास ने अपने नागरिकों को शांत रहने और इजरायल और अमेरिका के आक्रमण से सुरक्षित अन्य क्षेत्रों में यात्रा करने की सलाह दी। बयान में कहा गया, ईरान की सरकार ने समाज की सभी आवश्यक जरूरतों की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही व्यवस्था कर ली है। बुनियादी जरूरतों की आपूर्ति को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे खरीदारी केंद्रों में भीड़ न लगाएं, क्योंकि ऐसी भीड़ से संभावित जोखिम हो सकता है।

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