एजुकेशन रिपोर्टर|बेतिया
जिले के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के नाम हिन्दी के साथ-साथ अब उर्दू में भी लिखे जाएंगे। ऐसा द्वितीय राजभाषा उर्दू के प्रचार-प्रसार के मकसद से किया जा रहा है। जिलाधिकारी तरणजोत सिंह ने इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को दिशा निर्देश जारी किया है। गौरतलब हो कि अपर मुख्य सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, उर्दू निदेशालय बिहार पटना पूर्व में भी इस संबंध में समय-समय पर अधिसूचना, संकल्प, परिपत्र आदि के माध्यम से निर्देश निर्गत किए जाते रहे हैं। इसमें स्पष्ट रूप से जिले के संकेत पट्ट, पदाधिकारियों के नाम पट्ट, सरकारी कार्यालयों के नाम, सरकारी योजनाओं के बैनर, उद्घाटन-शिला पट्ट, होडिंग, सडक, सार्वजनिक भवनों के नाम हिन्दी के साथ-साथ राज्य की द्वितीय राजभाषा उर्दू में प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार हिन्दी के साथ-साथ राज्य की द्वितीय राजभाषा उर्दू के सफल कार्यान्वयन, प्रचार-प्रसार एवं प्रगति के प्रति कृत संकल्पित है। इस संदर्भ में जारी विभिन्न अधिसूचनाओं द्वारा पूरे राज्य में हिन्दी के साथ-साथ द्वितीय राजभाषा उर्दू का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। जिलाधिकारी के हाल में जारी किए गए आदेश के तहत अब सरकारी स्कूलों के साथ साथ जिला शिक्षा कार्यालय सहित जिले के सभी प्रखण्ड संसाधन केन्द्रों, संकुल संसाधन केन्द्रों, प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के नाम हिन्दी के साथ-साथ राज्य की द्वितीय राजभाषा उर्दू में प्रदर्शित किए जाएंगे। इस संबंध में जिले भर के विद्यालय प्रधानों व शिक्षा अधिकारियों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.