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आज के दिन 2 मार्च 1978 को स्विट्जरलैंड में एक अजीब घटना हुई थी. जब कब्र लुटेरों ने अभिनेता चार्ली चैपलिन का शव चोरी कर लिया था. यह शव चोरी के इतिहास की सबसे प्रसिद्ध मामलों में से एक था. दो कब्र लुटेरों ने स्विट्जरलैंड के लॉज़ेन के पास जिनेवा झील के ऊपर पहाड़ियों में स्थित कॉर्सियर-सुर-वेवे नामक स्विस गांव के एक कब्रिस्तान से सम्मानित फिल्म अभिनेता सर चार्ल्स चैपलिन का शव चुरा लिया था
इतना ही नहीं लुटेरों ने उनकी विधवा से फिरौती की रकम भी डिमांड की थी. चार्ली चैपलिन एक कॉमिक एक्टर थे, जो अपने दूसरे रूप, लिटिल ट्रैम्प के लिए सबसे ज़्यादा मशहूर थे. चैपलिन एक जाने-माने फिल्ममेकर भी थे, जिनका करियर हॉलीवुड के साइलेंट फिल्म के दौर से लेकर 1920 के दशक के आखिर में ‘टॉकीज’ (बोलने वाली फिल्म) के रूप में हुए बड़े बदलाव तक फैला हुआ था.
चैपलिन का निधन 25 दिसंबर 1977 को क्रिसमस के दिन 88 वर्ष की आयु में हुआ. दो महीने बाद, उनका शव स्विस कब्रिस्तान से चोरी हो गया. इसके बाद पुलिस जांच और दोषियों की तलाश शुरू हुई. चैपलिन की विधवा, ऊना से लगभग 600,000 डॉलर की फिरौती की मांग की गई. इसके बाद पुलिस ने उनके फोन की निगरानी शुरू कर दी और क्षेत्र के 200 फोन बूथों पर भी नजर रखना शुरू कर दिया.
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ऊना ने फिरौती देने से इनकार कर दिया.बाद में फोन करने वालों ने उनके दो सबसे छोटे बच्चों को भी धमकी दी. ऊना चैपलिन, चार्ली की चौथी पत्नी थीं (मिल्ड्रेड हैरिस, लिटा ग्रे और पॉलेट गोडार्ड के बाद) और नाटककार यूजीन ओ’नील की बेटी थीं. उनकी और चैपलिन की शादी 1943 में हुई थी, जब वह 18 साल की और वह 54 साल के थे.उनके आठ बच्चे थे.
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चैपलिन पर उनके दुश्मनों ने कम्युनिस्ट समर्थक होने का आरोप लगाया था. चैपलिन को जब पता चला कि उनकी फिल्म ‘लाइमलाइट’ के लंदन प्रीमियर के लिए अमेरिका जाते समय उन्हें दोबारा प्रवेश का वीजा नहीं दिया जाएगा, तो परिवार 1952 में स्विट्जरलैंड में बस गया था.
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