मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच सोमवार को अबू धाबी से दिल्ली और मुंबई के लिए सीमित विमान सेवाएं फिर से शुरू की गई हैं. इसी क्रम में कई विमानों ने अबू धाबी से दिल्ली और मुंबई के लिए उड़ान भरी. हालांकि, खाड़ी देशों का एयर स्पेस अब भी बेहद संवेदनशील बना हुआ है और एयरलाइंस सावधानी बरत रही हैं.
समाचार एजेंसी के अनुसार, भारत से जुड़ी यात्राएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं. सोमवार को अबू धाबी से दिल्ली के आईजीआई (इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट) पर पहुंची फ्लाइट, जहां यात्रियों ने खाड़ी क्षेत्र में वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति का वर्णन किया. इसी बीच एतिहाद एयरवेज की एक अन्य फ्लाइट अबू धाबी से मुंबई पहुंची.
यात्रियों ने सुनाया खौफनाक मंजर
अबू धाबी से दिल्ली पहुंचे यात्री शिव ने बताया कि खाड़ी देशों का आसमान इस समय मिसाइलों और रक्षा प्रणालियों की आवाजाही से भरा हुआ है.
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान मिसाइलों को लगातार हवा में ही नष्ट होते देखा जा सकता था. हालांकि, अबू धाबी के अंदर कोई बड़ा दृश्य प्रभाव नहीं था, लेकिन हवाई क्षेत्र बेहद व्यस्त और तनावपूर्ण था. विमानों की आवाजाही शुरू होने से उन यात्रियों को राहत मिली है जो पिछले कई दिनों से फंसे हुए थे.
एयरलाइंस की नई एडवाइजरी
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 3 मार्च से मस्कट के लिए अपनी सेवाएं बहाल करने की घोषणा की है जो दिल्ली, मुंबई, कोच्चि, कोझीकोड, मंगलौर, मुंबई और तिरुचिरापल्ली जैसे शहरों से कनेक्टिविटी बहाल करेगा.
वहीं, ट्रैवल प्लेटफॉर्म EaseMyTrip ने 3 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह से दिल्ली और मुंबई के लिए विशेष चार्टर विमान चलाने का ऐलान किया है जो शाम 7 बजे से 9 बजे के बीच निर्धारित हैं.
कंपनी ने कहा कि सीटें सीमित हैं और पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवंटित की जाएंगी. जरूरतमंद यात्रियों से तुरंत संपर्क करने की अपील की गई है.
एमिरेट्स ने भी सोमवार शाम से सीमित परिचालन शुरू कर दिया है, लेकिन उन्होंने यात्रियों को सख्त हिदायत दी है कि जब तक उन्हें सूचित न किया जाए, वो एयरपोर्ट न आएं. एतिहाद ने 4 मार्च दोपहर तक सामान्य यात्री उड़ानों को निलंबित रखा है.
भारतीयों की वापसी
भारत सरकार फंसे हुए लोगों की मदद के लिए सक्रिय है. इंडिगो ने 3 मार्च को जेद्दा से भारत के लिए 10 विशेष राहत उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई है.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि सोमवार को क्षेत्रीय संकट के कारण 357 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए 559 यात्रियों की शिकायतों का निपटारा किया गया है. एयर इंडिया भी क्षेत्र की स्थिति पर करीब से नजर रख रही है और फिलहाल उत्तरी अमेरिका व यूरोप के लिए अपनी सेवाएं वैकल्पिक रास्तों से जारी रखे हुए है.
ईरान पर हुए हमलों और उसके जवाब में हुई मिसाइल व ड्रोन बारिश ने पूरे मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्र को जोखिम भरा बना दिया है. कई देशों ने अपने एयरस्पेस को प्रतिबंधित कर रखा है, जिससे उड़ानों के शेड्यूल लगातार बदल रहे हैं.
एयरलाइंस का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा है. फिलहाल एयरलाइंस केवल उन्हीं उड़ानों को अनुमति दे रही हैं, जिनके लिए सरकार से सुरक्षा संबंधी मंजूरी मिल रही है. आने वाले दिनों में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ही उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाएगी.