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पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण हवाई यात्रा चौथे दिन भी बाधित रही, जिससे लाखों यात्री फंसे और हजारों उड़ानें रद हुईं। मंगलवार तक भारतीय और विदेशी ए …और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संकट ने हवाई यात्रा को चौथे दिन भी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर रखा है। ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद शुरू हुए इस बड़े उथल-पुथल ने इस क्षेत्र के कई देशों के एयरस्पेस को बंद करने पर मजबूर कर दिया है। इस वजह से लाखों यात्री फंस गए और हजारों उड़ानें रद करनी पड़ी हैं।
भारत से लेकर खाड़ी देशों तक, एयरलाइंस अब विशेष उड़ानों के जरिए भारतीय नागरिकों को निकालने में जुटी हुई हैं। बुधवार को भी यह संकट जारी रहा और एयरलाइंस ने राहत उड़ानों की संख्या बढ़ा दी है।
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के अनुसार, मंगलवार तक भारतीय एयरलाइंस की 1,221 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और विदेशी एयरलाइंस की 388 उड़ानें रद हो चुकी थीं। बुधवार को भारतीय एयरलाइंस ने 58 विशेष उड़ानें चलाने की योजना बनाई, जिसमें इंडिगो की 30 और एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की 23 उड़ानें शामिल हैं।
इंडिगो इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित एयरलाइंस में से एक है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि 28 फरवरी से अब तक 500 से ज्यादा उड़ानें रद करनी पड़ी हैं। यह संख्या काफी बड़ी है और इससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई है।
दूसरी ओर, एअर इंडिया ने मांग को देखते हुए कुछ अहम लंबी दूरी की रूट्स पर क्षमता बढ़ाने का ऐलान किया है। इसमें टोरंटो, फ्रैंकफर्ट और पेरिस जैसी जगहों के लिए अतिरिक्त उड़ानें शामिल हैं। ये अतिरिक्त सेवाएं दिल्ली से घरेलू और दक्षिण-पूर्व एशिया के नेटवर्क के लिए बेहतर कनेक्शन और लचीलापन देने के मकसद से हैं।
बहराइन, दोहा और कुवैत के एयरपोर्ट पर यात्री सेवाएं पूरी तरह से बंद हैं। एमिरेट्स और एयर अरेबिया ने बुधवार को पुष्टि की कि दुबई से आने-जाने वाली सभी नियमित उड़ानें शनिवार की आधी रात तक निलंबित रहेंगी।
एमिरेट्स ने एक्स पर पोस्ट किया कि हाल की रद उड़ानों से प्रभावित यात्री उनसे डायरेक्ट मैसेज कर सकते हैं। अगर किसी को बहुत जरूरी मदद चाहिए तो फोन करें, लेकिन कॉल पर 2-3 घंटे तक इंतजार हो सकता है। कंपनी ने कहा कि 12 मार्च या उससे पहले की बुकिंग पर बिना संपर्क किए ही रिफंड का अनुरोध किया जा सकता है।
28 फरवरी को संकट शुरू होने के दिन ही DGCA ने सभी भारतीय एयरलाइंस को एडवाइजरी जारी की थी। इसमें कहा गया कि तेहरान, तेल अवीव, बेरूत, जेद्दा, बहरीन, मस्कट, बगदाद, अम्मान, कुवैत और दोहा जैसे हाई-रिस्क जोन के एयरस्पेस से बचें। यह सलाह सुरक्षा को ध्यान में रखकर दी गई थी और एयरलाइंस इसी के अनुसार रूट बदल रही हैं या उड़ानें रद कर रही हैं।
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