ईरान ने पूरी दुनिया के मुसलमानों को संकट में डाला, मलेशिया-इंडोनेशिया की उड़ी नींद; सऊदी का भी माथा 'ठनका' – Zee News

Middle East War: रमजान के दौरान मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से सऊदी अरब में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. एयरस्पेस असुरक्षित होने से हजारों हज और उमराह यात्री फंस गए हैं. उड़ानें रद्द हो रही हैं और इंडोनेशिया-मलेशिया समेत कई देशों के नागरिकों की वापसी मुश्किल हो गई है.
Middle East War: मुसलमानों का सबसे पवित्र महीना रमजान चल रहा है, रमजान के दौरान पूरी दुनिया के मुसलमान मिडिल ईस्ट में सऊदी अरब जाते हैं, जहां मक्का-मदीना है. मक्का और मदीना मुसलमानों का सबसे पवित्र स्थल है. इस्लामिक धर्मग्रंथों में कहा गया है कि शारीरिक और आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति को जीवन में एक बार मक्का-मदीना जरूर जाना चाहिए. इस प्रक्रिया को आमतौर पर हज करने जाना कहा जाता है. वर्तमान में हज यात्री ईरान के कारण मुश्किल में फंस गए हैं. क्योंकि ईरान मिसाइल और ड्रोन से सऊदी अरब में हमला कर रहा है. 
सऊदी अरब में दुनिया भर के मुसलमान फंस चुके हैं. क्योंकि एयरस्पेस खतरे से खाली नहीं है. धार्मिक यात्रा पर गए लोग वहां अब वापसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इसके बड़ी संख्या में लोगों ने हज की योजना को रद्द कर कर रहे हैं.  
सऊदी अरब को दो तरफा नुकसान
सऊदी अरब को ईरान के हमले से दो तरफा नुकसान हो रहा है. पहला की ईरानी मिसाइलों के हमले से इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान हो रहा है. देश के स्वाभिमान को झटका लगा है. वहीं दूसरी तरफ हज-उमराह के लिए दुनिया भर से लोग सऊदी आते हैं, जिससे सऊदी अरब के पर्यटन को फायदा मिलता है. तेल के अलावा सऊदी अरब की आर्थव्यवस्था का दूसरा सबसे बड़ी सोर्स पर्यटन है. 
मिडिल ईस्ट की जंग से इंडोनेशिया पर मुसीबत
सऊदी अरब में हज-उमराह करने गए लोगों में सबसे अधिक इंडोनेशिया के नागरिक है. इंडोनेशियाई हज-उमराह मंत्री दहनिल अंजर सिमनजंतक के अनुसार, 58860 इंडोनेशिया के नागरिक सऊदी अरब में फंस गए हैं. सरकार को अपने नागरिकों की सुरक्षा, सुरक्षित वापसी और सऊदी में उनके सर्वाइव के लिए काफी खर्च करना पड़ रहा है. होटलों में फंसे नागरिकों और उड़ानों के खर्च को कम करने के लिए इंडोनेशिया की सरकार सऊदी एयरलाइंस के अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही है. इसके 60 हजार अन्य लोगों को उमराह-हज को अप्रैल तक टालने का आग्रह किया है.  
सऊदी में फंसे जनिराह फारिस ने बताया कि उनकी वापसी की फ्लाइट 12 मार्च को थी, लेकिन युद्ध की स्थिति को देखते हुए फ्लाइट कैंसिल कर दी गई है. उन्होंने सरकार से होटलों और खाने के खर्च के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि हर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं उठा सकता है.  
मलेशिया का कूटनीतिक और बचाव अभियान
जेद्दा में मलेशिया के महावाणिज्य दूत मोहम्मद दजराफ रजा अब्दुल कादिर ने बताया कि यहां करीब 1600 मलेशियाई उमराह यात्री फंसे हुए हैं, हालांकि सभी सुरक्षित हैं. मदद के लिए 24 घंटे हेल्प डेस्क चल रही है.  मलेशिया एयरलाइंस ने फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए रविवार तक जेद्दा और मदीना से वापसी सेवाओं को अस्थायी रूप से किया है.  सरकार कूटनीतिक मिशनों और एयरलाइंस के साथ मिलकर निकासी के प्रयास कर रही है.
सऊदी में हालात खराब
सऊदी अरब इस समय एयर डिफेंस से ईरानी मिसाइलों से निपटने में लगा है. हालांकि इसमें सऊदी का हाथ मजबूत अमेरिका कर रहा है. सऊदी का मानना था कि ईरान सिर्फ अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला करेगा, लेकिन ईरान सऊदी की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी आरमको को निशाना बनाया. इसके अलावा यूएस अंबेसी और एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया है. इससे सऊदी कन्फ्यूज है, कि काउंटर अटैक करें या नहीं. 
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सौरभ पाल का नाता उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय- इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से की है. सौरभ को लिखने-पढ़ने का शौक है. …और पढ़ें
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