PM मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बात, हालात पर जताई चिंता, बातचीत-डिप्लोमेसी – ABP News

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया, मैंने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से क्षेत्रीय गंभीर स्थिति पर चर्चा करने के लिए बातचीत की. मैंने तनाव बढ़ने, नागरिकों की जान जाने और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की.
पीएम मोदी ने बातचीत-डिप्लोमेसी की अपील की
पीएम मोदी ने बताया, ‘भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा के निर्बाध परिवहन की आवश्यकता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है. मैंने शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और संवाद, कूटनीति का आग्रह किया.’
मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब ग्लोबल ऑयल मार्केट पर साफ-साफ दिखाई देने लगा है. भारत में एलपीजी गैस की कमी की संभावना को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बयान दिया. उन्होंने कहा, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से 20 फीसदी आवाजाही प्रभावित है. देश में अभी पर्याप्त गैस है. गैस सिलेंडर को लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है.’ 
एलपीजी को लेकर पैनिक क्रिएट करने की कोशिश: पीएम मोदी
भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडर के लिए लोग लंबी लाइन में खड़े नजर आए. पीएम मोदी ने कहा कि मुझे 140 करोड़ भारतीयों पर पूरा भरोसा है कि कोविड काल की तरह हम इस संकट से भी उबर जाएंगे. पीएम मोदी ने कहा, ‘कुछ लोग एलपीजी को लेकर पैनिक क्रिएट करने की कोशिश कर रहे हैं. बिना कोई राजनीतिक मुद्दा उठाए मैं कहूंगा कि वे खुद को बेनकाब कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न मौजूदा संकट से निपटने में हर किसी की महत्वपूर्ण भूमिका है- चाहे वह राजनीतिक दल हों, मीडिया हो, युवा हों, शहर हों या गांव हों.’
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रणनीतिक शिपिंग से भारतीय ध्वज वाले लगभग 28 व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने को लेकर ईरान के साथ संपर्क में है. ईरान ने पिछले चार-पांच दिन में भारतीय ध्वज वाले किसी भी कमर्शियल टैंकर को होर्मुज रूट से गुजरने की इजाजत नहीं दी है.
होर्मुज रूट पर भारतीय ध्वज वाले शिप
शिपिंग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, वर्तमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में भारतीय ध्वज वाले कुल 24 जहाज 677 भारतीय नाविकों के साथ मौजूद हैं, जबकि रणनीतिक जलमार्ग के पूर्व में 101 भारतीय नाविकों वाले चार जहाज तैनात हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया, ‘हाल के दिनों में विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच तीन बार बातचीत हुई है. आखिरी वार्ता में शिपिंग सिक्योरिटी और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई. इससे आगे कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.’
Source: IOCL
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