प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के रिलायंस एडीए ग्रुप की 581 करोड़ रुपए की नई संपत्ति अटैच की है। इसमें देशभर के 13 राज्यों की कंपनी की जमीन शामिल है।
यह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस के खिलाफ फेमा मामले में हुई है। इन कंपनियों द्वारा बैंकों से लिया 11 हजार करोड़ का कर्ज एनपीए हो गया था।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रदर्शनों पर एक महीने की रोक, हाईकोर्ट ने पूछा- शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कैसे रोक सकते हैं
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन के उस आदेश पर सवाल उठाया है, जिसमें परिसर में एक महीने तक सभी प्रकार के प्रदर्शनों पर रोक लगाई गई थी। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि किसी कानून का उल्लंघन होने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है, लेकिन पूरी तरह से विरोध प्रदर्शन पर रोक ठीक नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि यदि कोई शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा है तो उसे रोका नहीं जा सकता। साथ ही धारा 144 लगाने के आदेश पर भी अदालत ने सवाल उठाए।
हाईकोर्ट ने कहा कि वो इस मामले पर सुनवाई केवल इसलिए कर रहे हैं कि ये संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति के अधिकारों का मामला है, लेकिन इन अधिकारों का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। अदालत ने छात्रों को भी संयम बरतने की सलाह दी और मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को तय की।
नाबालिग बच्चों को यूके भेजने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने दो नाबालिग बच्चों को यूनाईटेड किंगडम वापस भेजने का आदेश देने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर बच्चे अपनी मां के साथ रह रहे हैं, तो इसे आम तौर पर गैर-कानूनी हिरासत नहीं माना जा सकता। दोनों बच्चे यूनाइटेड किंगडम में पैदा हुए नागरिक हैं और अगस्त 2023 में अपनी मां के साथ भारत आए थे। तब से वे दिल्ली में रह रहे हैं।
जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेजा की बेंच ने ब्रिटिश नागरिक यासिर अयाज की हैबियस कॉर्पस याचिका का निपटारा किया। यासिर अयाज ने मांग की थी कि यूनाइटेड किंगडम की फैमिली कोर्ट के आदेश के अनुसार बच्चों को अदालत में पेश किया जाए और उन्हें वापस ब्रिटेन भेजा जाए।
लेकिन अदालत ने यह मांग स्वीकार नहीं की और बच्चों को उनकी मां के साथ भारत में रहने की अनुमति दे दी।
तेलंगाना सीएम रेड्डी बोले- सरकार राज्य में 1.15 करोड़ परिवारों को लाइफ इंश्योरेंस देने पर विचार कर रही
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना सरकार राज्य के लगभग 1.15 करोड़ परिवारों को लाइफ इंश्योरेंस देने पर विचार कर रही है, ताकि गरीब लोगों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सके। उन्होंने बताया कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दे रही है।
इसके अलावा 65 लाख महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों के लिए डिजिटल हेल्थ कार्ड लाने की योजना है, जिससे महिलाओं का स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और डॉक्टरों को इलाज शुरू करने में आसानी होगी। इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संगारेड्डी जिले से की जाएगी।
सीएम रेड्डी ने यह भी बताया कि सरकार नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक को स्कूली शिक्षा मानने का फैसला कर रही है और शहरी क्षेत्रों में बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए मुफ्त या आधी कीमत पर परिवहन सुविधा दी जाएगी।
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