उत्तर प्रदेश में माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ चलने वाला ‘बुलडोजर’ जब खुद भाजपा के कद्दावर नेता और मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल की दहलीज पर पहुंचा तो सियासत गरमा गई। मेयर विनोद अग्रवाल ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को एक भावुक और कड़ा पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना किसी नोटिस और बिना सुनवाई का मौका दिए उनकी करीब 55 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त कर दिया। इससे उन्हें 75 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। मेयर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही एक पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को भी लिखा है।
मेयर विनोद अग्रवाल ने प्रदेश अध्यक्ष को लिखे पत्र में अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वह पिछले 40 वर्षों से संघ और भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं और 15 वर्षों से महापौर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने पत्र में लिखा, “अधिकारियों ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत कार्य किया है। यदि इंडस्ट्रियल लैंड यूज की जमीन पर इस तरह की दमनकारी कार्यवाही होगी, तो हम आगामी विधानसभा चुनावों में कार्यकर्ताओं के बीच किस मुंह से जाएंगे और उनका मनोबल कैसे बढ़ाएंगे?”
मेयर ने मुरादाबाद के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सदर, राममोहन मीणा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्यवाही सर्वोच्च न्यायालय के उन दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है, जिसमें किसी भी निर्माण को ढहाने से पहले कम से कम 15 दिन का नोटिस देना अनिवार्य है। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया कि उनके साथ-साथ भाजपा नेता अमित चौधरी की संपत्ति पर भी बिना विधिक प्रक्रिया पूर्ण किए बुलडोजर चलाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर अविश्वास जताते हुए मेयर ने मांग की है कि उनकी भूमि की पैमाइश मुरादाबाद के बजाय किसी अन्य जिले के एसडीएम से कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें स्थानीय लेखपाल और प्रशासन से न्याय की उम्मीद नहीं है। यह मामला अब केवल एक अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर ‘कार्यकर्ता बनाम अधिकारी’ की जंग का रूप ले चुका है। मुरादाबाद के गलियारों में चर्चा है कि प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में हुई एक बैठक के ठीक बाद यह कार्यवाही की गई, जिससे मेयर बेहद आहत हैं।
धीमरी में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय के लिए जिला प्रशासन ने पांच एकड़ जमीन आवंटित की है। कुछ दिन पहले विद्यालय का निर्माण करने के लिए आई एजेंसी यूपीसीएल के प्रबंधक ने जिला प्रशासन को बताया कि विद्यालय की जमीन पर कब्जा है। गुरुवार को एसडीएस सदर के नेतृत्व में पहुंची राजस्व की टीमों ने पैमाइश करने के बाद रोड के दोनों तरफ की बाउंड्री वॉल को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। कार्रवाई का मेयर विनोद अग्रवाल ने विरोध जताया था। आरोप लगाया था कि प्रशासन ने उनकी भी बाउंड्री वॉल और एक कमरे को ध्वस्त कर दिया है। डीएम ने राजस्व, चकबंदी और निगम की टीमों को त्रिस्तरीय पैमाइश करने के निर्देश दिए। शनिवार को भी जमीन की पैमाइश की कार्रवाई जारी रही। स्कूल की जमीन की सीमा निर्धारित हो गई। इस बीच मेयर ने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर गुहार लगाई है।
योगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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