पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से ऐन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। राज्य सरकार ने हिंदू पुरोहितों और मुस्लिम मुअज्जिनों के मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। अब तक इन धार्मिक सेवादारों को ₹1500 प्रति माह मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब ₹2000 कर दिया गया है। राजनीतिक गलियारों में इसे चुनाव से पहले सभी वर्गों को साधने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ जहाँ बीजेपी बंगाल में 15 साल की ममता सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, वहीं दीदी ने इस घोषणा के जरिए यह साफ कर दिया है कि वह चुनावी मैदान में किसी भी मोर्चे पर पीछे नहीं हटने वालीं। अब देखना यह होगा कि इस फैसले का बंगाल की जनता और आने वाले चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ता है।
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