मिडिल ईस्ट में चल रहे अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध (Israel Iran War) का आज 17वां दिन है. ईरान ने इजरायल पर हमले और तेज कर दिए हैं. यहां तक कि ईरान ने पहली बार सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है, जिसे ‘डांसिंग मिसाइल’ भी कहते हैं. यह मिसाइल सॉलिड फ्यूल से चलती है, जिसकी रेंज 2,000 से 2,500 किलोमीटर तक है और हाई एल्टीट्यूड पर मैन्यूवर करके इजरायल के आयरन डोम जैसे डिफेंस को चकमा दे सकती है.
ईरान के IRGC ने इसे तेल अवीव और सेंट्रल इजरायल के मिलिट्री टारगेट्स पर दागा. कुछ मिसाइलें इंपैक्ट हुईं, जहां बिल्डिंग्स और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा, लेकिन बड़े पैमाने पर मौतों की अभी कन्फर्म रिपोर्ट नहीं आई. इजरायल की डिफेंस ने कई मिसाइल्स को रोका, लेकिन हमला बड़ा एस्केलेशन माना जा रहा है.
इजरायली हमले में बच्चों और गर्भवती महिला समेत हजारों मौतें
दूसरी तरफ, इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले जारी रखे हैं. इजरायल ने तेहरान, हमदान, इस्फहान और वेस्टर्न इलाकों में एयरस्ट्राइक्स किए, जिसमें ईरान के एयर डिफेंस साइट्स, इंडस्ट्रियल जोन्स और ड्रोन/मिसाइल बनाने वाली फैसिलिटी को टारगेट किया गया. अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल प्रोडक्शन अब ‘फंक्शनली डिफीटेड’ हो गई है और उनके पास कोई एयर डिफेंस बचा नहीं है. इजरायल के स्पोक्सपर्सन ने बताया कि ईरान में अभी भी हजारों टारगेट्स बाकी हैं और कैंपेन कम से कम 3 हफ्ते और चलेगा. इजरायल ने गाजा पट्टी में भी हमले किए, जिसमें छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पुलिसवाले मारे गए.
दुबई और खाड़ी देशों में हमले बढ़े
ईरान ने दुबई (Dubai) समेत कई गल्फ देशों में अमेरिकी बेस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ड्रोन और मिसाइल अटैक्स बढ़ा दिए हैं. आज सुबह दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) के पास एक ड्रोन अटैक से फ्यूल टैंक में भीषण आग लग गई. दुबई मीडिया ऑफिस ने कन्फर्म किया कि आग अब कंट्रोल में है, कोई घायल नहीं हुआ. सेफ्टी के लिए सभी फ्लाइट्स टेम्परेरी सस्पेंड कर दी गईं, एयरपोर्ट रोड और टनल बंद रहे. यह दुबई एयरपोर्ट पर हाल के दिनों का तीसरा ऐसा इंसिडेंट है. ईरान UAE को चेतावनी दे रहा है कि अमेरिकी बेस इस्तेमाल करने की सजा मिलेगी.
ट्रंप का दावा- ईरान को जंग में हरा चुके
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने फिर कहा कि ईरान मिलिट्री से हार चुका है और अब बातचीत करना चाहता है, लेकिन तैयार नहीं लगता. उन्होंने दुनिया के देशों से अपील की कि हॉर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने में मदद करें, क्योंकि चीन को 90% तेल यहीं से मिलता है. ट्रंप ने NATO और ब्रिटेन को चेतावनी दी कि अगर मदद नहीं की तो ‘बहुत बुरा फ्यूचर’ होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने खार्ग आइलैंड को पूरी तरह तबाह कर दिया है और ईरान की मिसाइल/ड्रोन क्षमता 20% रह गई है. ईरान के फॉरेन मिनिस्टर अब्बास अराघची ने ट्रंप के दावों को खारिज किया और कहा कि ईरान सेल्फ-डिफेंस जारी रखेगा, कोई सीजफायर नहीं जब तक अमेरिका-इजरायल अटैक्स बंद नहीं करते.
मिडिल ईस्ट जंग में क्या-क्या हुआ?
लेबनान में इजरायल के हमलों से 8.31 लाख लोग बेघर हो चुके हैं. ईरान ने इजरायली फ्यूल डिपो पर हमलों को ‘इकोसाइड’ कहा है. UAE ने सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाने के लिए 35 लोगों (जिनमें 19 भारतीय) को अरेस्ट किया. अब तक कुल मौतें 2,000 से ज्यादा हो चुकी हैं, जिसमें ज्यादातर हिस्सा ईरान का है.
यह युद्ध 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था, जब अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले किए और सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई समेत कई टॉप लीडर्स मारे गए. अब ईरान काउंटर-अटैक्स में एडवांस्ड वेपन्स इस्तेमाल कर रहा है, जबकि अमेरिका-इजरायल कह रहे हैं कि जंग जल्द खत्म होगी. लेकिन स्थिति अभी भी बहुत टेंशन वाली है. तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, गैस की किल्लत (LPG Crisis) हो रही है, गल्फ में ट्रैवल मुश्किल हो गया है. दुनिया भर में चिंता है कि यह जंग और फैल सकती है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Hormuz Strait) बंद है, जिसका असर भारत में भी दिख रहा है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अब अमेरिका का कंट्रोल है. उन्होंने दावा किया कि यूएस ने ईरानी नौसेना के 100 से ज्यादा जहाजों को समंदर में डुबो दिया है. यूएस प्रेसिडेंट ने कहा कि हमने ईरान पर 7 हजार से ज्यादा टारगेट तबाह किए. इसके बाद ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइल दागने में 90 फीसदी कमी आई है, जबकि ड्रोन हमले 95 फीसदी से भी कम हो गए हैं.
ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने मुस्लिम देशों को संदेश देते हुए कहा है कि ईरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपनी लड़ाई में ‘दृढ़’ बना हुआ है. लारीजानी ने ईरान पर हुए हमले के दौरान मुस्लिम बहुल देशों से मिले समर्थन की कमी पर निराशा जताई. उन्होंने कहा, ‘कुछ देशों ने तो हद ही कर दी है, उन्होंने ईरान को अपना शत्रु घोषित कर दिया है, सिर्फ इसलिए कि उसने अपने ही क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों, अमेरिकी और इजरायली हितों को निशाना बनाया.’
लारीजानी ने कहा कि जब पड़ोसी देशों में अमेरिकी ठिकाने मौजूद हैं तो ईरान से ‘हाथ बांधकर चुपचाप बैठे रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती.’
Source: IOCL
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