जिले के नकुलनार स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस की हालत बद से बदतर हो चुकी है। करोड़ों खर्च के दावों के बीच यह भवन आज खंडहर जैसा नजर आ रहा है। यहां न तो कोई अटेंडर तैनात है और न ही अतिथियों के ठहरने-खाने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। स्थानीय लोगों के अन
अतिथियों को ठहरने से पहले चाबी ढूंढने की परेशानी उठानी पड़ती है। गर्मी के मौसम में न तो एसी की व्यवस्था है और न ही पंखे ठीक से काम करते हैं। सूत्रों का दावा है कि रेस्ट हाउस के नाम पर कई बार मरम्मत और उपकरणों के लिए राशि निकाली जा चुकी है, लेकिन जमीनी स्थिति में कोई सुधार नजर नहीं आता। जिले में बारसूर, कटेकल्याण और नकुलनार में बने रेस्ट हाउस भी जिला मुख्यालय को छोड़कर बदहाल स्थिति में हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द सुधार की मांग की है।
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