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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व एफबीआई निदेशक रॉबर्ट मुलर के निधन पर बेहद तीखी और विवादास्पद प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि अच्छा हुआ कि वह मर गया, अब वह निर्दोष लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा.
दरअसल, मुलर के परिवार ने शनिवार को एक बयान में कहा, ‘गहरे दुख के साथ हम ये खबर साझा कर रहे हैं कि बॉब शुक्रवार रात को निधन हो गया.’ परिवार ने ये जानकारी समाचार एजेंसी एपी को दी थी. रिपोर्ट्स के अनुसार, मुलर लंबे वक्त से पार्किंसंस रोग से पीड़ित थे और उनकी उम्र 81 वर्ष थी.
वहीं, परिवार के बयान के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने मुलर के निधन पर विवादास्पद प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘रॉबर्ट मुलर का निधन हो गया. अच्छा हुआ, मुझे खुशी है कि वह मर गए. अब वह निर्दोष लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा सकते!’
मुलर ने साल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के अभियान और रूस के बीच संभावित मिलीभगत की 22 महीनों तक गहन जांच की थी. जिसे ट्रंप शुरू से ही ‘विच हंट’ (अन्यायपूर्ण जांच) बताते थे. मुलर की 448 पन्नों की रिपोर्ट में ट्रंप अभियान और रूस के बीच संपर्कों का जिक्र तो था, लेकिन किसी आपराधिक साजिश का आरोप नहीं लगाया गया था. मुलर ने ये भी साफ किया था कि न्याय विभाग की नीति के कारण वे पद पर बैठे राष्ट्रपति के खिलाफ कार्रवाई का फैसला नहीं ले सकते. हालांकि, इस जांच के दौरान ट्रंप के कई सहयोगियों और रूसी अधिकारियों समेत 34 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए थे.
बता दें कि रॉबर्ट मुलर का कार्यकाल अमेरिकी सुरक्षा इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है. उन्हें राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने नामांकित किया था और उन्होंने एफबीआई को केवल एक कानून प्रवर्तन एजेंसी से बदलकर आतंकवाद विरोधी बल में तब्दील कर दिया. साल 2013 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें 2017 में फिर से सार्वजनिक सेवा के लिए बुलाया गया था. मुलर की जांच ने अमेरिकी राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया था, जिससे कई डेमोक्रेट्स को उम्मीद थी कि ट्रंप पर आपराधिक आरोप लगेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
कौन थे रॉबर्ट मुलर
रॉबर्ट स्वान म्यूएलर III का जन्म 7 अगस्त 1944 को न्यूयॉर्क में हुआ था. वो वियतनाम युद्ध में सैनिक के रूप में सेवा दे चुके थे और उन्हें पर्पल हार्ट से सम्मानित किया गया था. साल 2001 में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने उन्हें एफबीआई निदेशक नियुक्त किया था. उनका कार्यकाल 11 सितंबर के हमलों से ठीक एक सप्ताह पहले शुरू हुआ था. उन्होंने एफबीआई को एक सामान्य कानून प्रवर्तन एजेंसी से आतंकवाद-विरोधी बल में बदलने का श्रेय दिया जाता है. उनका 12 साल का कार्यकाल (2001-2013) दोनों पार्टियों के राष्ट्रपतियों – रिपब्लिकन जॉर्ज डब्ल्यू. बुश और डेमोक्रेट बराक ओबामा के दौरान चला. 2013 में रिटायर होने के बाद 2017 में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के उच्च अधिकारी ने उन्हें स्पेशल काउंसल नियुक्त किया, ताकि 2016 के चुनाव में ट्रंप अभियान और रूस के बीच कथित अवैध समन्वय की जांच हो सके.
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